The Hidden Microcap Winning The Power Boom Sadhan Analysis
read summary →TITLE: The “Hidden” Microcap Winning the Power Boom! Sadhan Analysis CHANNEL: Sadhan DATE: 2026-04-24 ---TRANSCRIPT--- आज के वीडियो में आप जानेंगे की हम लोगों ने क्या थीसिस सोच कर के एक ऐसे छोटे ट्रांसफार्मर मेकर में इन्वेस्ट की थी जो आज की डेट में सिक्स एक्स हो चुका है। दोस्तों हम लोगों ने मे 2023 में 990 के प्राइस पे ये माइक्रो कैप में इन्वेस्ट किया था और किसी स्टॉक को या थीम को अर्ली स्पॉट करना इज एन आर्ट। वी एट साधन प्रैक्टिस एव्री डे और इसीलिए मैं आपके साथ डिकोड करना चाहता हूं हम लोगों ने उस स्टॉक पे क्यों पोजीशन ली थी। क्या तरीका होता है एक मल्टीबैगर को अर्ली आईडेंटिफाई करने का। शिलचर टेक्नोलॉजी जो की एक माइक्रो कैप है उसमें हम लोगों ने किस हद तक जाकर के ड्यू डिलिजेंस की और हमारा इन्वेस्टमेंट थीसिस क्या था, एंटी थीसिस पे हमने कितने टाइम स्पेंड की, ये सारी चीजें आपको इस वीडियो के माध्यम से पता चलेंगी। सो ये एक ऐसा सेक्टर है जहां पे अगर कोई सही टाइम पे समझ जाता है सेक्टर को देन वहां पे मल्टीबैगर बड़ी ही आसानी से बनाए जा सकते हैं। सो शिलचर टेक्नोलॉजी इज बेसिकली इन टू द मैन्युफैक्चरिंग ऑफ ट्रांसफार्मर्स। इसमें खास बात ये थी इन्वेस्टमेंट थीसिस में व्हेन आई मेड दैट टाइम आई हैड FY22 नंबर्स। सो डोमेस्टिक सेल्स वॉज रफली 75% एंड एक्सपोर्ट वॉज 25%। थिंग्स हैव चेंज्ड अभी 60% डोमेस्टिक हो गया है एंड एक्सपोर्ट हैव गॉन टू 40%। सो दैट इज वन थिंग व्हिच हैव चेंज्ड। प्रोडक्ट लाइन में चेंज ये है की they have themselves told in their annual report that they are into manufacturing of distribution transformers। डिस्ट्रीब्यूशन ट्रांसफार्मर जो होता है वो लो एंड वाला ट्रांसफार्मर होता है। मतलब की अगर हम मार्जिन टर्म्स में बात करें तो सबसे ज्यादा मार्जिन जो होता है वो ट्रांसमिशन ट्रांसफार्मर में होता है और डिस्ट्रीब्यूशन में कम होता है। तो डिस्ट्रीब्यूशन बेसिकली दिल्ली में ही कम से कम सौ मैन्युफैक्चरर होंगे जो दिल्ली एनसीआर में जो डिस्ट्रीब्यूशन ट्रांसफार्मर बना रहे होंगे। सो सो देयर आर मेनी प्लेयर्स एंड दिस इज नॉट वेरी डिफिकल्ट टू मैन्युफैक्चर। सो डिस्ट्रीब्यूशन ट्रांसफार्मर में देयर इज ह्यूज सप्लाई एंड दैट्स व्हाई प्राइसिंग इज लोअर। तो पहले वो डिस्ट्रीब्यूशन ट्रांसफार्मर में थे बट नाउ दे हैव स्पेशलाइज्ड इन टू रिन्यूएबल ट्रांसफार्मर, सोलर ट्रांसफार्मर व्हिच इज अ वन नॉच अबव डिस्ट्रीब्यूशन ट्रांसफार्मर व्हिच इज स्लाइटली कॉम्प्लेक्स। बट द रेंज से आपको पता नहीं चलेगा 5 KVA टू 3000 KVA। सो रेंज वही है बट नेचर ऑफ ट्रांसफार्मर हैव चेंज्ड फ्रॉम डिस्ट्रीब्यूशन टू रिन्यूएबल ट्रांसफार्मर। यहां पैरेलली CG पॉवर का दिया हुआ था तो इनका रेंज 5 KVA टू 3000 KVA था। CG पॉवर व्हिच इज अ मार्केट लीडर उनका रेंज जो है वो 3 KVA टू 500 MVA है। काइंड ऑफ सिमिलर है मतलब CG पॉवर के जितना इनका भी 3.3 KV टू 33 KV क्लास में है। जो बॉक्स में है दिस इज CG पॉवर का नंबर। सो कंपेयरेबल इनका नंबर था। तो दैट्स हाउ आई फाउंड आउट दैट दिस कंपनी इज हैविंग अ वाइड रेंज ऑफ प्रोडक्ट व्हिच इज कंपेयरेबल टू द मार्केट लीडर। सो मैंने सोचा की हां ये ढंग की कंपनी है। इट्स नॉट जस्ट एव्री अदर कंपनी। सो इनकी कैपेसिटी जो थी वो 4000 MVA की थी व्हिच वॉज लास्ट डेवलप की गई थी FY18 में। FY18 के बाद उन्होंने कैपेक्स किया था और 2023 तक 4000 MVA थे। उस समय उन्होंने कहा की थोड़ा अर्ली डेज था सोलर एंड विंड ट्रांसफार्मर के लिए फॉर रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर बट फोकस वॉज देयर। देन बिज़नेस मॉडल ऑफ कंपनी स्ट्रेसेस ऑन फोकसिंग मोर ऑन कस्टमर विथ नीड ऑफ हाई क्वालिटी। सो दिस दिस वॉज वेरी इम्पॉर्टेंट। दे वर फोकस ऑन कस्टमर हू हैव अ फोकस ऑन हाई क्वालिटी दैट्स व्हाई दे कुड पे हायर। एंड ऑल्सो इन एक्सपोर्ट मार्केट मेजर पोर्शन ऑफ सेल्स