heading · body

Transcript

Technical Analysis Secrets Every Retail Investor Should Know Kunal Saraogi

read summary →

TITLE: Technical Analysis Secrets Every Retail Investor Should Know | ft. Kunal Saraogi CHANNEL: Moneytalks by Groww DATE: 2025-11-22 ---TRANSCRIPT--- हाउ डू वी नो की हमें कब एग्जिट करना चाहिए। आपको करना सिम्पली है। 1 ट्रेलिंग स्टॉप लॉस रखना है जब तक प्राइस मूविंग एवरेज से ऊपर चल रहा है आप होल्ड करके वेट कर रहे। जैसे ही प्राइस मूविंग एवरेज की रेखा के नीचे 1 टूल का मैं यहाँ पर जिक्र करूँगा। पैराबॉलिक एस आर करे तो इससे क्या है की आप रैली का जो मैक्सिमम हिस्सा है, जो मिटिएस्ट पार्ट है रैली का उसको आप कैप्चर कर पाएंगे। आम निवेशक क्या चाहता है। छोटी वैल्यू के स्टॉक्स खोले जाए है जिसका दाम 7 रुपया चल रहा है, 8 रूपया सदर रहा है इसलिए लोग कोडाफ़ोनआइडिया पसंद है या बैंक पसंद है। उनकी कीमतें छोटी लगती है। तेजी हमेशा उन स्टॉक्स में बनती है जो खरीद पाना मुश्किल होता है। एमआरएफ का भाव। अब देखिये डेढ़ लाख रूपया हो गया है और लगातार वो चलता ही चला जा रहा है। लेकिन कितने हम में से ऐसे लोग है जिनके पास एम आर एफ के शेयर है तो जो 5000 रुपए से ऊपर के मूल्य के शेयर हैं उस पर विशेष रूप से ध्यान दे रहा। इसे पोडकास्ट में कुछ और मोमेंटम इनवेस्टर से भी बात किए। उनका अप्रोच होता है बॉटम अप वो कुछ फिफ्टी टू वी खाये स्टॉक्स को स्कैन करते हैं। फिर उसके बेसिस पर वो और दिखे सेक्टर में क्या ट्रेंड चल रहा है। व फोरेस्ट्री अप्रोच होता है उल्टा यू लुक 10 सेक्टर। फिर देखते है की स्टॉक में कौन सा मोमेंटम है। तो आपका अप्रोच क्या है। इसमें मेरा देखिये मानता हूँ की जैसे भगवान तक पहुँचने के बहुत रास्ते है, कोई भी रास्ता गलत नहीं। यह क्या है के इन्वेस्टिंग में भी देर मल्टीपल वेज ऑफ इनवेस्टिंग सो गोट हंड्रेड। चार्ट्स फॉलो और दिन में करीबन 2 बार में वो पूरी लिस्ट खंगाल लेता हूँ तो 800 चार्ट्स को 2 बार मल्टीप्लाई कर 1618 सौ चार्ट में लगातार देखता रहता हूँ। उसमे जो इंट्रस्टिंग लगते हैं उनको मैं 23 बार पहले देख चूका हूँ। हूँ तो मुझे 1 सेंस होता है। हाँ इसमें कुछ हो रहा है। 1 मेरे मित्र थे, उनका बड़ा दिलचस्पी थी 1 स्टॉक में बहुत समय से रिसर्च कर रहे थे। वो मुझे बार बार कहते थे कि देखो इस स्टॉक को मैं कहता था, चार्ट पर कुछ भी नहीं दिखता। 2 साल बाद स्टॉक में वाकई में बहुत बड़ा मुंह आया और ब्रेक आउट हुआ। चार्ट पर मुझे दिखने लगा। अगर आप चार्ट देख कर वो सेम इन्वेस्टमेंट करते तो आप टाइमिंग बहुत अच्छी कर सकते थे। ऐसा मुझे समझ आ रहा है की कुछ सिचुएशन में फंडामेंटल एनालिसिस 1 लीडिंग इंडिकेटर हो जाते है तो एंट्री लेकिन लैगिंग इंडिकेटर होता। एग्जिट जेनजी इनवेस्ट का यही सपना होता है की 1 दिन कॉर्पस डिविडन इनकम ऐसी ही मंत्री खर्चे निकल आयेंगे। वो सपना कितना रियलिस्टिक कोप का साइज कितना होना चाहिए। डेविड जो है बहुत कम होती है आधे परसेंट के आस पास होती है स्टॉक्स की तो उसकी ऐसी आपका अगर एक्सपेंस निकाल आये तो टू हंड्रेड टाइम्स व स्पेंडिंग इस काइंड कर काफी बड़े ओके वो कौनसी इंडिकेटर है जो आज फंडामेंटल एनालिस्ट अगर मैं सीखूं उससे मेरी इन्वेस्टिंग परफॉर्मेंस डमाटिकलीइम्प्रूव हो सकती है। इंडिकेटर बहुत सारे 1500 से ज्यादा। आपको जानकर हैरत होगी की लूनर साइकिल पे इंडिकेटर है लूनर साइकल साइकल 1 इंडिकेटर। jio lerma bada vesinitehiconal welcome to monytolksfygro im so excited to understand momento investing apse थैंक यू सो मच फोर हैविंग मी सच अ वंडरफुल थिंग टुडे वी टॉक मोमेंट ऑफ इनवेस्टिंग समथिंग दैट्स रैली क्लास टू माई हार्ट तो एम जस्ट स एक्साइटेड। काफी लोग टेक्निकल एनालिसिस को शॉर्ट ट्रेडिंग ऐसी डारेल सोसिएट करते है। फंडामेंटल इनवेस्टिंग उनके दिमाग में चमकता ही नहीं है। हो डोज अंडरस्टैंडिंग ऑफ टेक्निकल हेल्प ऑफ फंडामेंटल इनवेस्ट। देखिये दिस इस बीन माई लाइफ पॉइंट लगातार। मैं कहता रहा हूँ कि चार्ट्स का इस्तेमाल केवल ट्रेडिंग के लिए नहीं होता है। चार्ट का इस्तेमाल इनवेस्टिंग के लिए भी बहुत अच्छे ढंग से किया जा सकता है। कभी आप एटलेस देखे तो एटलेस में 1 पूरे वर्ल्ड का मैप होता है। तो जब आप वर्ल्ड का मैप देखते हैं तो आपको लगता है की डेली से चेन्नई जाना बहुत आसान है। सीधी सड़क है बस आप डेली से चेन्नई पहुँच जाएंगे। लेकिन जब आप किसी 1 स्टेट का मैप देखते है तो ज्यादा कॉम्टे लगता है। फिर आप किसी डिस्ट्रिट का मैप देखते है तो उसमे छोटी छोटी सड़कें दिखती है। वो ज्यादा कॉम्प्लीकेट हो जाता है। तो जब आप लॉंगटर्म चार्ट देखते हैं तो दे टेन टू बी सिम्प्लर और जब आप शॉर्ट टम चार्ट देखते हैं तो वो ज्यादा कॉम्प्लेक्स होते है। तो मेरा यह मानना है कि लॉंग टम एनालिसिस में चार्टिंग वर्क्स ब्यूटीफुल आल। 2 वेरी फ्यू पीपल एक्च्वल्ली यूज चार्ट्स फॉर लॉngटमinvेटअफ़कोर्स fंdamentlhas on plेसबट ंडामendजनौtरलy help गिट देखिये, मैं 1 एग्जाम्पल देता हूँ। 1 मेरे मित्र थे, उन्होंने 1 समय पर 1 शेयर खरीदा। उनका बड़ा दिलचस्पी थी। 1 स्टॉक में बहुत समय से रिसर्च कर रहे थे। बहुत पढाई की उन्होंने स्टॉक के बारे में। was aबसोलूटलीकनविंस दिस going mltibagरandwes कीप डिस्कसिंग दैट। स्टॉक तो मुझे के देखना ही बहुत अच्छा चलेगा। इसमें। यह हो रहा है। इस साल का पैठ, यह आयेगा, अगले साल का पैठ। कितना रहेगा। ग्रोथ इतनी होने वाली है और उन्होंने बड़ी पोजीशन बनाई। स्टॉक में इस उम्मीद में के बड़ा मूव आएगा। अब हुआ ये कि इस पूरे पीरियड में 2 साल तक वो स्टॉक 1 रेंज में रहा। 