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20 Years Of Mutual Fund Knowledge In 91 Mins The 99 Percent Club Kirtan Shah

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TITLE: 20 Years of Mutual Fund knowledge in 91 mins | The 99% Club | Kirtan Shah CHANNEL: Investing With Upsurge DATE: 2026-03-08 ---TRANSCRIPT--- मैंने पिछले पचीस सालों का डेटा थोड़ा सा स्टडी किया हुआ है एंड देर आर साइकिल क्रॉस मार्केट कैप। अगर आप स्माल कैप इनवेस्टिंग करे तो मार्केट साइकिल 7 या 8 साल। स्माल कैप में जब निवेश किया वो पिक था, टॉप था, स्माल कैप ये पिक को बीट करने के लिए स्मॉल कैप इंडेक्स 7 से 8 साल तो लमसम डाला होता तो रिटर्न जीरो होता। आर एस आई पी के थ्रू आपका रिटर्न 10 12 पंद्रह परसेंट लार्ज कैप इनवेस्टिंग कर तो मार्केट साइकिल 3 साल की। अगर आप मिड कैप इनवेस्टिंग करे तो मार्केट साइकिल 5 साल की। सो डोंट, लोकेट प्वाइंट, टू प्वाइंट रिटर्न 1 साल, 3 साल, 5 साल, 7 साल, 10 साल का लुक एट समथिंग कॉलेज, दी, थ्री रेशजविलहेल्पमे सेलेक्ट, मोटा, मोटा एज रिटेल इन्वेस्टर आपको इससे बाहर कोई जाने की जरुरत नही है। 1 फण्ड जिसने पिछले 2 या 3 सालों में बहुत अच्छा परफॉर्म किया है। नाइन टेन टाइम द प्रोबेबिलिटी के आगे वाले 3 साल में अच्छा करेगा। इस जो 10 साल में ऐसी 3 साइकिल आएगी जब आपको लगेगा की आपका फण्ड अंडर परफॉर्म कर रहा है। इस नॉर्मल आप करते हो की फ्लेक्सी में आप वैल्यू स्टाइल वाले फण्ड मैनेजर को पैसा दीजिये। आप मिड में मल्टी में आप मोमेंटम वाले फण्ड मैनेजर को पैसा दीजिये और आप स्माल में मेजर ग्रोथ दीजिए। वहाँ आप ग्रोथ वाले फंड मैनेजर को पैसा। अगर पिछले 10 साल का आपको डेटा। 2 आपको ऐसा लगेगा की स्मॉल में ज्यादा रिस्क ले रहे हो तो स्मॉल में ज्यादा रिटर्न निकालना चाहिए। पिछले 10 साल में स्मॉल कैप का सी ए जी आर 16 परसेंट है और मिड कैप को 19 पर्सेंट। मार्केट में स्मॉल और मिड दोनो में पैसा आ रहे हैं और जब स्मॉल में पैसा आ रहा है तो 800 स्टॉक में जा सकता है पर मिड में जो सा रे और डेढ़ सौ स्टॉक में जा रहा है। mid performing from a stock, market, meter, small, cap, capital, market, new, कंपनी, एबल, रिटेल, बिजनेस, aईनएबलडफ्िnटेकस ये सब विल एंड वेरी, लार्ज, रोल, iconomi, टो, रैली, ग्रो, हेलो, गाइस, वेलकम, बैक, टू, आर, चैनल, आम, कुनाल, फाउंडर और मेरी टीम डिस्कस कर रहे थे की अभी भी इतना सब कांटेंट पुश करने के बाद भी कुछ ऐसी चीज़ है जो नाइनटी नाइन परसेंट लोगों को आगे लेके आये और फनंसियलीसाउंडफनेंसियल ली इंडिपेंडेंट बना सके। दिस इज वेरी रीज़न की हमने शो का नाम द नाइनटी नाइन परसेंट क्लब रखा है। यह उन नाइनटी नाइन परसेंट लोगों के लिए है जिनके पास रिसोर्सेज नहीं है। पर जो पढ़ना चाहते हैं, जो फाइनेंशियल ली अवेयर होना चाहते हैं, फाइनेंशियली लिट्रेट होना चाहते हैं, बट उनके पास जरिया नहीं है, माध्यम नहीं है तो ऐसी वीडियो सीरीज इम्पोर्टेंट बन जाती है उन लोगों के लिए जो इसका पार्ट है और वो खुद को अपलिफ्ट करना चाहते है। ये वीडियो सीरीज में टोटल थर्टीन वीडियोज है। इसका फर्स्ट सीजन है एंड हमने हर 1 टॉपिक के लिए उस टॉपिक का बेस्ट पर्सन इंडस्ट्री से लेकर आया है। फॉर एग्जांपल सीरीज का पहला टॉपिक होने वाला म्यूचयल फंड जिसमें शाको लेके आये है सो सीरीज के फर्स्ट वीडियो में वो म्यूचल फंड्स के बारे में इनडेपडिस्कशन करेंगे। 1 फ्रेमवर्क प्रोवाइड करेंगे की म्यूचल फंड क्या होते है, कैसे सेलेक्ट करते है, किसके लिए कौन सा म्यूचल फंड बना है। हम सभी इस नाइटी नाइन परसेंट क्लब का पार्ट है और हम सभी को ये जानना बहुत जरूरी हो जाता है की हमारे लिए क्या सही फाइनेंशियल प्रोडक्ट है। एंड दैट इज वाई बिकम वेरी इम्पोर्टेंट फॉर यू तो वाच दिस सीरीज स्टिल दी एंड एंड इनशोर करे की आप फ्री टाइम में इसको देखें और पेन पेपर लेकर देखे ताकि जो भी चीजें हम समझा रहे हैं जो भी चीजे हम डिस्कस कर रहे हैं वो आप नोट डाउन करें एंड मैं गारंटी देता हूँ की आपको म्यूचल फंड समझने के लिए। इसके बाद कोई भी वीडियो देखने की नीड नहीं पड़ेगी। ये वीडियो न सभी के साथ शेयर करना जो आप समझते हैं की इस नाइनटी नाइन परसेंट का क्लब का पार्ट है। तो चलिए पहले वीडियो की तरफ बढ़ते हैं होपिंग की आप ये विडियो एंजॉय करें और एंड तक देखे। सबसे पहला क्वेश्चन पिछले डेढ़ साल में मार्केट्स ने रिटर्न नहीं दिया है। म्यूचुअल फण्ड में ज्यादातर पैसा इक्विटी में जाता है तो मैं क्यों फिर भी म्यूचल फंड सेलेक्ट करू। ई थिंक इंट्रस्टिंग क्वेश्चन है। तो सबसे पहले तो जब भी आप इन्वेस्टमेंट की बात कर रहे हैं तो आपको ये समझना है कि पूरा सौ पर्सेंट पैसा इक्विटी में डाल कर आप वो म्यूचल फंड के थ्रू करे डिरेक्ट एक्विटी करे। कोई मतलब नहीं है। अब लोग ये सोचते हैं कि मैं 1 अग्रेसिव इन्वेस्टर हूँ तो मैं क्यों फिक्सिंग कम या किसी और ऐसे क्लास में पैसा रोको भी मेरको आम ओके की अगर अगले 20 साल तक मैं इन्वेस्ट्रेड रहने वाला हूँ। मार्केट कितना भी ऊपर नीचे होगा, मुझे कोई प्रॉब्लम नहीं है। उससे नीचे जाएगा तो मैं रात को फिर भी आराम से सो पाऊंगा। अगर इतना मेरा रिस प्रोफाइल है तो मैं क्यों एक्विटी के बाहर निवेश करूं आई थिंक। ये 1 प्रॉब्लम। पहले अगर आप समझ जाएंगे और उसका सॉल्यूशन क्या है तब जाकर आपको इस क्वेश्चन का आंसर मुझे लग रहा है। थोड़ा सा और बेहतर समझ में आएगा तो कोई भी 1 इंडिविजुअल या तो अग्रेसिव होगा या मॉडरेट होगा या कंजर्वेटिव करे। अब अगर आप कॉंजर्वेटिव इन्वेस्टर की बात करे तो कंजर्वेटिव इन्वेस्टर का डेफिनेशन क्या है की सौ रुपया उसने निवेश किया है। नाइनटी नाइन नहीं होना चाहिए पर वो सौ रुपया नाइनटी नाइन न हो। इस वजह से ऐसे निवेश करता है की वो इन्फ्लेशन को भी बीट नहीं कर पाता है। टैक्स भरने के अच्छे परसेंट फिकडिपाजिटआपको रिटर्न दे रहा है। 30 परसेंट टैक्स में हाथ में फोर प्वाइंट टू आता है। आप इन्फ्लेशन को भी नहीं बीट कर पा रहे हो। क्यूंकी आप 1 ऐसे इन्वेस्टर हो जो सौ सौ रुपए की इन्वेस्टमेंट पर नाइनटीन नाइन नहीं होता देख सकते? आरोप अगर आप सौ रूपये में से 80 रुपया फिक्स में रखे और 20 सौ रूपया इक्विटी में डाल दे तो मुझे लग रह है मोटा मोटा आपका वही प्रॉब्लम सॉल्व हो रहा है पर आप इन्फ्लेशन को फिर भी बीट कर पा रहे हो कैसे। तो अगर आपके 80 रूपए पे आपको 67 परसेंट सिक्िकम रिटर्न मिल रहा है मान लीजिये आप डेट म्यूचल फंड करेंगे तो 7 परसेंट जितना रिटर्न निकल जाता है तो आपको ₹80 पे 7 परसेंट के हिसाब से फाइव पॉइंट सिक्स परसेंट रिटर्न निकालेगा तो 80 रुपए पे फाइफप्ॉंटसिक्स निकाला। अब आपका ट्वेंटी परसेंट जो इक्विटी में है उसको नेगेटिव होने के लिए कम से कम पचीस से 30 परसेंट गिरना पड़ेगा तो आपका 20 रुपया 30 परसेंट गिरेगा तब 6 रुपए का लॉस होगा और आपने सामने फाइव पॉइंट सिक्स बना लिया है तो अगर आप 80 परसेंट एक्विटी और 20 से 80 परसेंट फिक्सिंग कम और 20 परसेंट एक्विटी में रखते हो तो प्रॉबबिलिटी के आपका सौ रुपया नाइन्टी नाइन हो उसकी प्रॉबबिलिटी थोड़ी सी कम है क्योंकि आपके एक्विटी