वॉज कमिंग फ्रॉम आयल एंड गैस सेगमेंट बट दिस हैज़ चेंज्ड नाउ। अभी मैंने कॉन कॉल अटेंड की थी तो उसमें ये सिचुएशन चेंज हो गई है अब आयल एंड गैस इज़ हार्डली 10% ऑफ देयर ओवरऑल थिंग। एक्सपोर्ट में भी मेजर पोर्शन इज़ नॉट आयल एंड गैस। द कंपनी हैज़ कंसंट्रेटेड ऑन कैटरिंग नीड्स ऑफ रिन्यूएबल एनर्जी दैट्स ट्रू। इन्क्लूडिंग सोलर एंड विंड एंड इन लोकल मार्केट व्हेयर इन द कंपनी हैज़ बीन एन्जॉयिंग कमेंडेबल पोजीशन। दिस इज़ स्टिल ट्रू। सो दिस वॉज़ माय इन्वेस्टमेंट थीसिस। एंड आई हैड गिवन सम सजेस्टेड बैकिंग टू दिस थीसिस बाय सेइंग दैट देयर वॉज़ अ ट्रांसफार्मर शॉर्टेज इन यूएसए। उस समय ही था एंड दैट शॉर्टेज इज़ स्टिल कंटिन्यूइंग। दैट्स व्हाई उनका एक एक्सपोर्ट का नंबर हैज़ गॉन अप। सो दिस दिस थीसिस हैज़ प्लेड आउट, इज़ स्टिल प्लेइंग आउट। क्यों हो रहा है ट्रांसफार्मर शॉर्टेज इन यूएसए? इट इज़ लिंक्ड टू द राइज़ इन ईवी अडॉप्शन। क्योंकि वहां पे ईवी इज़ द फास्टेस्ट ग्रोइंग सेगमेंट देयर। सो उसके कारण हायर द नंबर ऑफ ईवी विल क्रिएट पावर शॉर्टफॉल इन यूएस ग्रिड। क्योंकि ईवी पावर जो है ईवी रिक्वायर्स मच मोर पावर। और वहां तो काफी पावरफुल कार का फैशन भी है तो वहां की जो कार्स होती है दैट आर मच मोर पावरफुल। रोड भी बड़े-बड़े हैं, चौड़े लंबे-चौड़े हैं। तो वहां पे पावरफुल ईवीज़ के कारण पावर की शॉर्टेज हो गई है। बिकॉज़ उनका जो ग्रिड है वो 1950s का ग्रिड है। 1950s के बाद उन्होंने ग्रिड में इन्वेस्ट ही नहीं किया था। सो सत्तर साल के बाद अब ऑब्वियसली कोई चीज़ ऑबसोलीट हो जाएगी। तो वहां पे उस ग्रिड को अपग्रेड करने के लिए दे नीडेड ट्रांसफार्मर्स। एंड दैट्स व्हाई सम सम डिस्ट्रीब्यूशन ट्रांसफार्मर एंड सम काइंड ऑफ ट्रांसफार्मर बट वो हर किसी का ट्रांसफार्मर वो नहीं ले लेंगे। दे नीडेड अ सर्टिफिकेशन एंड दैट्स व्हाई दिस कंपनी हैड सर्टिफिकेशन रिक्वायर्ड टू सेल इन यूएस। दैट्स व्हाई आई वॉज़ इंटरेस्टेड इन टू दिस कंपनी। द एंटायर डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम ऑफ यूएसए विल इनएविटेबली बी रिबिल्ट। एक्ज़िस्टिंग कंडक्टर एंड ट्रांसफार्मर जस्ट आरनट बिग इनफ फॉर द इंक्रीज़ इन लोड। सो दैट्स व्हाई अपार इंडस्ट्री जो कंडक्टर बनाती है वहां पे भी काफी वॉल्यूम आ रहा है। और ट्रांसफार्मर में हम शिलचर के थ्रू बेनिफिट कर रहे हैं। दैट इज़ फ्रॉम द यूएस एंगल। यूएस इज़ गिविंग अस अपॉर्चुनिटी टू डू वेल थ्रू इंडियन कंडक्टर मैन्युफैक्चरर्स, इन्वेस्टिंग इन टू कंपनीज़ लाइक अपार एंड ट्रांसफार्मर में शिलचर। सो ये यूएस प्लस इंडियन रिन्यूएबल एनर्जी, दोनों थीम्स आर प्लेइंग आउट। मैंने इस एक इम्पोर्ट-एक्सपोर्ट का डाटा दिया था व्हिच इज़ नॉट रिलेवेंट नाउ। फिर मैंने एक ये बताया था की दिस कंपनी हैज़ इम्प्रूव्ड देयर वर्किंग कैपिटल साइकिल। सो यू कैन सी बाइ मार्च 2023 देखोगे की कोविड को अगर माइनस कर दें, तो कोविड के पहले 97 डेज़ का इनका था साइकिल 97 50 डेज़ का। अब वो फिर वापस 96 पे आ गया था मार्च 23 में। तो बीच में कोविड में उनकी प्रॉब्लम हुई थी बिकॉज़ एक्सपोर्ट-इम्पोर्ट वॉज़ ट्रिकियर, लॉन्गर जेस्टेशन पीरियड एंड ऑल। सो वहां पे इनको कैश कन्वर्ज़न में दिक्कत हो रही थी। बट दे हैव कम बैक ऑन ऑन ट्रैक। ऑल्सो देयर वॉज़ अ स्ट्रॉन्ग ग्रोथ इन टॉप लाइन एंड ऑपरेटिंग प्रॉफिट। तो FY22 में दे वर मेकिंग सेल्स ऑफ 36, 32, 46 फिर 66 करोड़्स। बट वो सडन जंप हुआ इन इन FY23। 