2 साल बाद स्टॉक में वाकई में बहुत बड़ा मूव आया और ब्रेकआउट हुआ चार्ट पर मुझे दिखने लगा। वो मुझे बार बार कहते थे कि देखो इस स्टॉक को। मैं कहता था, सर चार्ट पर कुछ भी नहीं दिखता। मुझे ब्रेकआउट आने में डेढ़ साल से 2 साल का समय लगा। डेढ़ साल तक उस पोजीशन को होल्ड किए बैठे रहे। जब ब्रेकआउट आया तो उसके बाद बड़ा मुंह आया। लेकिन वो अपना समय बचा सकते थे। अगर आप चार्ट देख कर वो सेम इन्वेस्टमेंट करते तो आप टाइमिंग बहुत अच्छी कर सकते थे। आप बिल्कुल ब्रेक आउट के पहले या ब्रेकआउट के तुरंत बाद इन्वेस्ट कर सकते हैं। जब वॉल्यूम एक्टिविटी देखने को मिलती है। रजिस्टेंस टूटता है तो इस वजह से आप अपना समय बचा सकते हैं। टाइम इज मनी और आपका पैसा कहीं और लगा हुआ है तो 1 ओपोर्चुनिटी कॉस्ट ऑफ़ मनी होती है और वही सेम चीज काम करती है। एग्जिट के समय भी तो एग्जिट में भी कई बार क्या होता है की फंडामेंटली आप बड़े कनविन्स है की शेयर बड़ा अच्छा है। जब तक उसके फंडामेंटल बिगड़ते हुए दिखाई देते हैं तब तक ऑलरेडी प्राइज आ चुका होता है। ऐसा मुझे समझ आ रहा है की कुछ सिचुएशन में फंडामेंटल एनालिसिस 1 लीडिंग इंडिकेटर हो जाते है। वे कम तो एंट्री लेकिन लैगिंग इंडिकेटर होता वेन कम्स। टू एग्जिट काइंड। देखिये। अब जैसे मान को कोई स्टॉक में बहुत अच्छी वैल्यू नज़र ही लेकिन पूरे बाजार को भी नजर आनी चाहिए। जब पूरे बाजार को नज़र है कीमते बहुत बढ़ चुकी होती है तो यही कारण है कि अगर आप फंडामेंटल एनालिस्ट हैं या फंडामेंटल को तर्जी ज्यादा देते है और 1 बहुत बड़ी लड़ाई चलती रहती है। फंडामेंटल और टेक्निकल के बीच में मैंने अपने पूरी जिंदगी पूरे करियर में देखा है कि फंडामेंटल इस मेन स्ट्रीम, एनालिसिस एंड टेक्निकल सोर्सेज, पेरिफरल एनालिसिस, बट नाउ टेक्निकल आल्सो अकेली बिकम मेन स्ट्रीम। लेकिन आज भी वो रिस्पेक्ट नहीं है। दुनिया के सबसे बड़े फंडामेंटल इन्वेस्टर्स भी चार्ट्स का इस्तेमाल करते हैं, चार्टिस्ट को एम्प्लॉय करते हैं। उनकी टीम का हिस्सा कोई न कोई 1 बड़ा चार्टिस्ट होता है जिससे की वो अपनी टाइमिंग कर पाए। अब देखिये इसमें 1 लिमिटेशन है। अगर आपका साइज बहुत बड़ा है। मान लीजिये आप 1 म्यूचुअल फंड है या आपका खुद की बाइंग इतनी बड़ी है कि जब आप खरीदते हैं तो आपके खरीदने के कारण ही कीमतें बढ़ जाती है। और जब आप बेचने जाते हैं तो आपके बेचने की वजह से ही सपोर्ट वगैरह टूट जाते हैं। तो फिर चार्टिंग की आपके लिए जो अहमियत है वो लिमिटेड है। आप चार्टिंग देख सकते हैं, इंडेक्स की, आप चार्ट देख सकते हैं। पूरे ग्लोबल मार्केट्स की निफ्टी की सोल बट। आप अपने इंडिविजुअल काउंटर के चार्ट्स आपके लिए उतना इम्पोर्टेंट नहीं होते हैं। तो यह वजह है कि म्यूचुअल फंड्स और जो प्रोफेशनल बड़े इन्वेस्टर्स हैं उनके लिए चार्टिंग लिमिटेड इस्तेमाल की। आपका इन्वेस्टमेंट फिलोसॉफी क्या है? आई नो आप मोमेंटम इन्वेस्टिंग यूज करते हैं बट उसमें भी एग्जैक्ट फिल्टर स्क्या जिससे आप स्टॉक्स को पिक करते हो। मैं यह मानता हूँ की जो भी ट्रेन चल रहा है वही चलता रहेगा। दिस इस समथिंग that we हर्ड। अबाउट but we ve folodaक्च्वली काउंटर क्यूटिव आइडिया देखिये जैसे मिसाल देता हूँ आपको। मान लीजिये आप 1 दिन सब्जी मंडी जाए और आप देखते है की भाई टमाटर की कीमतें बहुत तेजी से बढ़ रही है। आप अगले हफ्ते जाते हैं। देखते है की टमाटर की कीमतें और बढ़ गयी। अब आपको लगता है की यार ये टमाटर तो बहुत महंगा हो गया है। तो अब आप क्या करेंगे? अब आप इस उम्मीद में रहेंगे की टमाटर की कीमतें घटने ही चाहिए और वो घट भी जाती है। क्योंकि टमाटर 1 कमोडिटी है। तो हमें लगता है की जो चीज बढ़ रही है वो हमेशा बढ़ती नहीं रहेगी, वो आम तौर पर घट जाती है और कई बार हमने ऐसा होता देखा है। लेकिन एसेट्स आर डिफरेंट सेट इस नोट समथिंग, इस नोट पेरिशेबल, इस नोट कंजूमेबलतोएसेटस में क्या होता है की जो बढ़ रहा है वही बढ़ता रहता है। इसके बहुत सारे कारण है। 1 बड़ा कारण ये है की जब वो कोई चीज बढ़ने लगती है तो उसकी स्केरसिटीहोजाती है। जैसे आप देख सिल्वर और चांदी और सोने में आप देखिए बेतहाशा तेजी और सब लोग उसी की बात कर रहे हैं। हर व्यक्ति जो है चांदी के दामों को लेकर चिंतित हैं। अब चांदी में क्या हुआ? आप लोग कहते हैं चांदी का इंडस्ट्री यूज है या वो सोलर पैनल्स में इस्तेमाल होने लगा है या वो पीसीबी में यूज होने लगा है। पर the हैज बीन the केस forever i wाइडेडपरइसgोप्राइसेस, गोप, बिकज, सडन, स्केरिट पीपल और होल्डिंग सिल्वर या होल्डिंग न तो है क्योंकि उनको लगता है की कीमतें आगे बढ़ती रहेगी। तो जैसे ही कीमतें बढ़ने लगती है लोग उसको होल्ड करना शुरू करते है और वो मजबूत हाथों में चली जाती है। जो कमजोर लोग होते हैं जिनको छोटा मोटा प्रॉफिट काफी रहता है, जिनकी प्रॉफिट बर्दाश्त करने की क्षमता सीमित होती है वो जल्दी बेचे जाते है। जैसे आप खुद भी अपना कभी पुराना इतिहास उठा कर के देखे। मैं यह मानता हूँ की अगर आप भी अगर 1 ट्रेडर हैं इन्वेस्टर हैं जो आज हमें सुन रहे हैं। आप अपना डीमैट खाता, अपना ट्रेडिंग अकाउंट खोल कर के। देखिये, आपको और कोई क्लास, कोई कोर्स करने की जरुरत नहीं है। मैं शर्तिया कह सकता हूँ की आपने भी डिफेंस स्टॉक सही जगह पर लिए होंगे, आपने भी रेल के शेयर्स, जब वो बिल्कुल बॉटम के आस पास है तब शायद खरीदे हों, आपने भी पेटीएम को एकदम बॉटम पर खरीदा होगा। लेकिन आपने क्या किया की कीमते हल्के से बढ़े और आप बाहर हो गए। आपने सौ रूपए पर खरीदा 100 5 आया, आपसे वो 5 रूपए देखे नहीं गए तो आपने कहा 5 रूपए। आज मेरे भाग से मिल रहे हैं, यही ले लेता हूँ और आप 5 रूपए ले निकल आये। बाद में वो शेयर डेढ़ सौ का 200 का 200 का हो गया। जो चीज आपने 100 5 पर बेची वो 120 पर खरीद। पाना तो मुमकिन ही नहीं है क्यों की उसके लिए बहुत साहस चाहिए होता है। तो फिर आप क्या कहते हैं कि चलो इसको जाने। 