पोर्टफोलियो को पचीस से 30 परसेंट गिरना पड़ेगा तब जाकर आपका सौ नाइनटी नाइन होगा क्योंकि आपका 80 रुपया तो ऐसे भी फाइव पॉइंट सिक्स कमाना है पर ये कॉम्बिनेशन करने से 3 से 5 साल में आप डेफिनिटली पोस्ट टैक्स इन्फ्लेशन बीटिंग रिटर्न कमा पाओगे करेक्ट तो प्वाइंट नंबर ऑन आप कंजर्वेटिव इन्वेस्ट कर हो तो भी आपको एक्विटी चाहिए अब आप 1 अग्रेसिव इन्वेस्टर हो तो भी आपको फिक् चाहिए क्यूँ अग्रेसिव इन्वेस्टर का डेफिनेशन क्या है अग्रेसिव इन्वेस्टर कहता है कि सौ रुपया 80 भी हो गया, 70 भी हो गया, 60 भी हो गया। मेरे को कोई इशू नहीं है पर सौ रुपए पे मुझे ज्यादा रिटर्न चाहिए मुझे मुझे 6 परसेंट नहीं चाहिए जो एफडी देता है या 7 परसेंट मुझे चाहिए 14 पंद्रह परसेंट या 12 परसेंट ये डेफिनेशन है अग्रेसिव इन्वेस्टर का बट टिपिकली यह देखा गया है की आप बायन होल्ड करते हो उससे ज्यादा बेटर स्ट्रैटेजी है की वाइन होल्ड तो कंटिन्यू कीजिये बट यू बाई मोर वैन देर मोर डिप्स के तो मैं 2000 7 से मार्केट में हूँ मैंने 2000 8 का फाल देखा है, मैंने 2013 देखा है, 2018 देखा है, 2020 देखा है और मैंने खुद के पोर्टफोलियो को भी ऑब्जर्व किया है और क्योंकि मैं इन्वेस्टर् का पैसा मैनेज करता है मैंने उनका बिहेवियर भी ऑब्जर्व किया है। जब फल आता है न जैसे टू थाजनेआटमेंसिटी सिक्स्टी सेवन परसेंट फाल आया था, टू थावजरनडेट्वेंटी फोर्टी फाइव परसेंट फाल आया था। जो अग्रेसिव इन्वेस्टर है उसको रिस्क नहीं लगता कि यार मेरा पैसा कम हो गया है वो ठीक है उसको पैसा ऐड करना है उसको पता है की मार्केट आज नहीं तो 3 साल बाद ऊपर जाएगा और ऐसा डिप शायद बार बार नहीं मिलेगा बट फोर्चुनेट ली अनफॉर्चुनेटली उनके पास उतना एवरेज करने जितना पैसा ही नहीं होता है तो अब अगर आपका पोर्टफोलिया छोटा है 10 लाख रुपए का और वो 40 परसेंट से गिर गया तो आपका 10 लाख 6 लाख हो गया तो शायद आपके पास 3 4 लाख रूपया होगा उसको एवरेज करने के लिए पर हाइपोथेटिक समझने के आपका 10 करोड़ का पोर्टफोलि वो 40 परसेंट से गिर गया तो आपको 2 ढाई करोड़ रूपए चाहिए एवरेज करने के लिए मीनिंग फुल उतना पैसा लोगों के पास होता ही नहीं है। सो आज, एन, अग्रेसिव इन्वेस्टर आलसो आपको फिक्सिंग कम इसलिए चाहिए कि अगर हर 567 साल में ऐसा 30 40 परसेंट वाला फॉल आता है तो क्या आपके पास 20, 30 परसेंट पैसा है जो आप नीचे 40, 50 पर्सेंट नीचे मार्केट को बाई कर सको या सेक्टर्स को बाई बाई कर सको। i थिंक, that is the होल् डिफरेंस, बिटवीन, बीइंग, एबल, टू, जनेड, ट्वेल, थर्टीन, परसेंट रिटर्न और सी सिक्टी सेंट। तो मुझे ऐसा लग रहा है की अग्रेसिव इन्वेस्टर को भी फिक्स इनकम की जरूरत है। सो आप अग्रेसिव हो या कॉंजर्वेटिव हो डजनौटमेटर यू need as at a लोकaशioननकमिंg। तो आंसर your कवेशशioन देखो पिछले, बिफोर मोहे सिर जैसे आपने कंसर्वेटर में बताया की टी ट्वेंटी का rasoi गुड रेशो to start with her tsindetandtwentyis in equity resive? what is a starting a location in your mind is the other? वे राउंड, ई थिंक इस the same की 80 परसेंट एक्विटी में रखो और 20 परसेंट को आप डिवाइड कर 2 गोल्ड और फिक्सिंग कम में क्यों की क्या होगा न। जब मार्केट्स गिर रहे तो फिक्सिंग कम तो आपको स्टेबल रिटर्न देगा और गोल्ड टिपिकली शोर्ट टम में नेगेटिव ली को रिलेटेड होता है मान लो आपके एक्वुडीगिररहीहै तो गोल्ड या तो स्टेबल रहेगा या ऊपर जाएगा आपको वही प्रॉपर्टी चाहिए 20 परसेंट वाले एलोकेशन में यार ये गिरे तो एटलीस्ट ये न गिरे जिससे मैं नीचे खरीद पाऊंगा तो वो 20 परसेंट को गोल्ड और फिक्स कम में या तो इक्वली या तो जिस प्रपोर्शन में डिवाइड करना चाहो उस प्रोन में डिवाइड कर लो पर ई थिंक, आई टी, ट्वेंटी, इस, गोल्डन, रूल, नोट, जस्ट इन इन्वेस्टिंग और क्रॉस लाइफ करेक्ट। तो अगर आप कहीं पर भी कंफ्यूज्ड और कुछ भी नहीं समझ रहे है टी, ट्वेंटी, टी इस यार कोर्ट ट्वेंटी, इज सेटलाइट सैटलाइट, दैट इज वाट यू शुड दू ना 2 आंसर योर क्वेशचन, ओके लुकएक्विडी मार्केट आपको क्यों एफडी से दुगना रिटर्न देते। एक्विडी मार्केट्स आपको एफडी से दुगना रिटर्न इसलिए देते क्योंकि उसमें वॉलिटिलिटी है अगर एफडी जैसे इन्वेस्टमेंट्स में आप इन्वेस्ट करोगे तो वो लीनियर है वो आपको हर साल 7 परसेंट रिटर्न देगा और क्यूंकि उसमे प्रिडिक्टिबिलिटी है रिटर्न नहीं है क्योंकी इन्वेस्टमेंट का बेसिक फंडा ही है जितना रिस्क लोगे उतना ज्यादा रिटर्न एक्सपेक्ट करना चाहिए या शायद मिलेगा भी अब एफडी में आप रिस्क नहीं ले रहे तो रिटर्न क्यों निकलेगा पर आप इक्विटीज में रिस्क ले रहे हो। इसकी वजह से आपका एक्सपेक्टेशन है कि रिटर्न मुझे ज्यादा मिले। अब समझना ये की रिस्क क्या ले रहे हो। रिस्क ये नहीं की आपने सौ रूपया डाला और वो 70 रूपया हो गया और आपको 30 रूपए का लॉस हो गया। वो थियोरॉटिकल है और टेम्पररी है इसलिए इन्वेस्टमेंट वर्ल्ड में उसे वॉलिटिलिटी कहते है। आपने सौ रूपया डाला टेम्पररली पॉसिबल है कि सेवेंटी हो जाएगा। क्यूंकी मार्केट नीचे गया है। बात अगर आप इसको बेचकर लॉस बुक नहीं कर लेंगे तो ये सेवेंटी वापस ऑन ट्वेंटी वन थर्टी हो जाएगा। सो द रिस् दैट यू र टेकिंग वैल्यू इन्वेस्ट इन इक्विटी इस वॉलिटिलिटी। अगर आप ये वॉलिटिलिटी को झेल सकते हो तो ओवर लॉंगर पीरियड ऑफ़ टाइम मेकिंग ट्वेल थर्टीन फोर्टीन फिफ्टीन परसेंट रिटर्न इज, नॉट वेरी ट्रिकी और नॉट वेरी डिफिकल्ट सो 2 आंसर और पॉइंट पिछले 12 पंद्रह 18 महीनों में इट इस जस्ट दिस साइकिल जहाँ पर वॉलिटिलिटी है पर ये वॉलिटिलिटी तो कांस्टेंट है जैसे मैं 1 डेटा पॉइंट बहुत सारे मेरे अर्ली और कॉन्वर्सेशन्स में देता आया हूँ क्योंकि बहुत इंटरस्टिंग डेटा पॉइंट है। पिछले फोट्टी फाइव यर्स के मार्केट हिस्ट्री में निफ्टी की बात कर रहा हूँ। सिर्फ ऐसे 4 साल है जहाँ पर इंट्रा यर मार्केट 10 परसेंट से कम गिरा। अगर मैं आपको टू थाउजंड ट्वेंटी फोर का एग्जाम्पल दू टू थाउजन्ड ट्वेंटी फोर में, सप्टेम्बर तक मार्केट ऊपर गया तो मार्केट ऊपर गया, मार्केट ने यहाँ पिक बनाया वहाँ से वो नीचे गिरा तो 1 कैलेंडर में आप कितना भी ऊपर जाए जो आपका पिक बनेगा वहाँ से उसी कैलेंडर इयर में 10 परसेंट फॉल फॉट्टी फाइव में से फोट्टी वन यर्स में हुआ है तो 10 परसेंट गिरना इंट्रा यर इस नॉर्मल इट योर राइट शुड नोट पॉप वेन्यू हर टेन परसेंट फॉल इट्स नॉर्मल पर इन फॉट्टी वन में से थर्टी सिक्स यर्स में। फिर भी कैलेंडर ईयर के एंड में मार्केट ग्रीन में क्लोज हुआ सो नाव इफ आई आस्क यू के। the next time your market हैज। फॉल टेन परसेंट शुड यू, गेट स्केड और शुड यू इनवेस्ट आंसर इस बड़ी सिम्पल इमपोर्टेंट थिंग टाइमफ्रेम ऑफ में इन्वेस्टमेंट तो अगर मैं ऐज एग्रेसिव इनवेस्टर आ रहा हूँ मार्केट में तो मिनिमम टाइमf्रेम क्या लेके आऊँ। अगaनa इंट्रस्टिंग क्वेशन तो ये डिसाइड यह डिपेंड करेगा की आप किस तरीके का इन्वेस्टमेंट कर रहे हो। सी फॉर एग्जामपल मैंने पिछले पचीस सालों का डेटा थोड़ा सा स्टडी किया हुआ है एंड देयर आर साइकिल्स अक्रॉस मार्केट कैप्स डू आई मीन बाई दैट की अगर आप लार्ज कैप इन्वेस्टिंग कर रहे हो तो तो मार्केट