57, 60, 68, 95। अराउंड 100 का नंबर वो पिछले साल कर रहे थे। मतलब पीक नंबर मैं बोल रहा हूँ क्वार्टरली नंबर्स। ऑपरेटिंग प्रॉफिट हैज़ गॉन अप फ्रॉम पाल्ट्री वन टू 5 6 करोड़ से 10 टू 20 के रेंज में आ गया है। मतलब डबल ट्रिपल का जंप ऑपरेटिंग प्रॉफिट में हो रहा है। उस समय मैंने जो साधन का ROIC शिफ्ट फ्रेमवर्क है जिसमें बहुत ही सुंदर से तरीके से ये निकल रहा है। दिस इज आइडियल कैंडिडेट। जिसमें ये जो ब्लू कलर में है दिस इज ब्लू कलर में इज माय FY23 का ROIC। सो एक कंपनी का परफॉर्मेंस इंटरनल परफॉर्मेंस जानने के लिए ROIC हैज़ टू बी सीन। एंड दिस कंपनी हैज़ इंक्रीस्ड देयर ROIC फ्रॉम 3% टू 11 एंड 11 टू 18 एंड 18 टू 38% 37%। एंड दिस वन हैज़ टू बी सी वन हैज़ टू सी दैट ये 18% पे जब थे तब इनका जो NOPAT मार्जिन वॉज़ 8%। नाउ द NOPAT मार्जिन हैज़ मूव्ड टू 14%। सो 8 टू 14% का जंप इन मार्जिन एंड वेलोसिटी व्हिच इज़ द इन्वेस्टेड कैपिटल टर्नओवर। सो एक तो मार्जिन बढ़ा रहे हैं और उनकी जो 2.25 टाइम्स का उनका ये था वेलोसिटी था की कैपिटल का 2.25 टाइम्स वो सेल कर रहे थे। नाउ FY23 में ये 2.75 करीब के करीब 2.5 से ज्यादा का उन्होंने वेलोसिटी कर लिया था। तो एक 50 बिप्स का इंक्रीज़ है 2.25 से 2.75 काइंड ऑफ जंप व्हिच इज़ अ मीनिंगफुल जंप इन वेलोसिटी। मतलब आप इन्वेस्टेड कैपिटल को काफी अच्छे तरीके से डिप्लॉय कर रहे हो। सो बोथ मार्जिन ऐज़ वेल ऐज़ वेलोसिटी बोथ हैव गॉन अप। सो दैट्स व्हाई दिस वॉज़ द फाइंड फॉर मी। एंड दैट्स व्हाई आई बॉट दिस टॉक। मैनेजमेंट वॉज़ ऑल्सो गुड। आ अलय शाह को अभी मैंने लास्ट कॉन कॉल में आई हैव सीन हिम। इट वॉज़ अ वीडियो डिस्कशन जो लास्ट कॉन कॉल हुआ। सो आई फाउंड हिम अ काइंड ऑफ जेन्युइन गाय। मुझे लगा देख कर के जो मुझे ऑब्ज़र्वेशंस है मुझे समझ में आया। हैड अ स्माइलिंग फेस एंड एंड ही वॉज़ एबल टू आंसर क्वेश्चन वैरी कमेंडेबली। सो इट वॉज़ गुड इनफ। एंड ही हैज़ बैकग्राउंड इन इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इंजीनियरिंग। एंड ही हिमसेल्फ इज़ इन्वॉल्व्ड इन टू डिज़ाइनिंग ऑफ थिंग्स। कॉन कॉल में भी परसों जब हमने ख़रीदा था ये चार पांच दिनों पहले तब भी उसने ही सेड की आई एम ऑल्सो इन्वॉल्व्ड इन टू डिज़ाइनिंग ऑफ थिंग्स। सो दैट्स गुड। आशय अल अलय शाह इज़ ऑल्सो बीएससी इन इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग फ्रॉम यूनिवर्सिटी ऑफ इलिनॉइस। कॉलेज है एंड कैस बिज़नेस स्कूल इन लंदन। एमबीए वहां से है। सो इन लोगों की बैकग्राउंड इज़ ओके मतलब दिस दिस इज़ द यंग नेक्स्ट जनरेशन। सो आशय अलय शाह इज़ द नेक्स्ट जनरेशन। सो इट सीम्स टू बी गुड मैनेजमेंट टू मी। मोट कैलकुलेशंस में यहां पे मैंने देखा की ये आउट ऑफ नाइन पैरामीटर ये फाइव पैरामीटर्स पे ये लॉन्ग टर्म बेसिस पे भी ओके आ रहा है और शॉर्ट टर्म बेसिस पे सिक्स पैरामीटर पे ओके आ रहा है। मतलब की ये बेंच सो लॉन्ग टर्म मोट भी है और शॉर्ट टर्म मोट भी है। सो काइंड ऑफ 6/9 इज़ अ गुड नंबर टू बिगिन विथ। तो मोट भी है, मोटेड बिज़नेस है। अब एंटी थीसिस जो थी वो ये थी की इसमें जो ट्रांसफार्मर को बनाने में एक कोल्ड रोल्ड ग्रेन ओरिएंटेड स्टील यूज़ होता है, CRGO होता है। व्हिच इज़ अ इम्पोर्टेड एंट थिंग। अभी कुछ सालों में शायद JSW स्टील विल ट्राई टू मेक इट इंडीजिनसली। उन्होंने एक कंपनी के साथ किया हुआ है, जैपनीज़ कंपनी के साथ उनका एक पार्टनर है, उनके साथ वो सेटअप किया है। बट करेंटली इंडिया में कोई बना नहीं रहा है, इंडियन कंपनी नहीं बना रही है। बाहर की कंपनी लाइक थाइसेनक्रुप जो की यूके की है वो बनाती है। वही एक्सपोर्ट करती है इंडिया को। तो वो सप्लाई चेन अभी डेवलप हो रहा है CRGO वाला। तो इसीलिए वो एक्स लेकिन वो धीरे-धीरे इंडिजनाइज़ हो जाएगा। बट दैट इज़ आई एम टॉकिंग वैरी लॉन्ग टर्म। अभी शॉर्ट टर्म में तो ये इम्पोर्ट पे ही डिपेंडेंट रहना पड़ेगा। तो CRGO का कॉस्ट अभी स्टील का प्राइस आपको पता है की ज्यादा बढ़ा नहीं है। स्टील प्राइसेस आर लो, CRGO प्राइसेस आर लो। तो फिलहाल इट इज़ फेवरेबल। देन सेकंड वॉज़ अ सीरियस थिंग वॉज़ इंक्रीज़िंग कम्पटीशन फ्रॉम डोमेस्टिक एंड फॉरेन प्लेयर्स कुड लीड टू मार्जिन कंट्रैक्शन ड्यू टू प्राइसिंग प्रेशर। सम ऑफ द लार्जर ग्लोबल प्लेयर्स आर ऑलरेडी प्रेजेंट इन इंडिया। सिंस द इंडस्ट्री इज़ नॉट वेरी कैपिटल इंटेंसिव मोर लोकल एंड फॉरेन प्लेयर्स कुड एंटर द मार्केट इन फ्यूचर। ये एक रिस्क है। तो मैंने ये आई गॉट अपॉर्चुनिटी टू आस्क दिस क्वेश्चन टू प्रमोटर। तो मैंने थोड़ा घुमा के क्वेश्चन