2 और कुछ ऐसा ढूंढते हैं जो पिटा हो, गिरा हो। तो हम आमतौर पर क्या करते है की बढ़ते हुए शेर से तुरंत निकल जाते हैं। यह हमारी सबसे बड़ी समस्या है। हाउ डू वी नू की हमें कब एग्जिट करना चाहिए, वो कौन से मेट्रिक या टेक्निकल इंडिकेटर हैं जिन्हें हमें ध्यान में रखना चाहिए। देखिये एग्जिट इस फंक्शन ऑफ़ लोट ऑफ़ फैक्टर्स चार्टिंग में बहुत सारे टूल्स हैं जैसे मान लीजिए आपने कोई शेर खरीदा, अब आपके फेवर में जा रहा है, बढ़ता चला जा रहा है। आपको ये अन्दर अन्दर एंग्जाइटी हो रही है कि कहीं ऐसा न हो की अभी जो प्रॉफिट दिख रहा है ये विलुप्त हो जाए। चला जाए हाथ से। तो आप क्या करते है की आप जैसे ही थोड़ा सा बढ़ के हल्का सा गिरता है निकल जाता है। आप सोचते है की चलो 110 देखा था अब 100 8 मिल रहा है सौ रूपए पर खरीदा था तो 8 रुपए का प्रॉफिट हो रहा है बुक कर लेते हैं बाद में वही शेर 140 50 चला जाता है। आपको करना सिम्पली ये है 1 ट्रेलिंग स्टॉप लॉस रखना है 1 मूविंग एवरेज की रेखा को ट्रेलिंग स्टॉप लॉस बना ले जब तक प्राइस मूविंग एवरेज से ऊपर चल रहा है आप होल्ड करके वेट कर रहे है। जैसे ही प्राइस मूविंग एवरेज की रेखा के नीचे गए आप निकल आये। 1 टूल का मैं यहाँ पर जिक्र करूँगा 1 पैराबोलिक एसएआर करके बहुत ही कारगर चार्टिंग टूल है और 1 पैरा बोला करके जो मेट्रिक फिगर है, जो स्कूल कॉलेज में पड़ी थी उसी अरेंजमेंट में इसमें डॉट्स बनते हैं हर बार के नीचे और जैसा प्राइस का बार बना नीचे 1 डॉट आपको दिखाई देगा। वो आपका सुझाया गया स्टॉप लॉस है। तो जैसे जैसे प्राइस आपके फेवर में जा रहा है बार ऊपर बनते चले जायेंगे। एंड एस प्राइस प्रोग्रेस हायर यौर स्टॉप लॉस टैगिंग अलोंग स्टॉप। तो जब तक उस लेवल के नीचे क्लोज नहीं आता है तब तक होल्ड करें। तो इससे क्या है कि आप रैली का जो मैक्सिमम हिस्सा है, जो मिडियस पार्ट है रैली का, उसको आप कैप्चर कर पाएंगे। तो इस तरह के बहुत सारे टूल्स हैं चार्टिंग में जो आपके एग्जिट को सुधार देते हैं, आपकी एंट्री को इम्प्रूव कर देते है। और अगर एंट्री और एग्जिट की टाइमिंग ठीक हो तो मुझे लगता है कि बहुत सारी चीजें ठीक हो जाती है। आपका रिस्क जो है वो कंट्रोल में हो जाता है। व इस आई थिंक वन ऑफ़ द बिग शू 1 चीज जो सभी को याद रखनी चाहिए वो यह है कि देखिये जो वारन बफेट भी कहते हैं कि भाई पैसा नहीं खोना है। एंड दैट शुड बी और फर्स्ट प्रिंसिपल इन इन्वेस्टिंग आपको नुकसान पर अंकुश रखना है। पैसा हमेशा सीमित नुकसान लेकर के चलना। इज वेरी वेरी इम्पोर्ट गोरे स्पीकिंग ऑफ अनदर लेजेंडरी इन्वेस्टर लाइक वॉरन बफेट लेट राकेश जुंजनवालाजीका भी 1 फेवरेट स्टॉक था टाइटल एंड रिमेंबर सींग इन इन इंटरव्यू। आपने भी कहा था कि बॉस आपका फेवरेट स्टॉक निकाल के आया है। ओवर द लास्ट फ्यू यर्स। उसके पीछे क्या स्टोरी थी, उसमें भी क्या आपने सीम इंडिकेटर यूज किए थे? देखिये पुरानी आदे आपने ताजा कर दी बस इन 2 us be called mico और उस समय माइको के स्पार्क प्लग आते थे was वेरी इम्पोर्टेंट फॉर बी बिकाज that was स्टॉक विच gave मी द कॉन्फिडेंस के हां इन्वेस्टिंग से भी करियर बन सकता है और आप चार्ट्स का इस्तेमाल करके इतनी बड़ी रैली जो है उसको कैप्चर कर सके mico में रैली चली मुझे फंडामेंटली कंपनी अच्छी लगती थी चार्ट्स पर ब्रेकआउट हुआ। ब्रेकआउट पर मैंने एंट्री ली। जब तक प्राइस चल रहा था, उसके साथ साथ में चलता रहा। तो आई वाज एबल टू कैप्चर मोस्ट ऑफ दैट मूव एंड लास्ट फॉर सेवरल रस। तो सबसे इम्पोर्टेंट चीज क्या है की अगर आप सही जगह पर शेयर को खरीदे और उसको लंबे समय के लिए रखें तो जबरदस्त पैसा बनता है और उसके लिए चार्टिंग की मदद से आप अपनी टाइमिंग सुधार सकते हैं। स्टॉप लॉस को लेकर के सजक हो सकते हैं। विच आई, थिंक, इज, वेरी, इम्पॉर्टेंट और पूरे पूरे मूवीस को कैप्चर कर सकते हैं। that कोर्स गॉट मी वेरी intersted in एमेंस स्टॉक्स विच बीन माई लाइफ लांग पर शूट तो मुझे लगता है कि जो इंडिया में एमएनसी स्टॉक्स हैं अफकोर्स अब उनकी रैली पेपर ऑफ़ हो गई है। द लास्ट थ्री टू फोर बट बिफोर that एमेंसीसटॉकक्रिatेd लॉट ऑफ वैल्यू दे। मैं आपको 1 छोटा सा नुस्खा बताता हूँ। आमतौर पर आम निवेशक क्या चाहता है कि छोटी वैल्यू के स्टॉक्स खोजे जाएं। जिसका दाम 7 रुपया चल रहा है, 8 रुपया चल रहा है। इसलिए लोगो को वोडाफोन आइडिया पसंद है या ये स्पैंक पसंद है या सोषलॉनिकजमाने में पसंद था उसकी वजह उनकी कीमतें छोटी लगती है। किसी को 5000 रुपए का शेयर नहीं खरीदना है। आप चैट जी पी टी को कहें की। 1 स्टडी करें कि 5000 रुपए से ऊपर के मूल्य के शेयर अगर खरीदे होते तो किस तरह के रिटर्न आते है। अब देखिये जो शेयर 5000 से ऊपर का है उसमें प्रोफेशनल इन्वेस्टर्स होते हैं, बडे फंड्स होते हैं, बड़े इंस्टीट्यूशंस होते है। वो चाहते नहीं है कि आप उसमें आये इस लिए उसका भाव 5000 किया हुआ है। वरना स्टॉक जो है वो स्प्लिट हो सकता है। उसमे बोनस आ सकते हैं और कीमतें घटा दी जाती है आमतौर पर। लेकिन वो 5000 का इसलिए है क्योंकि दे डोंट वांट, यू टू कम, इन टू दैट। जैसे हमारे एम आर एफ का भाव। अब देखिये डेढ लाख रूपया हो गया और लगातार वो चलता ही चला जा रहा है। लेकिन कितने हम में से ऐसे लोग हैं जिनके पास एमआरएफ के शेयर हैं। कभी आप अपने मित्रों को, दोस्तों को, जानकारों को, शेयर बाजार में इंटरेस्ट है को कॉल करके पूछिए क्या आपने एमआरएफ कभी खरीदा है? वो कहेंगे यार क्या बात कर रहे हो तो इतना महंगा शेयर है उसको खरीद कर क्या होगा तुम ये बताओ कि वोडाफोन आइडिया कब लेना चाहिए। त तो बिकॉज एव्रीबडी इज फिक्सेट, वित बाइंग स्मॉलर, स्टॉक्स लो। वैल्यू स्टॉक्स वहाँ पर तेजी नहीं बनती है। तेजी हमेशा उन स्टॉक्स में बनती है जो खरीद पाना मुश्किल होता है। तो जो 5000 रुपए से ऊपर के मूल्य के शेयर हैं उस पर विशेष रूप से ध्यान देना चाहिए। 