साइकिल 3 साल की है के अगर आप मिड कैप इनवेस्टिंग कर तो मार्केट साइकिल 5 साल की है। अगर आप स्मॉल कैप इन्वेस्टिंग कर रहो तो मार्केट साइकिल 7 या 8 साल की है। अब इसका मतलब क्या है। मान लीजिये आपने स्मॉल कैप में जब निवेश किया वो पीक था टॉप था स्माल कैप का हिस्टोरिकल साइकिल्स ये बताती है की ये पिक को बीट करने के लिए टिपिकली स्माल कैप इंडेक्स 7 से 8 साल लेता है। ओके इज वेरी लॉन्ग दैट्स अ लॉन्ग पीरियड आ गया मेरे बेसिकली मेरे 7 साल में। if you invested at the peak वाई पीपल वर नॉट वेरी वेरी सोफेस्टिकेटेड इन्वेस्टर्स उनको जनरली ये एडवाइस दी जाती है की आप एसआईपी के थ्रू इन्वेस्ट कीजिए बिकज ईवन इफ यू स्टार्टेड द पिक दैट्स द बेस्ट टाइम टू स्टार्ट इन एसईपी वाई क्यूंकि जितना मार्केट गिरेगा आपका एसआईपी अमाउंट सेम है पर नंबर ऑफ़ शेयर्स या म्यूचुअल फंड्स में जैसे यूनिट्स बोलते हैं आपके यूनिट्स आड हो जायेंगे तो 9 साल बाद या 7 साल 8 साल बाद जब आप वापस पीक पर आओगे तो लमसम डाला होता तो रिटर्न जीरो होता आर एस आई पी के थ्रू आपका रिटर्न 10 12 पंद्रह परसेंट हो जाएगा तो आपने ऐसा टाइम फ्रेम हो सकते हैं कि अगर मैं जितना ज्यादा रिस्क ले हों या जितना छोटे कैप्स में जा रहा हूँ उतना ज्यादा समय देना पड़ा समय देना पड़ेगा प्लस एसआईपी बेटर फॉर्म हो जायेगा कंपैट टू लम्प सम हंड्रेड परसेंट अगर आज के टाइम में ला कर तो 1 बार में लमसम ज्यादा वहाँ पर सोच सकता हूँ बट स्माल कैप के लिए इफ द पीक मेरको शायद लंपसम नहीं सोच के एस आई पी ही सोचना चाहिए। रिफाइंड दिस आंसर हाऊ डू यू नो यू आर at the पिक एx्aकtली नो बडी नोज। तो इसी लिए ऐज सोफेस्टिकेटेड इन्वेस्टर तो आप आम जूमिंग के थोड़े से सोफेस्टिकेटेड प्रोसेसेज यूस करतेहैं और आपको पता है कि इन्वेस्टिंग कैसी करनी है पर आप अगर 1 रीटेल इन्वेस्टर हो तो फंडा और लॉजिक बड़ा सिम्पल है आपके हाथ में सिर्फ 1 ही चीज है कितना पैसा डाल सकते हैं और कितने समय तक इनवेस्टेड रह सकते हो उसके अलावा दूसरा आपका प्ले ग्राउंड ही नहीं है खेलने की कोशिश मत करो वहाँ पर। तो अब अगर मैंने आपको कहा की फट्टी फाइव में ऐसी फटी वन में इंट्रा एयर टेन परसेंट कॉल आता है तो आपको 1 मेथड है की आप एस ई पी के थ्रू निवेश कीजिये दूसरा मेथड है की आप एस आई पी कीजिए और जो भी पैसा बचेगा आपके पास वो हर 10 परसेंट फॉल पर ज्यादा निवेश कर दीजिये। तीसरा डेटा पॉइंट ये है कि हर 78 साल में 1 पचीस 30 परसेंट वाला फॉल आता है तो as ipीisthebेsवay टो इनवेस्ट बट द डे यू माइट हैव मोर कैश फ्लो दैट यू कैन डेप्लॉय आपको बोनस मिल गया है या वॉटएवर उससे आप यूज कीजिये 10 परसेंट से ज्यादा के फॉल पे ओके ये क्यूँ इम्पोर्टेंट है क्यूंकि एटलीस्ट पिछले 34 सालों में अगर आप टू थावजनडन ट्वेंटी वन और टू थाउजंड ट्वेंटी फोर का एरिया देखे स्पेसिफिकली तो लोग 2233 परसेंट के फॉल पर पैसा लगा देते थे क्योंकि उनको लग रहा था कि शायद वापस ये फॉल है 10 परसेंट के पहले लमसम पैसा मत इन्वेस्ट करो ओके दैट्स द बॉटम लाइन सो कंटिन्यू एस आई पी और 10 परसेंट से ज्यादा फॉल आये तब आपके पास लंबे समय तो इन्वेस्ट कर दीजिए और आपका जो 20 परसेंट वाला जो एलोकेशन था उसमे भी कुछ में रीडायरेक्ट कर सकता वो मुझे ऐसा लग रहा है वो 20 परसेंट वाला एलोकेशन है ट्रेन प्लेट फॉर अ लार्जर फॉल ओके 30 40 परसेंट का फाल आया तब वो 20 परसेंट वाला एलोकेशन निकालकर यहाँ पर डालिए क्यूंकि वो 10 परसेंट वाला फॉल तो हर साल आने वाला है तो 10 परसेंट वाले फॉल में अगर आप उसको यूस करने लगोगे तो ये 20 परसेंट खत्म हो जाएगा यह बिल्ली नहीं हो पायेगा सर आपने जो प्वाइंट बोला मैं 1 सिम्पल सा डेटा पॉइंट है की म्यूचल फण्ड का टोटल 80 लाख करोड़ का है जिसमे 60 62 लाख करोड़ इक्विटी में है बाकी सब मेरा अदरएसरक्लासेज में है तो प्रोडममिनेटली पूरा मार्केट ही अग्रेसिव हो गया क्यों की टी ट्वेंटी अग्रेसिव इन इक्विटीज तो इस स्क्यूड डेटा कॉम्पेट जो होना चाहिए एक्चवलमेकसबका प्रोफाइल अग्रेसिव तो नहीं हो सकता है आज जो मार्केट में घुसे सो आई थिंक इसके 2 आंसर है, 1 लॉजिकल आंसर है और 1 फोमो वाला आंसर आल टेल द लॉजिकल आंसर लुक अगर मैं 1 कारपोरेट एम्प्लॉई हूँ ठीक है तो आज तक अगर आप 2020 के पहले वाला डेटा देखें म्यूचल फंड करने में जनरल इन्वेस्टिंग डेटा की बात करो 2 हज़ार 20 के पहले म्यूचल फंड और स्टॉक मार्केट इन्वेस्टिंग व नोट दैट प्रेवेलेंट आज भी 2000 पचीस या 2026 में भी राइट देर इस हाटली क्लोज टू फाइव परसेंट ऑफ इंडिया, दैट इज इनवेस्टेड आपको और मुझे ऐसा लग रहा है क्योंकि हमने 2020 के पहले का एरा देखा और 2025 देखा तो हमको ऐसा लग रह है कि बहुत सारे लोग न्यूचअलफंड में इन्वेस्ट कर रहे पर आज भी 57 परसेंट ऑफ इंडिया से ज्यादा लोग इनवेस्टेड नहीं है पर अब 2020 के पहले देखो तो ये नंबर उससे भी छोटा था राइट डीमेट अकाउंट का नंबर और म्यूचल फंड यूनिट पोर्टफोलियो या फॉल्स का नंबर अब 2020 के पहले क्या होता था 2020 के पहले आपका लार्ज पैसा सबसे पहले तो सैलरी में कट जाता था आपके ईपीएफ वगैरह वगैरह एन पी एस वगैरह में उसके बाद बचा हुआ मेजर पैसा या तो रेलवे स्टेट में जाता था या तो इंश्योरेंस पॉलिसीज में जाता था या पी पी एफ में जाता था या एफडी में जाता था तो मेजरली आज भी बहुत पैसा यहाँ पर पड़ा हुआ है तो ऐज कॉर्पोरेट एम्प्लॉई अगर आपका एन पी एस कटर है अगर आपका ईपीएफ ई पी एफ कटर अगर आपने कुछ इंशोरेंस की पॉलिसी ले रखी है अगर आपने पीपीएफ में निवेश कर रखा है आपके पास एफडी है तो इ इस ओनली लॉजिकल के आप एसआईपी करे तो वो पैसा इक्विटी में डाले क्यूंकि आपके पास एकवटीएक्सपोजर नहीं है? what is happening is the market is evolving in the ritडrेctनएटलीस्ट? आई लुक पूरा ट्रेडिशनल पैसा रियलस्टेट गोल्ड और फिटिंग था। तो जब लोग म्यूचल फंड के थ्रू कैपिटल मार्केट को एक्सप्लोर करने की कोशिश कर रहे हैं तो वो लोग ये पैसा इक्विटी में इसलिए डाल रहे है क्यूंकि उनके पास इक्विटी एक्सपोजर ही नहीं है तो आप म्यूचुअल फंड का डेटा देख कर यू आर करेक्ट, इटरेटिंग के सब एक्विटी है म्यूचल फंड के बाहर का डेटा देखेंगे तो मुझे ऐसा लग रहा है कि लॉजिक है की पैसा पैसा एक्विटी में जा रहे है क्यूंकि एक्विटी में जनरल ये लोग अदरवाइज इन्वेस्ट नहीं करते। सो एक्विटी में कहा मतलब ने लाजमेडनस्मॉलकी बात की देर और स्माल माइक्रो सेगमेंट ग्लोबल है। यह ब ब्रॉडर कैटेगरी लार्ज मिड स्मॉल कोई कोई कैटेगरी में कहने लग गए कि एक्टिवली बीट करना मुश्किल है। जैसे लाकैससपेशलीऔरमिड स्मॉल में कहते कि शायद एक्टिव इन्वेस्टमेंट, स्टिल, विल बीट, पैसिव इन्वेस्टमेंट और द पैसिव इंडाइसेस दैट वी हैव मेड स्माल। तो आप इन तीनों कैप्स को कैसे देखते हैं। आप तीनों में एक्टिव रहते हैं, तीनों में पैसिव रहते हैं, किसी में एक्टिव केस में पैसे रहते हैं। सी में तीनों में एक्टिव हूं। क्योंकि मुझे ऐसा लग रहा है कि मेरे पास थोड़ा सा 1 एडवांटेज है। इन टर्म्स ऑफ़ अंडरस्टैंडिंग हाऊ टू पिक फंड्स बट। मान लीजिये अगर मैं 1 रीटेल इन्वेस्टर को गाइड करना चाहता हूं तो सबसे पहले तो आपको ये समझने की जरुरत है कि आपके