पूछा था की व्हाट इज़ देयर दैट व्हाई अदर प्लेयर लाइक वोल्टैम्प, तो व्हाई वोल्टैम्प विल नॉट एंटर इन टू योर मार्केट? इनका मार्जिन वोल्टैम्प से बेहतर है। काफी बेहतर है। तो इनका मार्जिन अराउंड 20s में है, 25 टाइप है। उनका अभी जाके 18 19 हुआ है। मतलब पहले वो 15 पे थे तो अराउंड 8 9% का डिफरेंस है वोल्टैम्प के मार्जिन में और इनके मार्जिन में। सो आई आस्क्ड दिस क्वेश्चन। तो ही सेड वैरी स्माइलिंगली स्माइलिंगली की भई आई एम नॉट ऑथराइज़्ड टू स्पीक ऑन बिहाफ ऑफ वोल्टैम्प बट स्टिल आई फील सो की दे आर डूइंग गुड इन इंडस्ट्रियल ट्रांसफार्मर। सो व्हिच आई एम वैरी प्रिवी टू दिस इंफॉर्मेशन की उनका इंडस्ट्रियल का काफी अच्छा है सेल्स। और इनका सोलर का सेल्स अच्छा है। तो इंडस्ट्रियल इज़ अ बिगर चंक। मतलब इंडस्ट्रियल इज़ इज़ लाइक अ मेन मार्केट एंड दिस इज़ लाइक अ साइड मार्केट। सो अ मार्केट लीडर वुड जब तक उसको मेन मार्केट में पैसा बन रहा है व्हाई ही वुड बॉदर फॉर अ स्मॉलर मार्केट। सो इनके लिए ये अभी फिलहाल तो ये है की दे कैन डू वेल क्योंकि अभी वोल्टैम्प का फोकस इधर नहीं है। वैसे आई रियलाइज़ की बड़ी कंपनियाँ जितनी बड़ी हो जाती हैं उतना ही फोकस जो है वो अपने मेन एजेंडा पे ही रह जाता है। मतलब की दे कैन नॉट बीट द स्पेशलिस्ट। तो मेरा प्ले ये है की आई वुड रादर पिक अप अ नीश प्लेयर जो की अच्छा कर रहा है देन अ मार्केट लीडर हू कैन पोटेंशियली डिसरप्ट दिस बिज़नेस। डिसरप्ट नहीं कर पाएगा बिकॉज़ बोथ आर प्रेजेंट इन द मार्केट फॉर क्वाइट सम टाइम। सो दे हैव सीन ईच अदर। सो ये काइंड ऑफ गेम थ्योरी है यहां पे, गेम थ्योरी इन एक्शन। की हम लोग ऐसी कंपनी को इन्वेस्ट कर रहे हैं जो की वोल्टैम्प चाहे तो इनका मार्जिन कम कर सकता है। दैट इज़ फैक्ट। सो ये रिस्क मैंने उस समय हाईलाइट किया था। फॉरेन प्लेयर से ज्यादा पंगा नहीं है एक्चुअली। क्योंकि आजकल कुछ भी आप बनाओ उसमें BIS सर्टिफिकेशन चाहिए होता है, मेक इन इंडिया वाला सर्टिफिकेशन। तो वो करने के लिए कंपनियाँ कतराती हैं। मेन रीज़न ये है की उसमें टेक्नोलॉजी आपको शेयर करना पड़ जाता है। तो यू हैव टू शेयर द कोड। सो BIS सर्टिफिकेशन के लिए। सो बहुत सारी इंडस्ट्रीज़ में आई हैव नोटिस्ड बी इट डेंटल और कोई भी इंडस्ट्री वहां पे BIS सर्टिफिकेशन के नाम पे बहुत सारी कंपनियाँ दे वॉक बैक की नहीं मुझे BIS नहीं करना है। सो वो एक एंट्री बैरियर होगा अगर कोई कोई फॉरेन कंपनी इसमें शायद नहीं आएगी। वैसे भी यहां पे बहुत सारे प्लेयर ऑलरेडी हैं। तो नए फॉरेन प्लेयर्स नए आने के चांसेस थोड़े कम हैं। बट लोकल कम्पटीशन इज़ देयर। सो दैट वॉज़ द एंटी थीसिस व्हिच इज़ नॉट सून गोइंग टू प्ले आउट। सो एक बहुत ही अच्छा सा हमें स्टॉक मिल गया। एंड दैट्स व्हाई इफ़ वी लुक एट द प्रेजेंट सिनेरियो नाउ। एनी क्वेश्चन ऑन ऑन द एक्ज़िस्टिंग वन? ओके सो वी विल मूव डाउन टू द करंट पीपीटी व्हिच आई हैव प्रिपेयर्ड टुडे। दिस इज़ अ लॉन्ग थिंग। अ इट इज़ नॉट अ वेरी शॉर्ट टर्म थिंग दैट इंडियंस वुड बेनिफिट, इंडियन कंपनीज़ हू हैव काइंड ऑफ़ इनरोड्स टू यूएस मार्केट दे विल बेनिफिट फॉर अ स्लाइटली लॉन्गर पीरियड। दैट्स व्हाई आई इन्वेस्टेड इन टू अपार क्योंकि अपार में मार्केट व्यू वॉज़ दिस की ये वन टाइम है एंड दे विल नॉट रिपीट गेट रिपीट आर्डर। बट सिंस माय रीडिंग वॉज़ सेम सो आई सेड दिस इज़ नॉट अ वन क्वार्टर अपॉर्चुनिटी। दिस इज़ गोइंग टू स्टे फॉर एटलीस्ट वन टू इयर्स। सो आई इन्वेस्टेड ईवन दो अपार वॉज़ ऑन अ लाइफ टाइम हाई एंड ऑल। सो ऑन द कैंप की दैट दिस विल कंटिन्यू फॉर अ स्लाइटली लॉन्गर टर्म। स्टिल आई फील दैट दिस इज़ अ लॉन्ग टर्म थिंग बिकॉज़ चाइना को उन्होंने नो कर दिया है तो हू वॉज़ द कम्पटीशन टू इंडिया? मतलब इंडिया के जितना चीप नोबडी एल्स कैन मेक एटलीस्ट अपार्ट फ्रॉम चाइनीज़। एंड चाइनीज़ आर शोन डोर इन यूएस। सो एंड दैट इज़ ऑन अ पॉलिसी लेवल। सो दैट्स व्हाई यूएस डोंट वांट चाइनीज़ प्रोडक्ट। तो वहां पे इंडियन कंपनीज़ को ट्रांसफार्मर