1 और इंटरव्यू में आपने मेंशन किया था कि पी एस या कोई भी स्टॉक जिसमे बहुत गवरमेंट उनसे दूर रहते हो ऐसा क्यों है? आपने अभी हाल में सुना होगा की गई एक्स करके 1 स्टॉक है जिसमें एनर्जी एक्सचेंज है और उसमें आपने देखा की 1 सिंगल डे की गवर्नमेंट पॉलिसी के कारण मैसिव डिक्लाइन आ गया। प्राइस। तो जहाँ पर भी देखिये गवर्नमेंट कंट्रोल्स होते हैं या रिस्ट्रिक्शन्स होते हैं वहाँ पर आप प्रेडिक् नहीं कर सकते की किस तरह के मूव्स कब आ जाए। तो थोड़ी सावधानी बरतनी चाहिए। तो मेरा हमेशा से मानना है कि जहाँ गवर्मेंट इंटरवेंशन बहुत है या गवर्नमेंट पॉलिसी डिसीजन है, बहुत हावी हो जाते हैं स्टॉक पर, तो उनसे हमेशा परहेज करना चाहिए और जहाँ विजिबिलिटी क्लियर है रोड मैप क्लियर है उन स्टॉक्स पर ज्यादा तर देना चाहिए। लेकिन ऐसा कोई अपवाद नहीं है जैसे मैंने अभी जो पीएस की रैली चली उसमें भी हिस्सा लिया। तो ऐसा नहीं है कि आप पूरी तरह परहेज करें बट योर लोकेशन हैज टू भी सच के आपका बहुत ज्यादा डिपेंडेंस, किसी 1 शेयर या किसी 1 गवर्मेंट देखिये कई बार क्या होता है मैं कुछ पोटफोलियो देखता हूँ उसमें सारे शेयर्स, पी, एस यू स्टॉक्स होते है। तो इस बिग रेस आपको यह समझना चाहिए कि यह खतरा है तो आपको इस तरह का पोर्टफोलियो बनाना है जहाँ पर हर तरह का स्टॉक आपके पास नहीं तो 1 ही मोमेंट में वक्त बदल गए जस्बाद बदलने वाला सीन हो सकता है। तो किसी की पोर्टफोलियो में आपने कहा कि निफ्टी फाइव हंड्रेड 1 इन्वेस्टमेंट यूनिवर्स मान सकता है तो उसमें कितने स्टॉक्स होने चाहिए एंड किस टाइप का एलोकेशन होना चाहिए? कन्वेंशनल विजडम यह है कि बहुत कंसेंट्रेटेड पोर्टफोलियो होना चाहिए। लेकिन मेरा ये मानना है की थोड़ा हाइपर डाइवर्सिफाइड पोर्टफोलियो होना चाहिए। जो स्टॉक परफॉर्म कर रहा है उसको पोर्टफोलियो में जगह दें जो परफॉर्म नहीं कर रहा है उसको पोर्टफोलियो से छटनी करते रहिये तो परफॉर्म और पेरिश दिस, शुड बी और मॉडल फॉर योर पोर्टफोलियो। केवल इसलिए की मैंने स्टॉक खरीदा था, उस दिन दीपावली थी या ये बहुत अच्छे दिन खरीदा था, या ये फला शेयर किसी दोस्त के कहे पर खरीदा था तो वो कोई भावनात्मक संबंध शेर से नहीं करना चाहिए। इट इज ऑल अबाउट परफॉर्मेंस ईव द बेस्ट ऑफ़ स्टॉक i eिtडमाइकोआलोसो वाटेवर स्टॉक यू हैव। अगर वो परफॉर्म नहीं कर रहा है तो निकलना बहुत जरूरी है। क्या आपको लगता है किसी को इक्वल वेटेड अप्रोच रखना चाहिए? दर हैज बीन माई अप्रोच लाजी। मैं इसी में विश्वास रखता हूं कि इक्वल होना चाहिए। लेकिन अफकोर्स देर मल्टीपल थ्योरीज आप उसको अगर लॉंग। टम में देखे तो मेरा मानना है की कोई खास फर्क नहीं पड़ता है। अगर आप थोड़ा बहुत लोकेशन को लेकर ऊपर नीचे भी कर देंगे तो और 10 साल का रिटर्न देखे पंद्रह साल का तो कोई खास फर्क नहीं पड़ता है। अफसोस इस बात का है की लोग अपना 10 साल का रिटर्न देखते ही नहीं। तो आज अगर आप किसी भी अपने दोस्त से जो की शेयर बाजार में रूचि रखता हो या बहुत समय से इन्वेस्ट कर रह है उससे पूछे भाई तुम्हारा रिटर्न क्या आता है? 10 साल में? क्या रिटर्न आया है तो ही विल नॉट हैव। क्विक आंसर टू दैट? क्योंकि उन्होंने कभी उस तरह सोचा ही नहीं है। आप कैलकुलेट करेंगे तो आप कई बार शौक में आ जाएंगे क्योंकि आपको ये रिलाइज होगा की जो इंडेक्स का रिटर्न है उससे भी बदतर आपका रिटर्न है। तो अगर हमारा इंडेक्स यानि कि निफ्टी पंद्रह परसेंट का सीएजीआर दे रहा है और आपका रिटर्न जो है वो 8 परसेंट, 9 परसेंट, 10 परसेंट और कई बार नेगेटिव रिटर्न भी है तो फिर आपके लिए देखिये शेयर बाजार में काम करके क्या फायदा हुआ। फायदा तब है जब आप इंडेक्स के रिटर्न को सब्स्टेंस से ली बेटर कर पाए अगर आप कम से कम मैच कर पाए अगर आप वो भी नहीं कर पा रहे तो उससे बेहतर है कि सिम्पल सा कर लीजिये या कोई इंडेक्स फण्ड में पैसा लगा दीजिये और देखिये शेयर बाजार ऐसी जगह है जहाँ पर मेंटल एंग्जाइटी झेलनी पड़ती है, काफी हैजर्डस प्रोफेशन है तो इसमें आप के फेशनल हैजडॉक्यूपेशनल, हैजर्डस है इस के भी मानसिक तनाव झेलना पड़ता है स्ट्रेस होता है कहीं बाहर बैठे लेकिन आपका ध्यान पूरा बाजार की ओर है तो बाजार 24 घंटे आप पर हावी हो जाता है तो इतना जब स्ट्रेस लेना है तो उसका रिटर्न भी आउटसाइड होना चाहिए मैंने इसे पोडकास्ट में कुछ और मोमेंटम, इनवेस्टर से भी बात किए उनका अप्रोच होता है बॉटम अप वो कुछ फिफ्टी टू वी खाए स्टोक्स को स्कैन करते हैं फिर उसके बेसिस पर वो और देखते की सेक्टर में क्या ट्रेंड चल रहा है फॉरेस्ट्री अप्रोच होता है उल्टा यू लुक एट दिस सेक्टर एंड। फिर देखते हो की स्टोक्स में कौनसा मोमेंटम है। तो आपका अप्रोच क्या है इसमें मैं मानता हूँ की जैसे भगवान तक पहुँचने के बहुत रास्ते हैं और कोई भी रास्ता गलत नहीं है वैसे ही देखिये क्या है कि इन्वेस्टिंग में भी देर मल्टीपल वेजऑफ़ इन्वेस्टिंग पीपल हैव। डिफ्रेंट अप्रोचेज कई बार लगता है की हमारा रास्ता सबसे अच्छा है और सबको सब लोग कनविन्स्ड है अगर वो कनविंस न हो तो फिर वो ये सफलता हासिल कर ही नहीं सकते है जितने भी सफल निवेशक होते है वो सुनते सबकी हैं करते अपने मन की है बहुत सारे अप्रोचेज है मैं ये बोटमअपऔरटॉपडाउन की सिरो टाइप में नहीं जाता हूँ आई लुक एट चार्ट्स गोट लिस्ट ऑफ, अबाउट हंड्रेड चार्ट्स दैट, आई फॉलो तो उसके बाहर मैं नहीं देखता हूँ तो मेरी 1 सूची है जिसको मैं अपना यूनिवर्स कहता हूँ और दिन में करीबन 2 बार में वो पूरी लिस्ट खंगाल लेता हूँ तो 800 चार्ट्स को 2 बार मल्टीप्लाई करें तो 1618 सौ चार्ट्स में लगातार देखता रहता हूँ ओह भाई उसमें जो इंटरस्टिंग लगते हैं उनको मैं 23 बार पहले देख चुका होता हूँ तो मुझे 1 सेंस होता है कि हाँ इसमें कुछ हो रहा है इसको देखा जाना चाहिए उसमें जब मौका मिलता है और मेरे पास जगह होती है क्योंकि मेरे पास भी पैसा सीमित है सभी लोगो के पास पैसा सीमित है। 