पास समय कितना है। यू हैव टू। अंडरस्टैंड आपके पास इन्वेस्टिंग टाइम कितना है, उसके बेसिस पर यू एफ टू डिसाइड कि आपके पास अगर सौ रुपए है तो आप उसे कहाँ इन्वेस्ट करोगे सो। मान लीजिये अगर 1 अग्रेसिव इन्वेस्टर का प्रोफाइल ले और उसके पास अगर सौ रुपए है तो उसमे से आप 20 रुपए। तो सबसे पहले फिक्सिंग कम और गोल्ड में लोकेट कर दोगे। बचा हुआ 80 रुपया। अग्रेसिव इन्वेस्टर 8 10 साल का इन्वेस्टमेंट राजन है तो मैं सजेस्ट करूंगा कि आप 80 को इक्वली 3 हिस्सों में डिवाइड कर दी है। लार्ज मिड और स्माल। क्योंकि हिस्टोरिकल यह देखा गया कि ये पोर्टफोलियो लार्ज मिड और स्माल का पोर्टफोलियो हैज। डेलिवर्ड मच बेटर देन अ मिडकैप काइंड पोर्टफोलियो एंड रिस्क इस स्लाइटली हायर दन लार्ज कैप काइंड ऑफ़ पोटफोलियो तो आप 1 ऐसा पोर्टफोलियो बना दोगे जिसमें रिटर्न मिड कैप का निकाल रहा है पर रिस्क लार्ज कैप का आरोप। अब इन 3 कॉम्पोजिशन में लार्ज कैप वाला जो आपका है वो अगर आप एक्टिव का रूट लेना चाहते हो तो इसे फ्लेक्सी कैप में इन्वेस्ट करो। ओके अगर आप पैसिव का रूट लेना चाहते हो तो इसको निफ्टी फिफटीइनेक्सफंड में जाता तो लार्ज कैप का एलोकेशन या तो आपका निफ्टी फिफ्टी होगा या तो आपका कोई 1 फ्लेक्सी कैप फण्ड होगा। मिड कैप का एलोकेशन आपका या तो कोई स्पेसिफिक मिड कैप फण्ड होगा या 1 मल्टी कैप फण्ड होगा। मल्टी कैप फण्ड भी मोटा मोटा आपको मिड कैप जैसा ही रिस्क रिटर्न एक्स्पीरियंस कराता है। ऐसा क्यूँ सिर क्यूँकी मल्टी कैप का एलोकेशन क्या मल्टी कैप का एलोकेशन ये है की आपको 50 परसेंट लार्ज पचीस परसेंट मिड पचीस परसेंट स्माल रेगुलेटरी रिक्वाइर्मेंट है की आपको ये इन्वेस्ट करना है और बाकी का पचीस यू कैन भी वेरेवर ओके आप अगर पोर्टफोलियो को ब्रॉडर लेवल पर स्टडी करेंगे तो ये 50 परसेंट लार्ज है। पचीस मिनट पचीस स्मॉल है सो इसका कॉम्पोजिशन, इसका रिस्क इज वेरी क्लोज तो मिडकैप और इसका रिटर्न भी वेरी क्लोज। तो मिडकैप के अफकोर्स इट्स नौट डिरेक्ट मिड कैप मिडकैप मिडकैप का 1 चैलेंज है कि midcap में आप इंडिया में सिर्फ डेढ़ सौ स्टॉक्स ही है तो बहुत ज्यादा ओपोर्चुनिटी नहीं है। मिड कैप फंड्स के पास टू बी एल टो जनरेट और डू समथिंग सिग्निफिकेंटली डिफरेंट समबडी सो यू कैन इधर midcap रूट और यू कैन take the multi cap and in the small cap you do स्माल कैप एक्टिव डोंट डू पैसिव इट ऑल ओके तो सो द पॉइंट। इस के आपके पास सौ में से 20 रुपया था। वो आपने गोल्ड और फिक्सिंग कम में डाल दिया। या तो आप 20 गोल्ड में डाल 2 फिकसिगकममतकरो क्योंकि आपके पास ऑलरेडी, एन, पी एस और पी पी एफ और सब कुछ है। आपने 20 गोल्ड में डाल दिया और 80 को 1 ब्रेकेट है। क्या फ्लेक्सी कैप मल्टी कैप और स्मॉल कैप डाले। दूसरा ब्रैकेट है की आप इंडेक्स फंड मिडकैप और स्माल कैप कर ले। ओके इन दोनों में से कुछ भी सेलेक्ट कर लेंगे। इन टर्न तो गिव यू द सेम आउटपुट लाल सिर लार्जकैप में मुझे पर्टिकुलरली क्वेश्चन है। लाज का फण्ड मैंने ले लिया या इंडेक्स फंड ले लिया। इस गुड जैसे मैंने फ्लेक्सी ले लिया। सो फंड मैनेजर डेट एक्सपोजर भी ले सकता है, उसमें ग्लोबल एक्सपोजर भी ले लेता है, मेडन स्माल भी ले लेता है। कभी कभी की फ्लेक्सी है तो यह जो मेरा ओरिजनल थॉट प्रोसेस है की मे थरटीथ्रीथीथरटी थ्री परसेंट रहना है। ऑफ़ दिस टी रुपीज वो थोड़ा डिस्टॉर्ट ही बिकाज सो मोस्ट फ्लेक्सी के फंड्स और ऑल फ्लेक्सी के फंड्स आर लिंक टू द बेंच मार्क ऑफ एन एस सी फाइव हंड्रेड और बी एस सी फाइव हंड्रेड। ओके। अब अगर बी एस फाइव हंड्रेड का कॉम्पोजिशन देखेंगे तो उसमे सेवेंटी परसेंट लार्ज कैप है और बाकी मेdकaपहवेटेजवाइस वेटेज वाइस ओके। that is exactly the एवरेज ऑफ़ ऑल फ्लेक्सि कैप फंड्स इन द इंडस्ट्री। अब 23 फ्लेक्सी कैप फंड छोड़ 2 जो थोड़ा सा इंडेक्स किंग नहीं है, स्क्यूड नहीं है बाकी एवरेज सिक्टी सेवेंटी परसेंट लार्ज कैप है और थोडा सा 20 30 परसेंट मिड और स्मॉल है। इस एक्चवलीअसूडो लार्ज कैप फंड जो 20 30 परसेंट मिड स्मॉल कर देता है। अगर ओपोर्चुनिटी दिखती है तो आई थिंक दिस इज वैरी इम्पोर्टेंट इनसाइड। क्योंकि हम जब डेफिनेशन पढते हैं तो मको लगता है कि यह तो कहीं भी चला जाएगा। बट वेन्यू एनालाइजर पोर्टफॉलय शायद आपको तब बेटर पता चलता है सिर फॉर यू सिम्पल लैंग्वेज में इफ यू कुड क्सप्ले एक्टिव और पैसिव में क्या डिफ्रेंस होता है। सो पैसिव फंड्स क्या होता है। पैसिव फंड्स का मतलब है की आप जब किसी भी पैसिव म्यूचल फंड में इन्वेस्ट कर रहे हो तो वो सीधा सीधा आपका पैसा इंडेक्स में लगा देता है। विदाउट एनी कॉम्प्लिकेशन ओके अब डीटेलिंग में नहीं जाते कि कैसे स्ट्रक्चर होता है। पर मान लीजिये ये पैसिव फण्ड आपने जो इन्वेस्ट किया है वो निफ्टी फिफ्टी में निवेश कर रहा है। तो निफ्टी फिफ्टी अगर 10 परसेंट रिटर्न देगा तो ये पैसिव फण्ड भी मोटा मोटा आपको 10 परसेंट रिटर्न दे देगा। निफ्टी फिफ्टी 5 परसेंट से गिरेगा तो ये पैसिव फण्ड भी मोटा मोटा 5 परसेंट से गिरेगा। तो पैसे फंड 1 ऐसा फंड है जिसमें जब आप निवेश करते हो तो आपका रिस्क और रिटर्न का एक्सपीरियंस इस गोइंग टू बी वेरी क्लोज टू द ओरिजनल इंडेक्स। तो 1 पैसे फंड हो गया कि आपने निफ्टी फिफ्टी में लगा दिया, दूसरा पैसे फण्ड हो गया, आपने ऑन फिफ्टी में लगा दिया, फिर हो गया स्मॉल कैप टो फिफ्टी ऐसे अलग अलग कॉम्बिनेशन है आप जिस भी पैसिव फण्ड में निवेश कर रहे हो और वो जिस इंडेक्स को कॉपी कर रहे है आपका रिस्क रिटन उस इंडेक्स का रिस्क रिटर्न होगा। एक्टिव फण्ड में ये होता है की जब आप 1 एक्टिव स्मॉल कैप फंड में इन्वेस्ट करते हो तो एक्टिव स्मॉल कैप फण्ड को समझने के लिए आपको समझना है की जब पैसिव स्मॉल कैप फण्ड इन्वेस्ट करता है उस इंडेक्स में तो वो ऐक्चवली इंडेक्स ढाई सौ स्टॉक्स का बना हुआ होता तो आपका पैसा ढाई सौ स्टॉक्स में लग रहा है पैसिव एक्टिव फण्ड के बाद पास 800 स्टॉक है स्मॉल कैप स्पेस में ओके तो वो 800 फण्ड 800 स्टॉक्स में से डिसाइड करता है कि उसे कौन से 40, 50, 80 सौ स्टॉक्स में पैसा लगा वो जरूरी नहीं है कि वो उसी ढाई सौ स्टॉक्स में पैसा लगाए वो सब ढाई सौ स्टॉक्स में पैसा लगाए या उसी ढाई सौ में से 50 में लगा है वो पॉसिबल है थिोराटिकलीकजिस 50 स्टॉक्स में पैसा रोकना चाहता है वो ढाई सौ में से बाहर के हो तो एक्टिव फंड्स के पास ये ऑपर्चुनिटी है की अगर 800 स्टॉक्स अवेलेबल है आप चूज कीजिए कौन से 50 सौ स्टॉक्स में आपको पैसा रोकना है पर जब आप पैसिव करते हो तो पैसे आपका पैसा उसी ढाई सौ स्टॉक्स में लगाता है जिस ढाई सौ स्टॉक्स से वो इंडेक्स बना है। 