और ये कंडक्टर दोनों में एडवांटेज है। इन्वेस्टमेंट थीसिस तो मैंने अभी बताई नहीं। अभी वो इन्वेस्टमेंट थीसिस तो आप लोग सुन लो फिर। दिस वॉज़ द पास्ट। नाउ लेट्स टॉक अबाउट द प्रेजेंट। व्हिच कंपनी हैज़ जस्ट स्पोकन अबाउट। शिलचर का अपडेट ये है दैट कंपनी का मैंने बताया था 4000 MVA इज़ द कैपेसिटी टिल FY23। बट दे हैव टेकन अ फेज़ वन एक्सपेंशन टू स्टार्ट फ्रॉम अप्रैल 1 2024। फ्रॉम 4000 MVA टू 5500 MVA। ठीक है, दैट इज़ फेज़ वन। नेक्स्ट फेज़ ऑफ़ एक्सपेंशन विल ऑल्सो स्टार्ट फ्रॉम 1st जुलाई। आफ्टर क्वार्टर वन इन क्वार्टर टू। फ्रॉम 5500 MVA टू 7500 MVA। ये साइट वगेरह भी वहीं पे उन्होंने आइडेंटिफाई की हुई है। पहले वो जो कंस्ट्रक्टेड बिल्डिंग है दैट इज़ फेज़ वन। एंड जो बैरन लैंड है दैट इज़ गोइंग टू बी जहां पे अभी पिलर डाले हैं दैट इज़ फेज़ टू। सो कंस्ट्रक्शन इज़ ऑनगोइंग। टॉप लाइन देख लेते हैं। तो टॉप लाइन अगर देखें तो देयर इज़ अ सिग्निफिकेंट ग्रोथ। नाइन मंथली नंबर इज़ 300 करोड़ रेवेन्यू का। 2023 में 190 करोड़ था। तो 190 से 300 करोड़ इज़ लाइक 57% जंप। एंड ऐज़ आई सेड की इसमें डिग्री ऑफ़ ऑपरेटिंग लेवरेज भी काफी अच्छा था। तो प्रॉफिट एबिटा में भी काफी सिग्निफिकेंट जंप हुआ है। पैट में भी 26% से 26 से 66 यानी डेढ़ सौ परसेंट का जंप हुआ है। बॉटम लाइन में, टॉप लाइन हैज़ ग्रोन बाइ 57 एंड बॉटम लाइन हैज़ ग्रोन बाइ 157 150%। सो डिग्री ऑफ़ ऑपरेटिंग लेवरेज इज़ हाई। ग्रोथ इन वाईओवाई बेसिस क्वार्टर थ्री में भी 72% top लाइन ग्रोथ। एंड 120% बॉटम लाइन ग्रोथ। सो ग्रोथ इज़ देयर। एंड व्हाई दिस ग्रोथ इज़ कमिंग? पहले आई विल टॉक अबाउट द एबिटा थिंग। एबिटा परसेंट दैट वॉज़ ईवन दैट इट वॉज़ हाई। अभी ये बढ़ के 30% हो गया। उससे भी हाई हो गया। सो समथिंग लाइक अपार में भी सिमिलर ही हो रहा है। काइंड ऑफ़। सो 25 से 30% जबकि वोल्टैम्प का अभी जाके 20% हुआ है वोल्टैम्प का देखोगे आप तो। रीज़न क्या है? पहले ये समझना ज़रूरी है की इतना हाई मार्जिन क्यों है? क्योंकि मार्जिन को समझेंगे तभी फिर हम मार्जिन और जो हमने ROIC शिफ्ट की बात की थी की मार्जिन क्यों बढ़ रहा है। वो हमने चार्ट में देखा की मार्जिन बढ़ रहा है। नोपैट मार्जिन जो था 8% से बढ़ के 14% हुआ। और ये एबिटा मार्जिन भी 25% से बढ़ के 30% हुआ। सो व्हाई व्हाट इज़ द रीज़न ऑफ़ हाई एबिटा मार्जिन? दैट हैज़ टू बी अंडरस्टूड। जो ट्रांसफार्मर ये बना रहे हैं दिस इज़ रिन्यूएबल एनर्जी ट्रांसफार्मर्स। दीज़ आर वेरी डिफिकल्ट टू मैन्युफैक्चर। दिस इज़ द क्रक्स। व्हाई दे are डिफिकल्ट बिकॉज़ दे हैव मल्टीपल आउटपुट एंड लॉट ऑफ़ अदर रिक्वायरमेंट व्हिच कंपनी नीड्स टू टेक केयर इन डिज़ाइन एंड मैन्युफैक्चरिंग। उसमें बहुत सारी इनपुट और आउटपुट्स हैं एंड अदर रिक्वायरमेंट्स हैं जिसके कारण उसको कस्टमाइज़ करना पड़ता है। डिस्ट्रीब्यूशन ट्रांसफार्मर बनाने वाला वो कस्टमाइज़ नहीं कर सकता। बिकॉज़ दे डोंट हैव द डिज़ाइन कैपेबिलिटी। एंड दिस गाय द मैनेजमेंट इटसेल्फ़ इज़ गुड इन टू डिज़ाइन। सो दे कैन डू डिज़ाइनिंग पार्ट एंड दैट्स व्हाई दे कैन डू वेल। एंड दे आर सेइंग दैट इज़ वेरी डिफिकल्ट टू से स्टैंडर्डाइज़ दैट पर MVA प्राइस विल बी सो मच दैट देयर आर सो मेनी डिफरेंट टाइप्स ऑफ़ ट्रांसफार्मर सो इट्स वेरीज़ फ्रॉम डिफरेंट टाइप ऑफ़ ट्रांसफार्मर। तो जितने टाइप्स ऑफ़ ट्रांसफार्मर होंगे तो पर MVA बेसिस पे प्राइसिंग नहीं की जा सकती है। सो दिस इज़ नॉट अ कमोडिटी। सो दिस इज़ अ नॉन कमोडिटी ट्रांसफार्मर। दैट्स द बॉटम लाइन। कंपनी ने अभी लास्ट कॉन कॉल में थ्री रीज़ंस बताए फॉर हाई प्रॉफिटेबिलिटी। मार्जिन तो अच्छा हो ही गया। अब प्रॉफिट पे आते हैं बॉटम लाइन पे। तो दे मेड अ न्यू प्लांट अबाउट फाइव इयर्स बैक व्हिच इज़ अ वेरी एफिशिएंट प्लांट। तो प्लांट की एफिशिएंसी जो प्लांट नया बनाया था FY18 वॉज़ अ इट्स नॉट फार डिस्टेंट इन पास्ट। अभी पांच साल पहले ही उनका प्लांट रेडी होकर ऑपरेशनल होकर टेस्टेड होकर खड़ा