1 पैसे की सबसे बड़ी समस्या है कि कितना ही पैसा आपके पास हो जाए लेकिन होता सीमित है बेच करके ही कुछ लेना पड़ता है। तो अब आपको ये सोचना है कि क्या जो अभी जिसमे बाय आ रहा है वो इतना अच्छा बाय है कि मैं अपना जो पहले का लिया हुआ स्टॉक है उसको एग्जिट करूं और इसको बाई कर लू। तो दैट इज समथिंग दैट यू हैव टू वरी यार अप्रोच शुड बी वेरी फोकस। आपको अपने पैसे को मल्टीप्लाई करना है, 1 रूल्स बनाने है अपने लिए और उन रूल्स को फॉलो करना है। दैट इज दी अप्रोच आई थिंक इट्स नॉट वेरी कॉम्प्लिकेटेड मतलब आप इसको सिम्पल रखे तो बहुत अच्छे परिणाम आते हैं। जितना कॉम्प्लीकेट करते चले जायेंगे उतनी ज्यादा समस्याएं आती हैं। फिर आपको लगता है कि शायद मेरी अप्रोच मे ही कुछ गलती रही होगी और फिर आप वापस से री इन्वेंट करने लगते हैं तो उसमे बहुत समय चला जाता है। पहले 1 चीज सीखी वो काम नहीं करे फिर आपने दूसरी चीज के साथ एक्सपेरिमेंट किया वो काम नहीं कर रही। इस पूरे प्रोसेस में 2 साल बीत गए बाजार बहुत भाग गया लेकिन आपने कुछ नहीं कमाया तो इस रूल भी सिस्टम या इस फ्रेम वर्क को थोड़ा सेट करते है ऑडियंस के लिए दिस इस टो डिफाइन लॉजिकली कब हमें एंट्री करनी है स्टॉक में लेस कोई स्टॉक सौ से 400 तक पहुँचता है और हमने 300 प्रॉफिट बुक कर लिया। एंड ये फिर से थ्री फिफ्टी पे आ जाता है, फिर वो फोमो आ जाता है की काश होल्ड कर लिया होता है। एड वाट पॉइंट शुड बी री एंटर द स्टॉक या फिर हमें 1 डिसिप्लिन इन्वेस्टर ट्रेड होकर कुछ रूल्स फॉलो करने चाहिए। इमोशंस जो है दैट इस वन ऑफ़ द बिगेस्ट शु ट्रेडिंग इन इनवेस्टिंग आलसो की। आपको हमेशा जैसा आपने कहा कि आपने कोई चीज जल्दी बेच दी तो आपको उसका दुख होता है, कोई बहुत अच्छे समय पर बेची तो उसमें दुखी होता है इतनी छोटी क्वांटिटी के लिए और लेना चाहिए था तो 10 मार्केट ऑफ इंटरनल रिग्रेट्स यहाँ पर आपको कोई न कोई समस्या तो हमेशा रहेगी। अगर घाटे में एग्जिट कर रहे है तो वैसे ही आप दुखी हैं तो इससे कोई निजात नहीं है। पार्ट ऑफ द प्रोसेस बट इफ यू आर फॉलोइंग प्रोसेस तो उतना डिटेचमेंट क्रिएट हो जाता है। फिर वो फोरम नहीं होता है। उसकी वजह ये है कि जैसे अब आपने मान लीजिए कोई स्टॉक एग्जिट कर दिया। बाद में वो बढ़ गया तो मेरा वो पैसा खाली तो रहा नहीं न, मैं कहीं और लगा दिया या तो वो पैसा मेरा खाली रह गया होता। तब मैं ये दुख बनाऊं कि हाँ वो शेर भाग गया, मैं का उसमें रहता तो मुझे और पैसा मिल रहा होता। लेकिन मेरा दूसरा शेर जो बाई किया वो भी बढ़ रहा है। तो आपको ओवरॉल होलसम अप्रोच लेनी है। मैंने इतना पैसा लगाया। बाजार ने यह रिटर्न दिया क्या मैं उस रिटर्न से बेहतर रिटर्न ला पा रहा हूँ। तो वन्स यू र फोकस्ड on that रिटर्न दैन आई थिंक यू स्टार्ट थिंकिंग वेरी लॉजिकली 10 आस्किंग वो कौनसी मेट्रिक्स है जिससे हम गेज कर सकते हैं कि के 9 इस टाइम तो एग्जिट अब मुझे एंट्री लेनी चाहिए मान लीजिये आपने रूल बनाया है कि मैं रजिस्टेंस के ब्रेकआउट पर बाई करूंगा सो दैट। इज योर सिम्पल अप्रोच स्टॉक में अपट्रेंड होना चाहिए। हायर बोटम बन रहे हों। वो 1 रजिस्टेंस को ब्रेक कर रहा हूँ। आपने वहां एंट्री ली 1 सफिषियंट डिस्टेंस पर स्टॉप लॉस रखा, प्राइस इतना परसेंट बढ़ने पर ट्रेलिंग स्टॉप लॉस रखा। तो जो भी आपके रूल्स हैं वो आपको डिफाइन करने पड़ेंगे और इसके बहुत सारे कॉम्बिनेशन बन सकते हैं। बेसिक अप्रोच मोमेंटम यूनिरस्टिंग की सेम रहती है कि जब तक उसमें मोमेंटम है हम उसको होल्ड करेंगे मोमेंटम जब पीटर आउट होने लगेगा हम निकल आएंगे और वो कैसे पता लगेगा। उसके कई सारे रूल्स हैं। स्टोक रेंज में चला जाए तो निकाल आएंगे लोअर, पिक्स बनाने लगेगा तो निकल आएंगे, लास्ट बोटम से नीचे चला जाएगा तो निकाल आएंगे। बहुत कम संख्या में लोग मोमेंटम युनिस्टर्स हैं ऐसा मुझे लगता है ट्रेडर्स बहुत हैं। अब तो खैर कम हो गए लेकिन 1 समय पर लगभग हर दूसरा आदमी हैफंडोट्रेडर। था मोमेंटम इनवेस्टिंग इस स्टिल समथिंग विच इस लेस पॉपुलर दैन। इट शुड भी गोरे आई थिंक उसका 1 रीजन हो सकता है कि टेक्निकल एनालिसिस ताटेम्पिटेटिंग लगता है। बहुत सारे लोग मुझे फ़ोन करके बोलते है कि सर मैंने फला शेयर में वो पैटन देखा था जिसकी चर्चा आपने की थी और बिल्कुल परफेक्ट बना था। लेकिन बावजूद इसके वो तो गिर गया। देखिये गिरना उसका स्वाभाविक है। हर पैटन का 1 फेलियर रेट होता है, किसी का फेलियर रेट थर्टी परसेंट है तो किसी का फोर्टी परसेंट है। तो अगर फेलियर रेट है तो 40 परसेंट प्रोबेबिलिटी थी की वो फेल होगा। तो उसका फेल होना कोई बहुत बड़ी खबर नहीं है। इट इस पार्ट ऑफ़ द प्रोसेस। तो आप देखिये चार्ट क्या है? चार्ट का डेटा कहाँ से आया। चार्ट का डेटा कोई भविष्य वाणी नहीं है। चार्ट इस हिस्टोरिक डेटा सो, दिस इस ऑलरेडी हap्पnडदिसइस वाटर। अंडर द ब्रिज। तो आप पुराने डेटा के आधार पर भविष्य के बारे में अनुमान लगा रहे हैं। बस। तो पहली चीज यह समझना है कि ये डेटा सारा पुराना है स्टोरिकएकऔर इंटरव्यू में रमे यू मेंशनिंग की प्रॉफिट लोग को काफी बार हजम नहीं हो पाता है। तब रिस्क मैनेजमेंट तो 1 बात होती है कि लॉस झेलना उसका भी एपेटाइट होना चाहिए लेकिन प्रॉफिट को भी देख के वो फीलिंग आती है की शो दिस इज वन ऑफ द मोस्ट इम्परटेंट बेसिक प्रॉब्लम से पीपल स देखिये कई बार मुझे लोग कहते है हम शेयर बाजार से दूर रहेंगे क्योंकि हम नुकसान बर्दाश्त नहीं कर सकते। तो मैं उनको कहता हूँ की भई नुकसान बर्दाश्त करने की ताकत भगवान ने सब में कूट कूट कर भरी है। आप अपना डीमैट खाता कभी खोल कर के देखे तो आपको दिखेगा कि इतना नुकसान बर्दाश्त करने की ताकत में जो ताकत हमें नहीं होती है वो है मुनाफा देखने की। तो प्रॉफिट आता है। तो 10 एक्शनेबल थिंग यू वांट टू डू समथिंग। अबाउट तो मान लीजिये आपने कोई शेर खरीदा 300 रूपए पर वो अचानक से 320 रूपए हो गया तो। अब आप क्या करेंगे 1 छटपटाहट सी होगी उसके बाद यू वुड वन टू स्टू समथिंग तो आपको लगेगा 320 हो गया यह गिर ना जाए अभी तो 20 रूपए आ रहे है चले न जाय तो आप क्या करेंगे उसको चातक की तरह देखते रहेंगे। फिर वो 320 से 300 पंद्रह आयेगा तो आपको अचानक से लगेगा तो गलत कर दिया 320 आ गया था बेच देना चाहिए था फिर वो 310 आयेगा तुरंत भेज देंगे और फिर आप देखेंगे की वो शेयर बढ़ कर के 400 हो जाएगा। तो