10 एक्टिव इस डिफरेंट फ्रॉम पैसिव तो पैसिव में जब आप इन्वेस्ट करेंगे आपको इंडेक्स का रिटर्न मिलेगा एक्टिव में जब आप इन्वेस्ट करेंगे आपको इंडेक्स से ज्यादा या इंडेक्स से कम रिटर्न दोनों एक्सपीरियंस हो सकता है कम कब मिलेगा जब आपके फण्ड मैनेजर अच्छा काम नहीं किया है ज्यादा कब मिलेगा जब आपके फण्ड मैनेजर ने अच्छा काम किया है तो आपको इंडेक्स का रिटर्न चाहिए तो पैसे इस द वे टू अगर आपको इंडेक्स से ज्यादा रिटर्न चाहिए न तो ओनली ऑप्शन अवेलेबल स टू टेक एक्टिव फंड पर अगर आपकी फण्ड सिलेक्शन प्रोसेस गलत हो गई तो प्रॉबब्ली पॉसिबल है की आपको शायद इंडेक्स से कम रिटर्न भी मिले है और कोसाइस भी डिफरेंस होता है इसमें येस कोस में भी डिफ्रेंस है क्यूंकी एक्टिव फण्ड्स मेहनत करते स्टॉक पिकिंग में रिसर्च में तो आपको पैसा ज्यादा चार्ज करते हैं। तो मान लीजिए आपने सौ रुपया इन्वेस्ट किया सौ रूपया 120 हो गया अब फण्ड्स कैसे पैसा कमाते है आपके 120 रुपए में से 1 फी ले लेते है जिसको आप टी ई आर टोटल एक्सपेंस रेशो कहते है। तो अगर आप 1 एक्टिव फंड ले रहे है तो एक्टिव तकरीबन आपके पास से डेढ़ परसेंट फी लेगा पर पैसे फंड आपके पास है शायद 50 से 70 पैसे फील ेगा क्यूंकि पैसे फण्ड कुछ मेहनत नहीं कर रहा है या रादर सोलिड से रेस कम मेहनत कर रहे है वो तो सिर्फ 1 इंडेक्स को एलीकेट कर रहा है तो उसकी फीस कम है एक्टिव एक्टिव फण्ड की फीस ज्यादा है ओके सर आपने कहा की एक्टिव अपने बेंचमा को ट्रैक करता है तो इन द। केस ऑफ सेफ और एग्जाम्पल 1 लार्ज का प्रैक्टिस फंड है तो उसका बेंचमा क्या होगा निफ्टी फिफ्टी या बी एस सी हंड्रेड ओके वो पहले सौ स्टॉक बनते है। तो म्यूचल फंड स्पेस में सेबी के डेफिनेशन के हिसाब से जो टॉप हंड्रेड स्टॉक्स है कंट्री जिनकी वैल्यू सबसे ज्यादा है जिसे मार्केट कैप कहते है वो सौ स्टॉक्स को आप लार्ज कैप कहते हो। 1 सौ 1 से ढाई सौ स्टॉक्स को आप मिड कैप कहते हो और ढाई सौ के नीचे वाले स्टॉक्स को आप स्माल कैप कहते हो। तभी एक्टर स्माल कैप के पास इतना बड़ा पुल बन जाता है। ओके तो स्टॉक क्यूँ सर जैसे इंडिया में तो 5 स्टॉक है की उसके नीचे वाले स्टॉक्स माइक्रो कैप स्टॉक्स हैं के ये 800 भी 1 बहुत ब्रॉड नंबर था। आपको अंडरस्टैंड ये करना है की ऐसा म्यूचल फंड अगर आपके पास 10 पंद्रह 20 लोगों की रिसर्च टीम है। आप कितने ही स्टॉक्स ट्रैक कर लोगे करे आपको ये सौ और डेढ़ सौ ये ढाई सौ स्टॉक्स तो ट्रैक करना ही है लार्ज और मिड है आपको शायद ये दूसरे ढाई सौ स्टॉक्स भी जो स्मॉल कैप में वो शायद वो भी ट्रैक करने। तो आप 5 सौ स्टॉक्स तो ट्रैक कर रहे हो पर 5 सौ से ज्यादा कितने स्टॉक्स ट्रैक कर पाओगे। तो इसीलिए बहुत मुश्किल है आप यह कहो की यार 1 म्यूचल फंड 2000 स्टॉक्स ट्रैक कर रहा है। नहीं होता टिपिकल मैक्सिमम नंबर जो मैंने सुना है मैक्सिमम बोल रहा हूँ वो 800 स्टॉक्स ओके वो भी 1 या 2 एएमसी ऐसी है जो इतना बड़ा होराइजन ट्रैक कर रही है के अदर वाइज 405 सौ स्टॉक से ज्यादा स्टॉक्स ट्रैक नहीं करती है। सर जब मैं एक्टिव फंड मैनेजर को पैसा देता हूँ तो आपने कहा कि पीछे रिसर्च टीम लगी रहती है तो यह रिसर्च का प्रोसेस एग्जैक्ट ली है क्या हाउ डू, द रिसर्च कैसी टीम बैठती है, क्या प्रोसेस रहता है, टॉप डाउन अप्रोच रहता है बॉटम वाट परो टिपिकली इंडिया में डोमेस्टिक इन्वेस्टर्स, बोटम ऑफ अप्रोच यूज करते है, बॉटम ऑफ अप्रोच का मतलब क्या। तो पहले टॉप डाउन समझाता हूँ। आप अगर 1 एफआईआर व आप यू एस में बैठे हो। आप इंडिया में इंडिया इज द कंट्री वैर यू आर इन्वेस्टमेंट और उसके अलावा भी आप बहुत सारी कंट्रीज है जहाँ पर आप जनरली इन्वेस्ट कर रहे हो। ठीक है अगर आप 1 एफ आई आई हो तो आप टॉप डाउन अप्रोच लोगे टॉप डाउन अप्रोच क्या है। सबसे पहले आप देखो की बॉस कंट्री का मैक्रो अच्छा है की नहीं इन्फ्लेशन इंटरस्टेट फिस्कल डेफिसिट करंट, अकाउंट डेफिसिट फॉरेक्स रिजर्व क्यों क्यूंकि आपके पास चॉइस है की इंडिया में इन्वेस्ट कर कर, क्या मैं यू एस में करूँ, क्या मैं चाइना में करूँ, क्या मैं ब्रजील में करो। तो आप मैक्रो देखकर डिसाइड करते हो कि इंडिया का मैक्रो कितना अच्छा है। तो मेरे सौ रूपए में ऐसी कितना पैसा इंडिया को 2 फिर आप डिसाइड कर लेते हो। मैं सौ रुपए में से 20 परसेंट इंडिया को देना चाहता हूँ। अब 20 परसेंट में से क कितना मैं कौन से सेक्टर को देना चाहता हूँ। फिर आप सेक्टोरियल एनालिसिस करोगे यार मुझे ऐसा लग रहा है की शायद केमिकल्स बहुत अच्छा स्पेस है मुझे ऐसा लग रहा है कि मैं भी हाइपो बैंकिंग फाइनेंशियल सर्विसेज बहुत अच्छा स्पेस है या रीटेल बहुत अच्छा स्पेस है। तो फिर आप डिसाइड करते हो की 20 सौ रूपए में से मैं कौन से सेक्टर में कितना पैसा एलोकेट करूंगा इंडिया म करेक फिर आप डिसाइड करोगे कि मैंने 20 रुपए में से 500 रुपए का एलोकेशन दे दिया है केमिकल्स में तो कैमिकल में इतने सारे स्टॉक्स हैं उसमें से कौन से स्टॉक में पैसा डालो। ये हो गया टॉप डाउन अप्रोच जो फॉरनर्स यूज करते है इंडियन इन्वेस्टर्स या डोमेस्टिक इन्वेस्टर स्टिक इसका कम्प्लीटली ऑपोजिट करते ह वो बॉटम अप करते है क्यूँ क्यूँकि ऐसा डोमेस्टिक इन्वेस्टर आपको तो पैसे इंडियन मार्केट्स में ही डालना है तो आपको मैक्रो से उतना ज्यादा लेना देना नहीं है तो आप नीचे से चालू करते हो आप ढूंढते हो ऐसे स्टॉक्स जो अच्छे वैल्युएशन पर मिल रहे हैं और मुझे पैसा लगाना है तो आप बोटम अप करते हो। आप पहले स्टॉक्स ढूंढते हो फिर आप देखते हो की सेक्टर का कुछ एडवांटेज मिलेगा क्या फिर थोड़ा सा वेट आप देते हो मैक्रो पे बहुत इंटरेस्टेड इन्फ्लेशन कहाँ चल रहे हैं। तो इंडियन म्यूचल फंड इन्वेस्टर्स या इंडियन म्यूचल फंड टिपिकली बॉटम ऑफ अप्रोच करते हैं। अब किसी भी एम सी में आप जाओगे तो टिपिकल स्ट्रक्चर ये होता है की 1 सी आई ओ होता है चीफ इन्वेस्टमेंट ऑफिसर और उसके नीचे 456 फंड मैनेजर्स होते है और उसके नीचे यू विल टिपिकली हैव एनालिस ओ अब एनालिस का रोल क्या होता है। समझते हैं हर एनालिस को 1 या 2 सेक्टर दे दिया जाता है पर सेक्टर तो 1 बैंकिंग सेक्टर एनालिस्ट होगा, 1 फार्मा एनलिस्ट होगा आई टी एनालिस्ट होगा। सो अभी आई टी एनालिस का काम है पूरे आईटी इंडस्ट्री पर ध्यान रखना चल क्या रहा है? कौन सा स्टॉक क्या कर रहा है, क्या वैलुएशन पर ट्रेड कर रहा है वगैरह वगैरह। तो अब समझिए आई टी एनालिस के 1 या 2 टॉपिक्स होंगे, सिमिलरली बैंकिंग एनालिस के 1 या 2 टॉपिक्स होंगे। तो वैसे करके हर एनालिस का 223-344 पिक्स होगा हर अपने सेक्टर में उससे 1 रेकमेंडेड पोर्टफोलियो बनेगा। ओके ओके अब फण्ड मैनेजर का क्या काम क्या है? फण्ड मैनेजर का लार्ज ली काम है कि उसे कौन से सेक्टर में कितना एलोकेशन लेना है। उसके फण्ड में तो जरूरी नहीं है कि ये 2 टॉप आईटी एनालिस की तो उसका मतलब फण्ड मैनेजर को उसको एक्सपोजर देना ही है। फण्ड मैनेजर डिसाइड कर सकता है मुझे आईटी में एक्सपोजर ही नहीं। तो फण्ड मैनेजर डिसाइड करता है कि उसे कौन से सेक्टर में कितना पैसा लगाना है। अब वो अगर डिसाइड करता है की मुझे 2 पर्सेंट पैसा लगाना है तो फण्ड मैनेजर वो 2 परसेंट आईटी का पैसा इन 2 स्टॉक्स में लगाएगा। ओके क्यूकी उसके एनालिस की रेकमेंडेशन है करे तो फण्ड मैनेजर का रोल पोर्टफोलियो मैनेजमेंट का रोल है, पोर्टफोलियो मैनेजमेंट का रोल का मतलब है कौन से सेक्टर में कितना वेट देना है और इसलिए कौनसे स्टॉक को कितना वेट देना है। पूरा रिसर्च का काम एनालिस की टीम करती है। अब जरूरी यह नहीं है कि एनालिस ने बोला कि ये स्टॉक अच्छा है तो फण्ड मैनेजर को भी वो स्टॉक अच्छा लगे। फण्ड मैनेजर के डिसाइड की उसको वो स्टॉक लेना है या नहीं