है। तो एफिशिएंसी काफी अच्छी है। जिसके कारण व्हिच इज़ रनिंग प्रॉफिटेबल। सेकंड इज़ द एक्सपोर्ट। एक्सपोर्ट हैज़ गॉन अप विथ अ न्यू प्लांट। द सिस्टम द क्वालिटी स्टैण्डर्ड एंड एवरीथिंग इम्प्रूव्ड। सो सिंस नया प्लांट था नया सेटअप था तो न्यूनेस का इनको अ फायदा हो गया। सेकंड पॉइंट ये था की दे गॉट मोर आर्डर फ्रॉम एक्सपोर्ट। वो यूएस वाली बात यहां पे आ गई। यूएस यहां पे आपको हेल्प कर रहा है। एंड डोमेस्टिक डिमांड हैज़ ऑल्सो इंक्रीज़्ड व्हिच लेड टू हाई मार्जिन। डोमेस्टिक में ज्यादा सप्लाई ये कर रहे थे डोमेस्टिक इनका 60% ऑफ़ देयर टोटल इज़ डोमेस्टिक। सो आई विल गिव यू अ ब्रेकअप की इनका क्या है डोमेस्टिक और इंडिया में मतलब एब्रॉड में। रेवेन्यू मिक्स जो है 60% डोमेस्टिक एंड 40% एक्सपोर्ट है। इस डोमेस्टिक्स का 80 80 टू 85% इज़ अ रिन्यूएबल एनर्जी। रिन्यूएबल मतलब की विंड एंड सोलर बोथ। सो 80% इज़ गोइंग टू ऑल दिस जो न्यूज़ में चल रहा है जो जो सोलर की धूम मची हुई है वहां पे जा रहा है। तो दिस इज़ अ प्रॉक्सी ऑन सोलर। रफली आधा का आधा मतलब 60% का 80% रफली 50% सोलर से आ रहा है इन शार्ट सोलर प्लस विंड से आ रहा है। और प्रोडक्ट रेंज जो है वो 132 KV तक का है बट मोस्ट आर्डर आर अंडर 66 KV। सो वैसे जैसे-जैसे 132 KV की तरफ जाएगा उतना प्राइसिंग बेहतर होगा। बट फिलहाल वो 66 KV पे ही ऑपरेट कर रहे हैं। बट यहाँ पे ही डिसent मार्जिन उनको मिल जा रहा है। एंड दे आर लीडर इन सोलर ट्रांसफार्मर। दे आर सेइंग इन देयर ओन एस्टीमेट 15% मार्केट शेयर है उनका। ये उनका अपना कहा हुआ नंबर है। दिस इज़ नॉट अ पब्लिशाइज़्ड नंबर। एंड दिस सोलर ट्रांसफार्मर आर बेसिकली ऑयल कूल्ड ट्रांसफार्मर। तो एक दो तरीके के ट्रांसफार्मर होते हैं एक ड्राई ड्राई ट्रांसफार्मर होता है दूसरा ऑयल कूल्ड होता है। सो जो ड्राई वाले होते हैं वो एक्सपेंसिव होते हैं। तो ज्यादा लोग खरीदते नहीं हैं। दूसरा जो ऑयल कूल्ड होता है ये ज्यादा मेंटेनेंस नहीं खोजते ये उतने एक्सपेंसिव नहीं होते। और जैसे शॉपिंग मॉल और ये ऐसी जगह लगाते हैं ना जहां पे की सेफ्टी हज़ार्ड जो है वो इम्पोर्टेन्ट है। मतलब शॉपिंग मॉल में होगा और ट्रांसफार्मर फ़ेल कर गया फायर लग गया तब तो वाट लग जाएगी। तो ये ज्यादा सेफ हैं एक्चुअली ऑयल कूल्ड। तो अभी जो रियल एस्टेट जो बढ़ रहा है तो हर जगह मॉल खुल रहे हैं तो उनको ट्रांसफार्मर चाहिए तो रियल एस्टेट से कहीं ना कहीं थोड़ा थोड़ा ये डिमांड भी जुड़ा हुआ है। तो सोलर ट्रांसफार्मर भी एक वैसा ही ट्रांसफार्मर है। मतलब सोलर ट्रांसफार्मर भी ऑयल कूल्ड है बट आई एम सेइंग दैट ऐज़ अ टाइप ऑयल कूल्ड ट्रांसफार्मर इज़ ऑल्सो गोइंग इन टू मॉल्स एंड हॉस्पिटल्स एंड ऑल। सो वहां से भी थोड़ा वो डिमांड आ रहा होगा आई गेस। रिन्यूएबल से आ रहा है दैट्स वी नो। ऑयल एंड गैस से उतना नहीं आ रहा है ऑयल एंड गैस से बस 10% तक ही आ रहा है। जो डोमेस्टिक में भी है। सो उनका जो आर्डर बुक ऐज़ ऑन 1st जनवरी इज़ 355 करोड़। आर्डर पोजीशन इज़ गुड बिकॉज़ देयर इज़ अ गुड डिमांड इन द मार्केट एंड इट हैज़ अ गुड प्रेज़ेंस इन द रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर स्पेशली सोलर एंड विंड वही रिट्रेट हो रही है बार बार। गेटिंग लॉट्स ऑफ़ इन्क्वायरी तो अभी आपने क्वेश्चन पूछा की हां क्या ये ग्रो करेगा? तो इन्क्वायरी आ रही है मतलब की अ देयर इज़ अ लार्ज क्वांटिटी एक्सपेक्टेड इन कमिंग मंथ्स। सो आंसर इज़ यस, द प्राइस शुड गो अप बिकॉज़ दे विल दे आर स्टेटेड टू डू वेल। गाइडेंस जो दिया उन्होंने ये बोला है की टर्नओवर ऑफ़ अराउंड 800 टू 900 करोड़ इन टू इयर्स। तो ये कहाँ से आ रहा है? वो एक्सपेंशन से आ रहा है। जो कैपेसिटी जो 400 MVA से बढ़ के 7500 MVA हो रही है ऑलमोस्ट डबल हो रही है वो ऑपरेशनल हो जाएगी क्वार्टर टू ऑनवर्ड्स। सो 7500 MVA तक का अभी प्लान है उनका। गोइंग फॉरवर्ड कभी अभी अभी उन्होंने कोई प्लान नहीं किया है बट ऑन द सेम लैंड दे दे हैव लैंड कैपेबिलिटी इनबिल्ट फॉर गोइंग अप टू 13000 