प्रॉफिट जो है उसको बर्दाश्त करना यानि के प्रॉफिट को विदस्टैंड करने के लिए बहुत हिम्मत चाहिए। एंड देर इस समथिंग इस लाइक मसल हैव टू बिल्ड एट ओवर पीरियड ऑफ़ टाइम तो उसके लिए अपने आपको तैयार करना पड़ता है प्रॉफिट कैसे बर्दाश्त करे और जब आप प्रॉफिट बर्दाश्त करने लगते हैं तो उसके बाद नुकसान बर्दाश्त करना तो बहुत आसान हो जाता है। तो अगर आपको नुकसान बर्दाश्त करने की ताकत चाहिए तो प्रॉफिट बर्दाश्त करने की ताकत विकसित क टेक्निकल एनालिसिस काफी लोगों के लिए इं्टरमिटेटिंग होता है बिकज सो मेनी इंडिकेटर पंद्रह सौ के करीब है या उससे भी ज्यादा है वो कौन सी इंडिकेटर है जो आज फंडामेंटल एनालिस्ट अगर मैं सीखूं उससे मेरी इन्वेस्टिंग परफॉर्मेंस ड्रमैटिक इम्प्रूव हो सकती है। इंडिकेटर्स बहुत सारे हैं जैसे आपने कहा की पंद्रह सौ से ज्यादा है। अभी मुझे आपको जानकर हैरत होगी कि लूनर साइकिल पे इंडिकेटर्स है, लूनर साइकिल, लूनर साइकिल। तो जैसे कृष्ण पक्ष है उसमे आप बेचें और शुक्ल पक्ष में खरीदे। इस तरह के इंडिकेटर तो इंडिकेटर्स आप किसी भी चीज पर बना सकते हैं। देर हंड्रेड्स और द ओल स्टेटिस्टिकल कांसेप् ट वी लेड स्कूल याने की ग्रेशन है कोर रिलेशन है। सबके इंडिकेटर्स होते है लेकिन ये समझना जरूरी है की इंडिकेटर आपकी सारी जीवन की समस्याएं हल नहीं कर सकता है। इंडिकेटर केवल उस डेटा को बेहतर ढंग से आपके सामने रख सकता है। इन्टरप्रेटेशन आपको खुद करनी है। तो दैट इज, द मोस्ट इम्पोर्टेंट पार्ट। आपको पता होगा की ये शेयर खरीदना चाहिए लेकिन आप खरीद नहीं पाएंगे क्योंकि आपके जिस बात नहीं खरीदने देंगे, आपके मोशन से आड़े आ जायेंगे तो उस चीज की ट्रेनिंग कहाँ से मिलेगी। आपको इंडिकेटर सब समझ आ जायेंगे। आर एस ई आर सी स्टोकैस्टिक सब पता लग जाएगा। बट हाव विल यू एक्च्वलली इम्प्लीमेंट दोस इंडिकेटर्स एंड मेक 2 स्टफ ट्रेडिंग डिसिशन स्टेडिंग में रूथ लेसनेस चाहिए। बे रहमी से एग्जिट करना पड़ता है और वो काम जो है उसको करने के लिए ट्रेनिंग चाहिए। तो वो वो आपको चार्टिंग सॉफ्टवेयर से या इंडिकेटर्स के बारे में जान लेने से नहीं मिलेगा। मैं इसे सैकड़ों लोगों को जानता हूँ जो इंडिकेटर्स के चलते फिरते इन साइकड़ों पीडिया है। तो आप उनसे पूछेंगे तो उन्हें सारे इंडिकेटर्स के बारे में पता है। कंपनी के फंडामेंटल भी पूरी तरह जानते हैं लेकिन पैसा नहीं कमा पाते हैं बाजार से तो उसकी वजह क्या है की अपने इमोशंस अपनी जो ट्रेडिंग के स्किल्स है उस पर काम नहीं करते हैं। तो मुझे लगता है सॉफ्टर इस मोर इम्पॉरटंटतो ये जो बिहेवियरल साइकोलॉजी का खेल है, टू हैव द स्टमक तो विचस्टांरिस्क और प्रॉफिट भी, तो उसको हम कैसे बिल्ड कर सकते हैं? देखिये टेक टाइम, तो आपको छोटी छोटी चीजों से शुरू करना पड़ेगा, 1 प्रोसेस बनाना पड़ेगा अपने आपको डिटैच करना पड़ेगा उससे। इसलिए देखिये एल्गो ट्रेडिंग सफल हो जाती है कुछ लोगों के लिए, उसमे क्या होता है की आपको खुद डे टू डे डिसिजन नहीं लेने है, कंप्यूटर ले रहा है अलग से बैठे कंप्यूटर। 1 सिस्टम के बेसिस पर बाय सेल, बाय सेल करता रहता है। तो क्योंकि कंप्यूटर ले रहा है कंप्यूटर बिल्कुल ही अन इमोशनल होकर के ट्रेड कर रहा है तो यू गेट दैट रिजल्ट। लेकिन जब वही ट्रेड आप करने बैठते हैं तो आप कभी सोचते हैं कि रुक जाते हैं। 5 मिनट शायद स्टॉप लॉस सेट न हो तो वो जो इमोशंस हैं वो हमारे रास्ते में आ जाते हैं। तो इट इज, अबाउट बिल्डिंग दैट कैपेबिलिटी ओवर पीरियड ऑफ़ टाइम। तो ये देखिये किसी भी और विधा की तरह, जैसे मान लीजिये आज मैं आपको कहू कि आप जो है 1 वाद्य यंत्र कोई है, मान लीजिये आप तबला बजाना सीखना चाहते है, तो तबला बजाना सीखना शुरू करेंगे तो कितना समय लगेगा? बरसों लग जाते हैं लोग जब इतने छोटे से बच्चे होते हैं तब से शुरू करते हैं। कब जाकर के कंसर्ट में प्ले कर पाते है। तो दिस इज लाइक दैट इट टेक टाइम। तो आप सोच रहे हैं कि आपने किताब पढ़ी आपने यूट्यूब पोडकास्ट देखा और 1 बड़े ट्रेडर या स्टर बन जायेंगे। तो इस नोट दैट सिम्पल टेक टाइम यू हैव टू कंट्रोल योर इमोशंस एंड गिव दैट। परफॉर्मेंस अगर कोई यंग इन्वेस्टर हैं जो अपनी पहली सैलरी स्टॉक मार्केट में निवेश करना चाहता है। हाउ शुड दैट पर्सन गो। अबाउट मतलब इन्वेस्टिंग के लिए अलग पैसा रखना चाहिए, ट्रेडिंग के लिए अलग पैसा रखना चाहिए। 1 कंबाइंड कोपिस होना चाहिए। देखिये पहली बात तो जो यंग लोग है उनको मेरी सलाह थोडा मेरी उम्र हो गई। तो मैं सलाह दे सकता हूँ की भई पहली अपनी जो आपकी सैलरी है। तो अपने माता पिता के वो भेंट कीजिए सो उन्होंने बड़ी मेहनत से आपको यहाँ तक पहुँचाया, उसके बाद जो आपके पास पैसा बचता है, इनवेस्टिंग इस समथिंग दे। शुड स्टार्ट अली तो जितनी जल्दी आप इन्वेस्टिंग को लेकर संजीदा हो जाए उतना अच्छा है। क्योंकि देखिए कोल्टनेटकरियर सबको चाहिए। दे नीड फॉलबैक कार्पस यू शुड स्टार्ट इन्वेस्टिंग ईवन बिफोर यू स्टार्ट मेकिंग मानी देखिये जब आप यंग हैं आपको पॉकेट मनी मिलता है स्कूल में, कॉलेज में उस पैसे को जोड़कर इनवेस्टिंग कीजिये डीमेट खाता खोल दीजिये, बच्चे का जब वो देखने लगता है की अच्छा मेरा भी डीमेट खाता है, फला शेयर मैंने लिया है या फला म्यूचल फंड लिया है, उसका दाम इतना बढ़ गया है, मेरी सेविंग इतनी हो गयी तो उसके अन्दर 1 सेंस ऑफ ओनरशिप क्रिएट होती है। और ये मुझे लगता है बहुत पावरफुल चीज है। तो पहली चीज तो मैं कहूँगा कि वेट मत कीजिये की जब पहली सैलरी आएगी तब इनवेस्टिंग शुरू करेंगे। आप इनवेस्टिंग पहले भी शुरू कर सकते हैं। रहा सवाल कि जब सैलरी आने के बाद कितना पैसा किस में डालना चाहिए। तो देखिये यंग आदमी उतना सेव नहीं कर पाता है। लेट्स बी प्रैक्टिकल। तो आप जैसे जैसे सेविंग करने लगते हैं। मेरा यह मानना है कि this is an। इंडिविजुअल चोइस बट, इफ यू आर सीरियस, अबाउट इट स्टार्ट, इनवेस्टिंग अर्ली और शुरू में अपना पोर्टफोलियो खुद नहीं बनाना