लेना है। पर मोटा मोटा राइट नालिस की टीम जो स्टॉक्स पर रिसर्च कर रही है और वो उनका टॉपिक है उसी में से फण्ड मैनेजर एलोकेशंस चूस करते है करे और सी आई ओ का लार्जलीयेकाम है रिस्क मैनेजमेंट आपने जो ऑब्जेक्टिव सेट किए उसके बाहर नहीं जा रहे हो तो वो 1 सीओ का रोल प्ले करता है। तो मेक शोर की कुछ गलत तो नहीं हो रहा है। फ्रेम वर्ग तो सही है क्या हम फ्रेमवर्क के बाहर तो नहीं जा रहे हैं। वगैरह वगैरह और मोस्टली हर ए एम सी में सी आई ओ खुद भी 1 फंड मैनेजर होता है ओके। तो वो भी 2 या 3 फंड्स मैनेज करता होगा। ओके सर क्या मैं ऐसा कह सकता हूँ की अगर 1 जो एम सी कंपनी है, एस ए मैनेजमेंट कंपनी है, जो सारे म्यूचल फंड्स लॉन्च करके रखती है उसका जितना बड़ा होता है उतना बड़ा उसका डीम होता है। रिसर्च एनालिस का, क्या ये प्रोपोशन डायरेक्ट रहता है या फिर कोई ऐसे एम सी भी है जहाँ पर टीम बहुत छोटा है बट फंड साइज बहुत बड़ा है मोटा मोटा ए, एम सी का, ए, एम बढने का फंड साइज से कोई बहुत ज्यादा टीम साइज से कोई बहुत ज्यादा लेना देना नहीं है क्योंकि मान लीजिये आपका ए यू एम बढ़ रहा है पर उससे बैंकिंग सेक्टर में स्टॉक्स तो नहीं बढ़ रहे करे तो आपका बैंकिंग एलिस अभी भी उतना ही काम कर रहा है रिस्पेक्ट वो वेदर 1 लाख करोड़ इनवेस्टेड है या 4 लाख करोड़ इनवेस्ट्रेड है। ऐसा शायद नहीं होगा की 1 लाख करोड़, 1 एनालिस, 4 लाख करोड़ हो गया तो वो बोल रहे है यार 2 एनलिश ले लेते। तो मान लीजिये अगर आप 1 लाख करोड़ पर बैठे और आपके 10, 11 की टीम है और 4 लाख करोड़ पर आप की 12 पंद्रह की टीम होगी कोई रेशो बहुत बड़ा चेंज नहीं हो जायेगा। एंड सर आपने कहा की मेरा 80 परसेंट पैसा इक्विटी में गया और 20 डेट या गोल्ड में गया तो गोल्ड तो हमको समझ में आता है की वो 1 कमोडिटी को भी ट्रैक करता है। लेकिन जब मैं डेट का कोई फंड सेलेक्ट करता हूँ तो फंड सेलेक्शन का प्रोसेस क्या होता है। उसके बाद हम इक्विटी पर आते है की इक्विटी का जो एक्टिव पोर्शन अगर आप सेलेक्ट कर है तो कैसे करता हूँ पर डेट पे कैसे करते है। सी टिपिकली डेट थोड़ा सा कॉम्प्लिकेटेड है तो आपको बहुत ज्यादा कॉम्प्लिकेशन में नहीं जाना चाहिए इन जनरल और आपको आइडियली कॉरपोरेट बांड फंड या पी एस यू पी एस यू फंड। ऐसे ये जो 2 फंड हैं उसमें पैसा रोक देना चाहिए। अगर आप थोड़े से सोफेस्टिकेटेड इन्वेस्टर हो और मैं अब जो बोलने वाला हूँ वो कोम्प्लीहेंड कर पाओगे तो आपको इस तरीके से आपका डेटा एलोकेशन करना चाहिए इनटरस्टेटजआपको ऐसा लगे की टॉप आउट हो गया और यहाँ से और ऊपर नहीं जायेंगे इंटरस्टेट। तो यहाँ पर आपको एलोकेट करना मीडियम ड्यूरेशन और लॉन्ग ड्यूरेशन फंड्स में ओके क्यूँकि ये फंड को फायदा होता है जभी भी इंटरस्टेट गिरते है ओके और जब भी आपको लगता है की इंटरस्टेट बॉटम आउट हो गए और यहां से और नीचे नहीं जायेंगे तब आपको एलोकेशन देना है क्रेडिट रिस्क फंड को ओके सर तीनों फण्ड्स का मीनिंग मीडियम ड्यूरेशन क्रेडिट सो ड्यूरेशन फंड्स क्या होता है। मैं आपको पहले वो लॉजिक समझाता हूँ। तो मान लीजिए आपने एफडी में पैसा रोका एफ डी आपको 7 परसेंट रिटर्न दे रहे और उसके बाद एफ डी रेट मार्केट में 6 महीना बाद कम हो गया वही बैंक उतने टेन्योर का रेड एफ डी अब 7 परसेंट पर नहीं 6 परसेंट पर दे रहा है के पर फिर भी आपको तो 7 ही परसेंट मिलेगा जो नया इन्वेस्ट कर रहा है उसको 6 परसेंट मिलेगा बराबर अब इसी सेम लॉजिक को कॉन्टेक्ट को अलग तरीके से देखे। 1 बॉन्ड में आपने इन्वेस्ट कर रखा है जो 7 परसेंट पे 7 परसेंट रेट दे रहा है रिटर्न दे रहा है आपको और उसको अपने एक्सचेंज पर लिस्ट कर दिया। अभी एफडी की तरह नहीं है कोई भी खरीद सकता है इसको और जो खरीदेगा उसको 7 परसेंट मिल जाएगा। अब इंटरस्टेट मार्केट में गिर के अब नए इंटरस्टेट 7 परसेंट नहीं है लिस्टेड वाला जो बॉंड है 6 परसेंट है। तो अब आपको अगर चौइस मिल रहा है की आप 7 भी खरीद सकत है और 6 भी खरीद सकते आप टिपिकल 7 खरीदोगे तो जभी भी इन्टरस्टेट गिरते हैं लोग पुराना ज्यादा इंटरेस्टेड वाला बॉन्ड खरीदना प्रिफर कर के। तो जब लोग वो खरीदने लगते है तो वो सौ रूपए का बांड 105 सौ रुपए पर ट्रेड करने लगता तभी प्राइज तभी प्राइस बढ़ जात नेगेटिव को रिलेशन रहता है, सप्राइज बढ़ जाता है करेक्ट तो इन्ट्रेस्टेड गिरा तो सौ रुपए वाला बांड 100 5 हो गया। तो अब आप देखे आपको 700 रूपए का इंटरेस्ट मिलेगा और सौ रूपए पे खरीदी हुई चीज 100 5 बेचोगे तो 500 रूपए का कैपिटल गेंस भी होगा आपको 12 पर्सेंट का रिटर्न मिले इसीलिए इंटरस्टेट अगर आपको लग रहा है टॉप आउट हो गया और यहाँ से गिरने वाला है तो लॉन्ग ड्यूरेशन फण्ड में रोकिये क्यूंकि आपको 7 और उसके ऊपर दूसरा 5 12 परसेंट करे। अब ये सिर्फ समझाने के लिए था 12 परसेंट व ओनली इन क्लेट इसीलिए इंटरस्टेट टॉप आउट होने के सिचुएशन में आप लॉन्ग ड्यूरेशन फंड में पैसा रोकते हो और इंटरस्टेट जब बोटम उट हो जाता है ठीक उसका लॉजिक भी सेम है। इंटरस्टेट बॉटम आउट हो गया अब यहाँ से इंटरस्टेट बढ़ने वाले है ऐसी सिचुएशन में हिस्टोरिकल ऐसा देखा गया की क्रेडिट रिस फंड्स ज्यादा रिटर्न जनरेट कर पाते है क्रेडिट रिस फंड क्या है डेफिनेशन के हिसाब से आपको टॉप रेटेड फंड्स को छोड कर पैसा लगाना है। ओके सो ट्रिपल रेटेड इज द बेस्ट कैटेगरी इन द कंट्री तो आपको ऐसे फंड्स में पैसा लगाना है या ऐसे बॉन्ड्स में पैसा लगाना है जो डबल ए रेटेड है डबल ए माइनस है, a प्लस है, ए माइनस है ऐसे फंड्स में और ऐसे बांड्स में और ऐसे बॉन्ड्स में टिपिकली इंटरस्टेट ज्यादा होता है। एग्जाम्पल आज अगर आप गवर्नमेंट बांड में पैसा लगाओगे तो साढ़े 6 परसेंट है पर आप 1 माइनस वाले बांड में पैसा लगाओगे तो 9 पर्सेंट रिटर्न मिलता है। तो जब भी इनटरसटरेटबोतमआउट हो जाता है और वहाँ से ऊपर जाने वाले क्रेडिट रिस् फंड्स में आपको जैसे टॉप आउट हो गया और नीचे गिरा तो ड्यूरेशन में फायदा हो रहा था वैसे बॉटम आउट के ऊपर जाएगा तो क्रेडिट में फायदा होता है पर ये टाइम कर पाना उसके लिए आपको सोफेस्टिकेशन चाहिए अगर वो आपके पास नहीं है तो आपको पी एस यू, डेट फंड या कॉर्पोरेट बॉडफंड में ही पैसा रोकना चाहिए सिर एज रिटेलर मेरेको इंटरेस्ट रेट टॉप आउट हुआ या बॉटम आउट हुए वो जनरल चीज क का ज्ञान कैसे होगा थोड़ा सा ट्रिकी है बट फॉर दैट यू हैव टू अंडरस्टैंड इन्फ्लेशन के देखिये इन्फ्लेशन की कॉमेंट्री तो आपको आर बी आई रेगुलर बेसिस पे देते रहता है कोई भी न्यूज पोर्टल पे पढोगे न्यूज चैनल पर पढ़ोगे तो उधर भी मिल जाएगा। तो मैं आपको 1 सोफेस्टिकेटेड तरीका बताता हूँ और 1 इजी तरीका बताता हूँ पहले सोफेस्टिकेटेड तरीका बताता हूँ सोफेस्टिकेटेड तरीका क्या है इन्फ्लेशन अगर टॉप आउट हो गया है तो आपके इंटरेस्ट भी टॉप आउट हो जायेंगे। ओके इसका मतलब आप जिस दिन आपको जिस दिन ऐसा लगने लगे इन्फ्लेशन यहाँ से और ऊपर नहीं जा रहा है और इन्फ्लेशन शायद कांस्टेंट हो गया यहां से गिरेगा इन्फ्लेशन जैसे ही गिरना गिरना स्टार्ट करेगा आप देखोगे इंटर स्टेट्स भी गिरना स्टार्ट करेंगे। ठीक है क्यूँ लॉजिक अगर आप पूछो तो इन्फ्लेशन नीचे गिरने का कारण यह है कि आपके प्रॉबब्ली इकॉनमी