MVA। यानी की यहां से भी ऑलमोस्ट डबल हो सकते हैं। यानी ऑलमोस्ट थ्री टू फोर टाइम्स हो सकता है करंट कैपेसिटी से गिवन की लैंड लैंड उनके पास है मतलब वैसे उनको खरीदना पड़ेगा सारा चीजें बट स्टिल लैंड कॉस्ट जो है उसमें खर्चा नहीं होगा। तो थोड़ा सा ब्राउन फील्ड एक्सपेंशन करने का स्कोप है वहां पे। सो दैट इज़ अ लिवर व्हिच कैन बी प्लेड आउट सम टाइम्स इन फ्यूचर बट दो साल में तो फ़िलहाल वो स्टोरी इज़ फ्रोज़ेन की भई 7500 MVA ही करना है उसी को अभी 400 इनकी टॉप लाइन अराउंड 300 करोड़ की है 350 के करीब है साल भर की। अभी नाइन मंथ में 300 है, 4 मंथ्स में 12 मंथ्स में 400 होगा तो 400 का अभी टॉप लाइन चलेगा नेक्स्ट टू नेक्स्ट ईयर में 800 होगा तो टू इयर्स में डबल होने का यहां पे सीन है अगर ऐसा डिमांड रहा तो। ग्रोथ इज़ एक्सपेक्टेड। एंड हां इसमें मोट यही है की डिज़ाइन कैपेबिलिटी इज़ अ काइंड ऑफ़ मोट व्हिच इज़ नॉट वेरी क्वांटिफाइयेबल। क्या है की बहुत सारी कंपनियाँ जो वोल्टैम्प को मैंने बहुत पहले स्टडी किया था तो दे हैव डन लॉट्स ऑफ़ फाइनेंसियल मिस्टेक्स। ऐज़ अ फाइनेंसियल मैनेजर मुझे पता है की व्हाट मिस्टेक दे डिड। कारपोरेट फाइनेंस मिस्टेक्स उन्होंने की और उसके कारण वो डेट ट्रैप में भी चले गए थे उनकी हालत ख़राब हो गई थी। आई हैव नॉट सीन द होल इंडस्ट्री बट आई एम आई हैव सीन कपल ऑफ़ दीज़ दीज़ गाइज़। इसमें बहुत बैंकरप्सीज़ हुई थी बीच में एक समय बहुत बुरी हालत थी लोगों की। साइकिलिकल डाउनटर्न में बहुत लोग बर्बाद हो जाते हैं तो ये कंपनी एक साउंड बैलेंस शीट वाली है। और इनका मैनेजमेंट सही लगा मुझे। ऐसा नहीं है की वहां पे बहुत इंटेलिजेंस चाहिए होगा बट एक फाइनेंसियल प्रूडेंस चाहिए होता है। तो फेज़ वाइज़ मैनर में ये कर रहे हैं। दैट इटसेल्फ़ स्पीक की हां ये लोग सीधे 13000 MVA पे जंप नहीं कर रहे हैं। दे आर सेइंग की उनको आर्डर तो उनसे भी ज्यादा आएँगे मतलब दे आर सेइंग की दे विल एक्सपेक्टेड आर्डर इज़ मच मच हायर देन ईवन 800 900 करोड़। बट दे आर सेइंग की नहीं हम लोग फेज़ वाइज़ ही जाएँगे। तो इट सीम्स दे आर अ कंज़र्वेटिव मैनेजमेंट सो मैनेजमेंट क्वालिटी इज़ गुड टू मी। सो 26 में फुल कैपेसिटी इज़ एक्सपेक्टेड। नॉट इन FY25, 25 में इज़ अ वुड बी अ ट्रांजीशन ईयर। सो इफ़ इट गिव्स अपॉर्चुनिटी टू ऐड वी विल ऐड। एक्सपोर्ट की स्टोरी तो अभी भी चल रही है। उन्होंने 3000 MVA ही सोल्ड किया था FY23 में ऑल्दो इनकी कैपेसिटी 4000 MVA की है बट 3000 MVA ही चला था तो कुड हैव डन अ बेटर ऑल्सो बट इट सीम्स दे विल दे विल डू बेटर इन डेज़ टू कम। दोस्तों कैसा लगा आपको ये वीडियो? आपको ये वीडियो अच्छा लगा तो ज़रूर एक थम्स अप दे कमेंट में जा करके बिकॉज़ हम लोगों ने काफी डीप रिसर्च किया था शिलचर के बारे बारे में और ये कंपनी ऐसी है जो कॉन कॉल भी नहीं करती थी तो अगर आपको भी ऐसी कंपनी में इन्वेस्ट करना है जो कॉन कॉल भी नहीं कर रही है बट यू वांट टू नो मोर अबाउट देम देन हैविंग अ कम्युनिटी बेस्ड अप्रोच डेफिनेटली हेल्प्स। एंड दैट्स व्हाई वी ऐज़ अ पार्ट ऑफ़ साधन कुड फाइंड शिलचर टेक्नोलॉजी बिकॉज़ मेरे नेटवर्क में मेरे स्कटल बट में कुछ लोग थे जिन्होंने मुझे क्रिटिकल इनपुट दिया इसके कारण मैं उसको बैकअप कर पाया व्हेन इट वॉज़ लोली प्राइस्ड एंड नोबडी वॉज़ ट्रैकिंग इट। नो कॉन कॉल्स, नो इन्वेस्टर प्रेजेंटेशंस। सो इस तरीके से हम लोग एक जॉइंट बेसिस पे एफर्ट लेते हैं इन साधन मेंबरशिप। सो इफ़ यू रियली वांट टू डेवलप दीज़ काइंड ऑफ़ डीपर इन्वेस्टिंग इनसाइट देन साधन मेंबरशिप इज़ डेफिनेटली ऐन ऑप्शन यू शुड एक्सप्लोर एंड द लिंक्स आर प्रोवाइडेड इन द डिस्क्रिप्शन। दैट्स ऑल फॉर टुडे प्लीज़ चेक आवर डीपर डिस्कशंस ऑन पावर सेक्टर्स इंक्लूडिंग ट्रांसमिशन एंड डाटा सेंटर एंड टेक्निकल एनालिसिस अंडर साधन पॉडकास्ट। सो इफ़ यू हैव नॉट येट चेक्ड आउट आवर पॉडकास्ट देन डू चेक आउट द प्लेलिस्ट हियर। द लिंक आई एम प्रोवाइडिंग। थैंक्स फॉर सपोर्टिंग अस। थैंक यू।