चाहिए, क्योंकि उसमें बहुत सारे पेज हैं। समझने में समय लगता है। ईटीएफ 1 बहुत जबरदस्त रास्ता है, एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स है, निफ्टी का आईटी एफ है, बैंक निफ्टी का आईटी एफ है, गोल्ड सिल्वर का ए टी एफ है। तो आप ईटीएफ के जरिए बाजार को टैप करें। बाय नोबोडी एलसेस, थोड़ा चार्ट्स देखिये, चार्ट्स पर बेसिक चार्टिंग। अगर आपको आ जाए तो आप बेसिक चार्टिंग की बदौलत भी बहुत अच्छे इन्वेस्टमेंट डिसिजन ले सकते हैं। लोंग टम चार्ट देखिए, कौन सा चार्ट देखना है वीकली मंथली क्वार्टरली ये चार्ट देखिये और इसके बेसिस पर लॉंग टम इन्वेस्ट कीजिये आप यंग हैं। तो आपके पास बहुत समय है। अब आप देखिये वारन बफेट। आज 90 बरस की आयु में भी ज्यादा भी है उनकी शायद उम्र नाइनटी यर्स में भी टॉकिंग लॉग टम टॉकिंग। अबाउट इनवेस्टिंग फर ने ट्वेंटी, थर्टी फॉर्टी यंग पर्सन। जिसकी उम्र 50 साल है, वो आज सोचता है। 2 साल बाद बढ़ेगा वो मत बताइए वो बताइए जो कल बढ़ जाए। तो अगर आप यंग हैं तो आप लम्बी अवधि का सोचना चाहिए। इसमें भी डिविजन इन हेल्प सो वो कंफ्यूजन ही हुआ की पैसे है। देखिये जैसे जैसे आपकी सेविंग बढ़ जाती है, ट्रेडिंग देखिये सबके बस की बात नहीं है, ट्रेडिंग करनी भी है की नहीं, इस पर पहले बहुत विचार कीजिये की क्या ट्रेडिंग के लिए आप उपयोग है की नहीं। मान ली आप हाई प्रेशर जॉब में मिसाल दूंगा। आप डॉक्टर है या आप 1 लॉयर है या आपको पूरे दिन ट्रेवल करते रहना पड़ता है। तो ट्रेडिंग करना इज नौट, ईजी ट्रेडिंग, रिक्वायर्स फुल फोकस, इस प्रोफेशन, फुल टाइम, जॉब, फुल, टाइम काम। अगर आपका काम उसकी आपको इजाजत नहीं देता या समय नहीं देता है तो फिर वो मत कीजिए क्योंकि आधा अधूरा अगर आप उसके साथ भी जस्टिस नहीं करेंगे तो उसमें पैसे का आपका नुकसान हो जाएगा। नुकसान होगा तो पूरा मुह भंग हो जाएगा। शेयर बाजार से। फिर आप कहेंगे मुझे। शेर बाजार में जाना ही नहीं है। मेरा इतना पैसा चला गया। तो इन्वेस्टिंग ऐसी चीज है जो सबको करनी है। बडी शुड इनवेस्ट सो, वुड सजेस्ट, इफ योर यंग पर्सन स्टिल नोट शोर। अबाउट वैर यू वांट। तो गो स्टिल आप फाइंडिंग फीट। तो आपको इन्वेस्टिंग से शुरू करना चाहिए। आई नो आपके पास 23 सालों का एक्सपीरियंस है। इन्वेस्टिंग एंड ट्रेडिंग में आपने भी कई बार देखा होगा चार्ट्स में की फाल्स ब्रेकआउट्स होते रहते हैं। रोजाना राइट। तो वो हम कैसे जान सकते है की ये फोल्जनगेएक्ट्वली एक्ट्वाली ब्रेक आउट है, कुछ भी गारंटी नहीं है। अगर इसमें गारंटी होती के आपका जो आप ट्रेड ले लेंगे, उसमें प्रॉफिट ही आएगा। या जो ब्रेकआउट होगा, सफल ही होगा। जो बढ़ गया वही शेर भागता जाएगा। तो फिर तो देखिये बहुत आसान हो जाता है। अभी तक हम लोग कितना पैसा कमा चुके होते। इसमें क्या है कि इस ऑलवेज एलिमेंट ऑफ रिस्क अगर रिस्क नहीं होगा। तो रिटर्न किस बात का है। आप ये सोचिए हमने ऐसे कौन से परोपकार किए है कि घर बैठे हमें पैसा मिलता रहेगा। अगर बाजार हमें पैसा दे रहा है तो वो रिस्क लेने का ही रिवॉर्ड है। तो वी आर टेकिंग रिस्क रिस्क ब्रेकआउट में नोट वर्क आउट that रिस्क रिस्क किया। आपने शेयर खरीदा तो सब कुछ अच्छा था, चार्ट भी बढ़िया था। अगले दिन आप सुनते हैं की खबर आ गई, अचानक से कोई और वो 20 पर्सेंट नीचे हो गया है, इस रिस्क दैट यू वो आप रिस्क ले रहे हैं। इसी लिए रिवॉर्ड आता है। तो उन चीजों का कोई हल नहीं है। फॉल्स प्रेक आउट आते रहेंगे, उनसे निपटना पड़ेगा। लेकिन नेट ऑफ करके देखेंगे तो नेट में पैसा बचना चाहिए, बनना चाहिए। तो कोई 1 ट्रेड गलत हो जाता है, कभी भाग्यवश् गलत हो जाता है, रोजाना होता रहता है। और इसको लेकर बिल्कुल इसको अपने जहन में नहीं रखना है। अब कुछ लोग मुझे मिलते हैं, वो कहते हैं सर हमारी तो किस्मत ही नहीं है, हम जो ले लेते हैं, वहीं गिर जाता है। जो हम बेच देते है वही बढ़ जाता है। तो देखिये ऐसा किसी के साथ नहीं होता। यह हमारे मन के भाव हैं। तो इस तरह से मत सोचिए आपकी किस्मत बहुत अच्छी है। आपको सिर्फ चार्टिंग और इनवेस्टिंग सीखने की जरुरत है। नए इन्वेस्टर्स। जिन्होंने अभी मार्केट में एंट्री ली है, उनको क्या करना चाहिए, सम में इन्वेस्ट करना चाहिए, उन्हें या फिर उनको एवरेज डाउन करना चाहिए। एग्जिस्टिंग स्टॉक्स में करेक्शन तो आता ही रहेगा। आप देखिये कोई भी चीज वर्टिकली नहीं ऊपर जाती। हालाँकि देखिये, हमारी तो यह भाग्य है की आई स्टार्ट माई करियर और मेरे करियर में मैंने कभी निफ्टी को बहुत सिग्निफिकेंटली नीचे आते नहीं देखा। तो अगर आप कभी कोटली मंथली चार्ट निफ्टी के देखे तो इट बी कंटिन्यू वन वे गाइंडोराइजतो। इसलिए हमें लगता है कि बाजार तो हमेशा बढ़ते ही रहते है। लेकिन आप देखिये करेक्शन समय समय पर आते हैं और करेक्शन सिग्निफिकेंट होते है, दिल दहला देते हैं। इस तरह के कनेक्शन आते हैं। तो कनेक्शन के आने से कोई आश्चर्य नहीं होना चाहिए। पार्ट द गेम तो कनेक्शन आये। तो उससे निपटिए आपने जो भी स्ट्रैटेजी बना रखी है। मान लीजिए आपका एग्जिट ट्रिगर हो रहा है, 1 कीजिये बिल्कुल भी संकोच मत कीजिए निकल आए पहले, बाद में बचाइएगापहलेनिकल जाइए। तो दे शुड बी दी अप्रोच और अगर आप कनेक्शन में सही जगह पर निकल जाते हैं तो कनेक्शन आपको खास कोई तकलीफ नहीं दे जाते है, नए मौके आते हैं कनेक्शन में। आपको याद होगा की कोविद में बाजार गिरा था और हमने निफ्टी में वर्टिकल क्रैश देखा था और एग्जिस्टेंशियल क्राइसिस था। हमें ये नहीं पता था कि बाजार बंद तो नहीं हो जाएगा। या कितने लोग मारे जायेंगे। कोड में। यह मार्च 2020 की बातें तो देखिये, जब हम उस तरह का कनेक्शन झेल करके भी इतनी बड़ी तेजी दिखा सकते हैं तो कनेक्शन से निपट सकते हैं और बहुत अच्छे से नेविगेट कर सकते है। और समय भी। चार्ट्स ने बहुत जबर्दस्त काम किया था अगर आप कोबिड ऐसी पहले के कोविंड के दौरान के और उसके बाद जो रैली बनी अगस्त सिप्टेम्बर टू थाउजंड ट्वेंटी में, उसको