में डिमांड नहीं है डिमांड नहीं होगी तो भाव कम होंगे राइट। तो अगर भाव कम हो गए तो आप की जीडीपी भी कम हो जाएगी। तो आर बी आई को नहीं चाहिए की ग्रोथ कम हो जाएगा कंट्री का तो वो इंटरस्टेट कम कर देता है क्यूँ इंटरस्टेट कम कर देगा तो आपका ईएमआई कम हो जाएगा और ईएमआई कम हो गया तो वो आपको इंसेंटिवाइज कर रहा है कि यार जाव खरीदो करे इसीलिए इन्फ्लेशन जब कम हो जाता है देखेंगे इंटरस्टेट कम होना स्टार्ट हो जाएगा। सो दैट्स योर आंसर टू द क्वेश्चन के इंटरस्टेट टॉप आउट होगे। कैसे पता चलेगा इनफ्लेशन टॉप आउट हो गए, इंडिकेटर हो गया इंडिकेटर सिमिलरली नीचे बोटम पे अगर आपको लग रहा है इन्फ्लेशन यहाँ से नीचे नहीं जाएगा इसका मतलब है आपके इंटरस्टेट भी बॉटम उट हो गए यहाँ से इंटरस्टेट भी ऊपर जायेंगे और उसका लॉजिक इसका एकदम ऑपोजिट है। अब ये सोफे सिकेटेड इन्वेस्टर्स के लिए, ईजी इन्वेस्टर्स के लिए या ईजी डेटा पॉइंट किया है हर महीना किसी भी म्यूचअल फण्ड में आपने इन्वेस्ट किया हुआ है तो वो आपको दे सेड समथिंग कॉलेज फैक्शीटकररेक्ट और फैक्शीटमें पहले, दूसरे, तीसरे, चौथे, पांचवें पेज पर कहीं भी 1 फिक्स कम फण्ड मैनेजर की कॉमेंट्री होती है 1 पेज की और 1 इक्विटी फण्ड मैनेजर की कॉमेंट्री होती है 1 पेज की वो अगर 2 पेज पढ़ लोगे न हर महीना तो आपको उनका व्यू मिल जाएगा की इंटरस्टेट स्टॉप आउट हो रहे या बॉटम आउट हो रहे। क्यूंकि हर महीने के हर कॉमेंट्री में आप इसपे तो कॉमेंट्री या व्यू देखोगे ही फण्ड मैनेजर का की इंटरस्टेट या इन्फ्लेशन कहा जा रहा है। तो अब सिर्फ 2 पेज पढ़ लो हर महीना आपको पता चल जाएगा की इंटरस्टेट और इन्फ्लेशन पर क्या कॉमेंट्री है सी आई ओ की या फंड मैनेजर की। तो आप फिर उनपे रिलाई कर रहे हो की उनका जजमेंट सही है तो मैं सिर्फ उनका जजमेंट फॉलो करूंगा। तो सर ये तो मैक्रो नंबर है मेरे को लगता है की शायद इनको टाइम करना ज्यादा ईजी है कंपेयर तो इक्विटी नंबर केस लारजलियसओकबवाट आलसो हैव टू अंडरस्टैंड इस की मार्केट्स और फ्रंट रेलिंग ओके तो मार्केट इसके लिए नहीं रुकने वाला है की इन्फ्लेशन टॉप आउट हो गया। अब इंटरस्टेट गिरने चाहिए उनको जिस दिन ये कॉमेंट्री मिलेगी इन्फ्लेशन टॉप आउट हो गया और यहां से ऊपर नहीं जाएगा तब से ही ड्यूरेशन फंड्स विल स्टार्ट प्लेइंग आउट वो ये इस चीज का वेट नहीं करेंगे की इन्टरस्टेट गिरेगा तब मैं रिटर्न 2 सो द मोस्ट इम्पोर्टेंट पार्ट ऑफ़ और डिस्कशन जो इन्वेस्टर्स जो हमें सुन रहे है उनको यह समझना है ये है की आपको जिस दिन कॉमेंट्री मिली इन्फ्लेशन टॉप आउट हो गया तब आप ड्यूरेशन में चले जाओ। आप वेट नहीं करोगे की इंटरस्टेट गिरेगा या इन्टरस्टेट बॉटम आउट हो गया आप इमिजेटली क्रेडिट में चले जाओ। अब वेट नही करोगे इंटरस्टेट बढेगा क्यूंकि मार्केट ऑलरेडी ये अज्यूम करके चलेगा की अब इंटरस्टेट में मूवमेंट आने वाला है और सिर इस पूरे प्रोसेस में अपने कॉरपोरेट वार्ड बताया पी एस फंड बताया बट गवर्नमेंट वाण्ड्स भी बहुत फेमस है तो जूमिंग उसके म्यूचल फंड्स भी फेमस होंगे करेक्ट सो वा नोट इनवेस्ट देर वेरी गुड सो गवर्नमेंट बांड सो फिक्सिंग कम में न 2 रिस्क होता 1 होता है ड्यूरेशन और दूसरा होता है क्रेडिट के उसी को हम कैसे खेल सकते है वो मैंने आपको थोडी देर पहले बताया गवर्नमेंट बॉन्ड्स आर ड्यूरेशन रिस्क बॉन्ड्स ओके। तो जब मैंने आपको कहा लॉन्ग ड्यूरेशन फंड्स में पैसा रोको तो लॉन्ग ड्यूरेशन फंड्स में 80 परसेंट पैसा गवर्नमेंट बॉन्ड्स में ही लगा होता है ओके राइट क्योंकि गवर्नमेंट बॉन्ड्स में क्रेडिट रिस्क नहीं है वो आपका पैसा डूबेगा नहीं करे पर क्यूंकि वो लिस्टेड है वो इन्टरसेट से बहुत ऊपर नीचे करेगा। तो इसलिए गवर्नमेंट एन वेरी ब्रिलियन क्वेश्चन क्योंकि लोगों को ऐसा लगता है गवर्नमेंट बांड में पैसा रोकने से क्या रिस्क है आरोप जब आप गवर्नमेंट बॉन्ड वाले फण्ड में पैसा रोकोगे नही तो आपको ड्यूरेशन रिस्क लगेगा करे तो है आपका पैसा डूबेगा नहीं आरोप सिकलिकर है वो आपको वो ध्यान देना है मतलब वो जैसे कूपन मिलता है 7 रूपए का वो ऐसा नहीं है की इन्वेस्ट कर दिया और वो ही सेम रेट पर मिलता जायेगा। ये थोड़ा समझना भी ट्रिकी है। पर इसलिए मैंने आपको कहा की अगर आपको ये सब डिटेलिंग में नहीं जाना है तो कॉरपोरेट बांड फंड, शोटटमबांडफंड या बैंकिंग पी एस यू ये 3 मस्त फंड्स हैं उस में आपको कोई साइकिल वाइक की टेंशन लेने की जरुरत ही नहीं है। इंटरेस्ट रेट कहा जा रहा है इनफ्लेशन कहाँ जा रहा है। पर अब थोड़ा सा अगर इनफ्लेशन इंटरेस्ट रेट को ट्रैक कर पाओ तो ड्यूरेशन और क्रेडिट और ब्रिलियनबेट्स सर इसमें भी क्या कोई फ्लेक्सी कैप जैसे क्विड में फ्लेक्सी कैप फण्ड होते है क्या इसमें फ्लेक्सी बॉन्ड फण्ड होते है जहाँ पर वेरी गुड क्वेश्न अलग चले जाते। आप 1 डायनामिक बॉन्ड फंड करके 1 फण्ड है जिसमे आप पैसा लगा सकते हो तो आई थिंक थैंक यू फॉर आस्किंग दिस क्वेशन मेक माई लाइफ वेरी इजी। तो आप कुछ भी मत करो और डायनामिक बॉंडफण्डमेंपैसा डाल 2 वो अपने अपने हिसाब से ऊपर नीचे ऊपर नीचे ऊपर नीचे करते रहेगा। glad दिस questin ई थिंक दैट बेटर लोकेशन तो डू इंस्टेंट ऑफ डूइंग कारपोरेट बॉडफणडऔर बैंकिंग पी एस यू और शॉर्ट टम डेट। तो अगर आपको नहीं समझता है तो डायनामिक बॉडफणडकोपैसा और अगर आपको समझता है तो ड्यूरेशन लोग ड्यूरेशन और क्रेडिट खेलो कोई और ऐसी कैटेगरी सर बॉन्ड में है जो हमको पता होनी चाहिए पार्ट फ्रॉम डायनामिक जैसे डायनामिक, अभी, जस्ट, डिस्कवर्ड, राइट, नाव नहीं डायनामिक डायनामिक के अलावा ऐसा कुछ नहीं है। हां अगर आप डेफिनिटली शॉट टम इन्वेस्टिंग करना चाहते हो तो आपको लिक्विड फंड्स अल्ट्रा, शॉट टम फंड, मनी मार्केट फंड्स इनका अंदाजा होना चाहिए। तो अगर आप मान लीजिये सेविंग अकाउंट में पैसा रख रहे हो उससे अच्छा तो आप आप 1 आरबेड्राजफंड में या लिक्विड फंड में पैसा का डिफ्रेंस होगा। सेविंग अकाउंट आपको 3 साढ़े 3 पर्सेंट देता है लिक्विड फंड आपको 6 परसेंट दे देगा ओके पर अगर आप 1 आर्बिटराज फंड में रखोगे तो और ज्यादा एडवांटेज है क्योंकि आरबेट्राजफंड 6 परसेंट देगा आपको पर आरबेटर फंड को अगर 1 साल से ज्यादा आपने रख दिया तो साढ़े 12 साढ़े 12 परसेंट टैक्स है ओके तो आपको 6 परसेंट पर साढ़े 12 लगेगा वर्सेज सेविंग अकाउंट में 3 परसेंट पर 30 परसेंट लग जाएगा या 1 लिक्विड फंड में भी 6 परसेंट पर 30 परसेंट लग जाएगा। और रिस्क मोटा मोटा सेमी है वेरी लो रिस्क कांड फण्ड्स ओके। अब सिर वापस अपने ओरिजनल कैटेगरी पर आते हैं जहाँ पर एटी पर्सेंट पैसा मेरा जा रहा है। यह सो फर्स्ट वा लार्जcapमेंयूसेड, धर पैसिव फंड और फ्लेकी कैप फंड पैसिव में वाटर सम बेसिक रेटीरायसकीअगर मैं सेफ एग्जांपल निफ्टी के कोई फंड में डालना चाह रहा हूँ, कोई बेसिक रेट जहाँ पैसे इनवेस्टिंग में कर रहा हूँ तो कैसे फंड से लेक कर कुछ भी नहीं है इन माई ऑनेस्ट ओपिनियन 5 साल इनवेस्टेड रहोगे तो कोई फर्क नहीं पड़ेगा आपने कैसे इसको सिलेक्ट किया के बेसिक चीज आप देख सकते हो कि उसका टी आर कम है। ओके ठीक है और उसका रिटर्न सिम्पल रखना चाहता हूँ इसलिए कॉम्प्लिकेटेड लैंग्वेज में यूज कर रहा हूँ उसके रिटर्न