तो मुझे लग रहा है की सबसे एक्साइटिंग पार्ट तो अभी मैंने बात ही नहीं की। इस बार मुझे पॉवर से भी ज्यादा एक्साइटिंग जो सेगमेंट लग रहा है व्हिच इज गोइंग टू बी यूज्ड इन टू डाटा सेंटर इन अ ह्यूज क्वांटिटी एंड दैट इज एआई डाटा सेंटर और हाइपरस्केलर डाटा सेंटर में एक बेसिक डिफरेंस है की एआई के लिए जो चिप चाहिए होते हैं वो ज्यादा हीट जनरेट करते हैं। दैट्स व्हाई अ बेटर कूलिंग सॉल्यूशंस वुड बी नीडेड। दिस इज गोइंग टू बी अ पैंतीस हज़ार करोड़ अपॉर्चुनिटी। डायरेक्ट टू चिप डी टू सी या कोल्ड प्लेट कूलिंग व्हिच इज अ न्यू स्टैण्डर्ड फॉर एआई बेस्ड डाटा सेंटर्स। लिक्विड कूलिंग में वो एक्सप्लोर कर रहे हैं टू मेक सी डी यू जो कूलिंग डिस्ट्रीब्यूशन यूनिट वाया मल्टीपल ग्लोबल टाई-अप। देअर आउटलुक इज वेरी रोबस्ट ग्रोथ इन डाटा सेंटर। वोल्टास इज सेकंड कंपनी व्हिच पोजीशन डाटा सेंटर एज अ हाई-प्रायोरिटी सब-सेगमेंट विद इन डोमेस्टिक मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल, प्लंबिंग। यू माइट हैव हर्ड मी टॉकिंग अबाउट श्री रेफ्रिजरेशन इन द कॉन्टेक्स्ट ऑफ शिप बिल्डिंग। व्हाई दिस इज इंटरेस्टिंग फॉर डाटा सेंटर नाउ इज बिकॉज़ दे हैव टाइड अप विथ अ कैनेडियन कंपनी कॉल्ड स्मार्ड्ट अ हू आर मेकिंग डिफरेंट काइंड ऑफ चिलर्स। दे हैव अ वेरी गुड आउटलुक फॉर डाटा सेंटर्स एंड दे आर टारगेटिंग 100 करोड़ प्लस का मार्केट अपॉर्चुनिटी। एंड दे आर एक्सपेक्टिंग 40 टू 50% काइंड ऑफ सी ए जी आर। प्रिसिजन कूलिंग में है जैसे रिटाल, थर्मेक्स व्हिच इज अ लिस्टेड कंपनी इन इंडिया, डेल्टा, डाइकिन, ट्रैन, जैक्सन इज आल्सो देयर, किर्लोस्कर इज आल्सो देयर। सो हनीवेल ऑटोमेशन इज अ लिस्टेड कंपनी विथ अ 23 हज़ार करोड़ मार्केट कैप। इंडिया डाटा सेंटर कूलिंग मार्केट की हम बात करें तो करंट मार्केट साइज इज एस्टीमेटेड टू बी 3 बिलियन डॉलर एंड दिस इज गोइंग टू ट्रिपल इन नेक्स्ट फोर इयर्स फोर फाइव इयर्स टू 9.28 बिलियन डॉलर। द सी ए जी आर इज गोइंग टू बी 25%।
तो मुझे लग रहा है की सबसे एक्साइटिंग पार्ट तो अभी मैंने बात ही नहीं की। इस बार मुझे पॉवर से भी ज्यादा एक्साइटिंग जो सेगमेंट लग रहा है व्हिच इज गोइंग टू बी यूज्ड इन टू डाटा सेंटर इन अ ह्यूज क्वांटिटी एंड दैट इज एआई डाटा सेंटर और हाइपरस्केलर डाटा सेंटर में एक बेसिक डिफरेंस है की एआई के लिए जो चिप चाहिए होते हैं वो ज्यादा हीट जनरेट करते हैं। दैट्स व्हाई अ बेटर कूलिंग सॉल्यूशंस वुड बी नीडेड। दिस इज गोइंग टू बी अ पैंतीस हज़ार करोड़ अपॉर्चुनिटी। डायरेक्ट टू चिप डी टू सी या कोल्ड प्लेट कूलिंग व्हिच इज अ न्यू स्टैण्डर्ड फॉर एआई बेस्ड डाटा सेंटर्स। लिक्विड कूलिंग में वो एक्सप्लोर कर रहे हैं टू मेक सी डी यू जो कूलिंग डिस्ट्रीब्यूशन यूनिट वाया मल्टीपल ग्लोबल टाई-अप। देअर आउटलुक इज वेरी रोबस्ट ग्रोथ इन डाटा सेंटर। वोल्टास इज सेकंड कंपनी व्हिच पोजीशन डाटा सेंटर एज अ हाई-प्रायोरिटी सब-सेगमेंट विद इन डोमेस्टिक मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल, प्लंबिंग। यू माइट हैव हर्ड मी टॉकिंग अबाउट श्री रेफ्रिजरेशन इन द कॉन्टेक्स्ट ऑफ शिप बिल्डिंग। व्हाई दिस इज इंटरेस्टिंग फॉर डाटा सेंटर नाउ इज बिकॉज़ दे हैव टाइड अप विथ अ कैनेडियन कंपनी कॉल्ड स्मार्ड्ट अ हू आर मेकिंग डिफरेंट काइंड ऑफ चिलर्स। दे हैव अ वेरी गुड आउटलुक फॉर डाटा सेंटर्स एंड दे are टारगेटिंग 100 करोड़ प्लस का मार्केट अपॉर्चुनिटी। एंड दे आर एक्सपेक्टिंग 40 टू 50% काइंड ऑफ सी ए जी आर। प्रिसिजन कूलिंग में है जैसे रिटाल, थर्मेक्स व्हिच इज अ लिस्टेड कंपनी इन इंडिया, डेल्टा, डाइकिन, ट्रैन, जैक्सन इज आल्सो देयर, किर्लोस्कर इज आल्सो देयर। सो हनीवेल ऑटोमेशन इज अ लिस्टेड कंपनी विथ अ 23 हज़ार करोड़ मार्केट कैप। इंडिया डाटा सेंटर कूलिंग मार्केट की हम बात करें तो करंट मार्केट साइज इज एस्टीमेटेड टू बी 3 बिलियन डॉलर एंड दिस इज गोइंग टू ट्रिपल इन नेक्स्ट फोर इयर्स फोर फाइव इयर्स टू 9.28 बिलियन डॉलर। द सी ए जी आर इज गोइंग टू बी 25%।