अगर चार्ट से देखें तो आप देखेंगे बहुत ही क्लियर वाय सिग्नल मर्ज हुए निफ्टी में भी मेजर निफ्टी कॉम्पोनेंट्स में सो सो इफ यू हैड। यूज चार्ट यू वुड हैव। प्लेडेट कई नए इनवेस्टर्स खासकर जेनजी इनवेस्टर्स का यही सपना होता है कि 1 दिन कॉर्पस इतना बड़ा होगा कि डिविडन इनकम से ही मंथली खर्चे निकल आयेंगे। वो सपना कितना रियलिस्टिक कोरपस का साइज कितना होना चाहिए। बालपार्क टू बी एब्ल टू कवर मंथली एक्सपेंसिस बहुत अच्छा विचार है। अगर आप ये मानते है की डिविडेंट जो है जो की बहुत कम होती है, आधे परसेंट के आस पास होती है स्टॉक्स की तो उसकी डिविडेंट हील्ड ऐसी आपका एक्सपेंस निकाल तो बड़ी बात है तो उसके लिए बड़ा कोर्स होना चाहिए। लेकिन इम्पोर्टेंट ये नहीं, मुझे लगता है कि देखिये इतने बड़े सपने देखना कोर्स यंग एज में आप बड़े सपने देखते हैं। आप शुरुआत करते हैं करके पोर्टफोलियो कब खुद बखुद इतना बड़े हो जाते हैं कि आपको महसूस ही नहीं होता है तो बट यू हैव टू स्टार्ट बिल्डिंग ऑन और धीरे धीरे करके उसको जोड़ते रहिए और फ्रस्टेशन नहीं होना चाहिए। मुझे लगता है कि वेरी पावरफुल जर्नी इस में बहुत मजा आता है। इसमें 1 फाइनेंशियल इंडिपेंडेंस क्रिएट होती है। आप बाजार में कुछ भी हो रहा है, आप सब में हिस्सा ले सकते है तो गोल्ड सिल्वर बढ़ रहा है, आप उसमें हिस्सा ले रहे हैं। आप देखते हैं की डिफेंस के स्टॉक्स बढ़ रहे हैं, आप उसमें हिस्सा ले रहे हैं। तो इफ यू आर एक्टिव और पार्टिसिपेटिंग इन द मार्केट यू मेक अ लॉट ऑफ मनी एंड यू इंजॉय राइट सो ट्राइन इंजॉय राइट। तो अगर आप वो करते हैं तो पैसा तो अपने आप बन जाता है। पैसा इस कहे कि इसका क्रिटिकल पोर्शन है बट हैपन ऑटोमेटिक आई थिंक। आपने 1 इंटरव्यू में थमरूडभी मेंशन किया था कि अगर आपको फिफ्टी थाउस चाहिए है तो आप मान के चलिए 200 टाइम होना चाहिए उस ओके तो टू हंड्रेड टाइम्स और वैट यू वांट टू, व् यू स्पेंडिंग इच। इस काइंड ऑफ़ काफी बढ़ा के अगर किसी को एंट्री एग्जिट को मास्टर नहीं बत एट लीस्ट बेटर होना है। लाइफ में तो वो कौन सी 3 टेक्निकल इंडिकेटर है जो आप यूज करते है। आप सजेस्ट करोगे देखिये बहुत पॉवरफुल, बहुत सिम्पल सा एनालिसिस करने में विश्वास रखता हूँ, मुझे लगता है की बहुत कॉम्प्लीकेट नहीं करना चाहिए। 1 इंडिकेटर जिसको लेकर मैं बड़ा पैशनेट हूं रेलिटिवस्ट्रेंत। तो आई बिलीव दैट वेरी पावरफुल टूल थोडा तो रेलिटिस्ट्ेंतहिस कंपेयरिंग यार स्टॉक टू द इंडेक्स। तो अगर आप मान लीजिए रिलायंस में ट्रेड कर रहे हैं तो आप रिलायंस को कंपेयर करें निफ्टी के साथ और ये देखिये की क्या वो निफ्टी को आउट परफॉर्म कर रहा है। तो मेरा ये मानना है कि आउट परफॉर्मिंग स्टॉक स्टेंड टो कंटिन्यू टू आउट परफॉर्म तो वहीं आउट परफॉर्म करते रहते हैं जो अंडर परफॉर्म कर रहे हैं उनसे दूर रहना है। जो आउट परफॉर्म कर रहे है उनमें निवेश करना तो रेलेटिव स्ट्रेंथ उसका 1 इंडिकेटर है आई थिंक आर एस आई में भी कुछ ब्रैकेट्स होते हैं जो कुछ है देखिये आर एस ई इस डिफ्रेंट, आरएसआई मोमेंटम दिस इस कंपेरेटिव, आरएसआई ये कंपेयर कर रहा है, बिटवीन टू स्टॉक, दिस डिफ्रेंट इंडिकेटर जो रेलेटिव स्ट्रेंथ इंडिकेटर है जिसकी आपने बात कि आरएसआई विच वेरी पॉपुलर, व मोस्ट डॉक्टर, अबाउट इंडिकेटर जिनको चार्टिंग के बारे में बहुत कम पता होता है। वो भी आर एस आई मूविंग एवरेज तो सबने ही सुना होता है। आजकल तो आर एस आई भी बहुत ताकतवर चीज है लेकिन उसको पर्सपेक्टिव में देखना है आप ये सोचे की केवल आरएसआई के भरोसे हम बहुत कुछ कर लेंगे तो ऐसा नहीं है इट गिव यू एन इनसाइट विंडो इन वाट हैपनिंग तो उसको भी सही जगह पर इस्तेमाल करें तो बड़ा काम आता है। देखिये इस तरह से है कि आप किसी डॉक्टर से पूछे की भाई आपकी फेवरेट दवाई कौन सी है विच इज योर फेवरेट, मेडिशन दैट यू वुड वांट टू गिव टू आल योर पेशेंट। तो ऐसा नहीं है। देखिये हर मर्ज की अलग दवा है। तो आप करना क्या चाहते हैं। चार्ट कौन सा है किस टाइम फ्रेम के लिए चार्ट देख रहे हैं तो उस हिसाब से इंडिकेटर का चयन करना पड़ता है। और अगर आप सही इंडिकेट यही सीखने में देख के वक्त लग जाता है कि कौन सा इंडिकेटर कहाँ काम आएगा। लेकिन वन्स यू अंडरस्टैंड दैट इट इज वेरी पावरफुल इज वेरी सिम्पल को तो कंपरेटिव सेकंड टॉपर माइंड। देखिए मुझे मूविंग एवरेज बहुत ताकतवर लगते हैं, मुझे लगता है उनकी बहुत उपयोगिता है 1 इंडिकेटर बहुत पावरफुल है, अंडररेटेड है स्टोकेस्टिक तो दैट हेल्प यू टाइम वेरी इफेक्टिवली तो बहुत सारे इंडिकेटर्स हैं, सबकी अपनी अपनी भूमिका है, किसी में कुछ बहुत अच्छा है, किसी में कुछ अच्छा नहीं है तो आपको उस हिसाब से उसका इस्तेमाल करना है लेकिन 1 चीज मैं बताता हूँ 1 बहुत इम्पोर्टेंट मिसकंसेप्शन है। देखिये नाम अलग अलग है लेकिन कोर्स सबका सेम रहता है। तो इस र यूजिंग लीडिंग, इंडिकेटर दर इस हाई चांस द सेकेंड इंडिकेटर लीडिंग। जो आप यूज कर रहे हैं वो भी सेमी सा होगा उसका भी एसेंशियल लॉजिक जो है वो सेम होगा। तो कई बार हम इंडिकेटर देख लेते हैं, उसका फार्मूला देख लेते हैं लेकिन उसका लॉजिक नहीं देखते हैं। तो इंडिकेटर देखते समय ये भी देखिये की क्या उसका लॉजिक डिफ्रेंट है। अगर आप सेम ही तरह के 4 इंडिकेटर यूज कर रहे हैं उसका कोई फायदा नहीं है तो वैलिडेशन होते तो आपको लगेगा। मैंने 5 इंडिकेटर से देखा था ये तो बहुत ही अच्छा ट्रेड था, सब पे ही बाय आ रहा था। लेकिन इस मल्टी कोलिनरिटी यहाँ पर के वो सारे ही जो ट्रेड हैं वो सारे इंडिकेटर 1 से है तो उसका एग्रीमेंट वीनस न तो आप फिर वही ट्रैप में और फंसते हंसेते चले दिस स परफेक्ट इंट्रोडक्शन टू मोमेंटम इनवेस्टिंग थैंक यू सो मच माई फ्लेवर थैंक यू सो investment in securities market a subject market risk read all the related caflyorningplease read clusercafybefore investing in equity shares the rilitivesmutual, fund and other instruments tre।