और इंडेक्स के रिटर्न में बहुत ज्यादा फर्क नहीं है। ओके राइट क्यूकी आपको समझ में है आप निफ्टी फिफ्टी में पैसा लगा रहे हो इंडेक्स फंड के थ्रू। तो आप जब इंडेक्स फंड में पैसा देते हो तो वो वो 50 स्टॉक्स को सेम वेट में रेप्लिकेट करने की कोशिश करता है तो थोड़ा सा एरर आ सकता है जिसे आप ट्रैकिंग एरर निकाल गया डल गया है तो थोडा सा ऊपर नीचे हो सकता है। तो आपको 1 ऐसा फंड चूस करना है की उस फंड का रिटर्न और इंडेक्स के रिटर्न में बहुत ज्यादा डिफ्रेंस नहीं है ये सिर्फ 2 चीज आप देख लोगे अक्रॉस फंड तो आपको पता चल जाएगा और कौन से फण्ड में लेना है ओके फ्लेक्सी में सिर है फ्लेक्सी में तो आपको एक्ली बहुत सारी चीजें देखनी पड़ेगी। सबसे पहले तो बेसिक चीज आपको ये देखनी है कि क्या रिस्क रिटर्न फेवरेबल है या नहीं फण्ड में what do i mean? मे सबसे पहले रिटर्न की बात करते हैं द बिगेस्ट प्रॉब्लम, द मोस्ट पीपल डू इन दिस बिजनेस इस की वो पिछले 3 साल, 5 साल, 10 साल का रिटर्न देख लेते है। वर्ष, इंडेक्स और बोलते हैं यार ये फंड ने तो बड़ा अच्छा किया है वेरी रोंग वे तो लुकैट लुकैट पर्टिकुलर फंड मैं आपको समझाता हूँ क्या आपने 3 साल का रिटर्न देखा किसी 1 फंड का और आपने कहा कि यार इसने तो कितना अच्छा रिटर्न दिया है वर्सेज दे इंडेक्स। तो ये फंड में पैसा रोक लेता हूँ। अब इट इस क्वाइट पॉसिबल के पिछले 1 डेढ़ साल में इस फंड ने इतना अच्छा रिटर्न दिया है की मैथोमेटिकली आपको 3 साल, 5 साल, 7 साल, 10 साल सब अच्छा लगेगा करेक्ट क्यूँ मान लीजिये। इंडेक्स ने दिया 10 परसेंट रिटर्न, इस फंड ने दिया 50 परसेंट रिटन। हाइपोथेटिकल समझने के लिए। तो जब आप 3 साल का रिटर्न निकालोगे उसमे भी ये लास्ट वनीयर का रिटर्न है, करेक्ट 5 साल का निकालोगे, उसमे भी ये लास्ट वनीयर का रिटर्न है। तो पिछला 1 साल इतना अच्छा था न की मैथमेटिकल आपको लगेगा की यार ये फण्ड तो कितना कंसिस्टेंट है। 3 साल में भी अच्छा रिटर्न दे रहा है, 5 साल में भी अच्छा रिटर्न दे रहा है। पर ये जरूरी नहीं है कि उस फण्ड ने कंसिस्टेंटली 3 साल और 5 साल में अच्छा रिटर्न दिया। इस लिए कभी भी 1 साल, 3 साल, 5 साल, 10 साल का रिटर्न देकर। फण्ड चूज न करे। ओके इसका बेस्ट अल्टरनेटिव है। इस टू लुक एट समथिंग कॉलेज रोलिंग रिटर्न ओके क्या होता है सर तो रोलिंग रिटर्न में क्या होता है न रोलिंग रिटर्न का फंडा ये है की मान लो मैं रोलिंग रिटर्न आया किसी 1 फण्ड का। 13 परसेंट, 13 परसेंट का मतलब क्या है। 13 परसेंट का ये मतलब है की अगर मैंने पिछले 10 साल में किसी भी टाइम पे पैसा इन्वेस्ट किया होता, किसी भी टाइम पर और 3 साल इनवेस्टेड किया होता। तो मुझे रिटर्न कितना मिलता 13 परसेंट नो दैट गिव यू कंसिस्टेंसी ऑफ़ द फण्ड राइट की आप आज से पिछले 3 साल नहीं देख रहे। आप बोल रहे हो पिछले 10 साल में चूस डेट ऑफ़ यॉर्क चोइस ओके उस डेट पर इनवेस्ट करता और 3 साल इनवेस्टेड रहता तो कितना मिलता वो एवरेज है ये 13 परसेंट सो व टेल के 10 साल में आप कोई भी डेट उठा लो। 3 साल इनवेस्टेड रहते तो ये एवरेज निकालता और उसमें आपने क्या इंडेक्स को बीट किया है। तब आपको पता चलेगा कि क्या ये फंड कंसिस्टेंट है या नहीं। सो डोंट लुक एट प्वाइंट प्वाइंट रिटर्न 1 साल, 3 साल, 5 साल, 7 साल, 10 साल का रिटर्न लुक एट समथिंग कॉलेज रोलिंग रिटर्न, दैट विल गिव यू कंसिस्टेंसी ऑफ द पोर्ट फॉर यू। आपको देखना है रोलिंग रिटर्न्स रोलिंग रिटर्न्स कहा पर दिखेगा मेजरली सब वेबसाइट्स पर आपको रोलिंग रिटर्न का डेटा पॉइंट दिखता है। एडवाइजर खोज करके 1 वेबसाइट है, मॉर्निंग स्टार करके 1 वेबसाइट है। इन दोनों वेबसाइट्स पर आपको बिना कोई फी पे किए आपको रोलिंग रिटर्न का डेटा दिख जाएगा सो दैट इज द फर्स्ट डेटा पॉइंट दैट यू लुक एट जिसमे आपको रिटर्न और कंसिस्टेंसी का अंदाजा आएगा पर ये रिटर्न और कंसिस्टेंसी कितना रिस्क लेकर आया है यह जानना बहुत जरूरी है। अब मैं आपको समझाता हूँ वो डो मीन आपने 2 फ्लेक्सी कैप फण्ड देखे 1 फ्लेक्सी कैप फण्ड का रोलिंग रिटर्न 12 परसेंट दूसरे फ्लेक्सी कैप फण्ड का रोलिंग रिटर्न 13 परसेंट। अब आप बोलोगे 13 परसेंट वाला फंड अच्छा है क्यूंकि कंसिस्टेंटली 13 पर्सेंट रिटर्न दे रहा है वे दूसरा बर फ्लेक्सी कैप फंड की खासियत है। वो तो फ्लेक्सिबल है की वो लार्ज कैप मिड कैप किधर भी इनवेस्ट कर सकते है। तो मान लो जो 13 परसेंट वाला फण्ड है अगर मैं आपको ऐसा कहूँ की 50 परसेंट पैसा मिड और स्मॉल में और जो 12 परसेंट वाला फण्ड है उसमें 80 परसेंट पैसा लार्ज में और सिर्फ 20 परसेंट मिड स्मॉल तो तो ये 12 13 का नंबर देन बिकम मटीरियल करेक्ट क्यूंकि इसने तो 50 परसेंट मीड स्माल में डाल कर 13 पर्सेंट निकाला और इसने तो सिर्फ 20 परसेंट मिड स्मॉल में डाल कर 12 परसेंट निकाला है। तो यू कैन नोट ओनली लोकेट रिटर्न रिटर्न यू हैव टू रिस्क लुक एट रिस्क कितना लिया उस रिटर्न को जनरेट करने के लिए तो उसमें 2 डेटा प्वॉइंट्स आप देखिये 1 देखिये आप इनफार्मेशन रेशो और दूसरा आप देखे सोटीनोंरेशयो ओके इनफर्मेशन रेशो क्या होता है। और अभी मैं एकदम टेक्निकली करेक्ट न होकर सिम्पली सिटी पर फोकस कर रहा हूँ इनफॉर्मेशन रेशो क्या होता है। इनफार्मेशन रेशो का मतलब है कि मान लीजिये इंडेक्स ने 12 पर्सेंट रिटर्न दिया, आपके फण्ड ने तेरा दिया तो आपके फण्ड ने इंडेक्स को 1 परसेंट से बिट किया 1 परसेंट ज्यादा रिटर्न जनरेट करने के लिए कितना रिस्क लिया। ओके इन्फॉर्मेशन रेशो। तो आपको चाहिए की इनफार्मेशन रेशो ज्यादा हो तो 2 फंड। अगर आप कंपेयर कर रहे हो 1 का इनफार्मेशन रेशो पाइंट फाइव है दूसरे का पॉइंट सिक्स हे तो आपको प्वाइंट सिक्स वाला फ्रंड चाहिए प्वाइंट सिक्स का मतलब है उसने कम रिस्क लिया इन्डेक्स को बीट करने के लिए। ओके सोटी रेशो तो इनफॉर्मेशन क्या कर रहा है इंडेक्स को बीट करने के लिए कितना रिस्क लिया। सोटिनोडाउनसाइड देखर है ओके सोटिनोयेदेखरहे है की आप का डाउनसाइड रिस्क कितना था और उसके सामने कितना रिटर्न लिया अपने इन्फॉर्मेशन में देखा अपसाइड सोतनों में आप देख रहे हो डाउनसाइड के तो ये दोनो का अगर आप कॉम्बिनेशन दे तो आपको अपसाइड डाउन साइड दोनों में कितना रिस्क ले है उसके सामने कितना रिटर्न जनरेट कर रहा है ये दोनों डेटा पॉइंट मिल जाएगा। तो आपको फंड ऐसे सिलेक्ट करना है जिनमे दोनो में सोटीनोऔरइनफॉर्मेशन ज्यादा हो करेक्ट सो रोलिंग रिटर्न ज्यादा चाहिए, इनफॉर्मेशन रेश ज्यादा चाहिए, सोटिनोंरेशओ ज्यादा चाहिए। तो 2 फरण्ड कंपेयर कर रहे हो दोनों में ऐसा फण्ड सेलेक्ट करो की इनफार्मेशन रेशो ज्यादा हो, सोटिनों रेशो ज्यादा हो और रोलिंग रिटर्न बेटर सो बेसिकली मेरे 2 पैरामीटर है रिटर्न का 1 है और इस का 1 है। रिटर्न मैंने रोलिंग से जान लिया न घर से या एच पी आर सी और रिस्क जो है वो मैंने ये दोनों रेशों से जान लिया करेक्ट दीस थ्री रेशो विल हेल्प मी सेलेक्ट मोटा मोटा एज रिटेल इनवेस्टर। आपको इससे बाहर कोई जाने की जरुरत नहीं के as a प्रोफेशनल इन दिस बिजनेस हमलोग बहुत सारी दूसरी चीजें देखते हैं। वी लुक एट, समथिंग कॉलेज, ऑफ़ कैप्चर रेशो डाउन, कैप्चर रेशो, वी, लुक एट एलोकेशन, तो टॉप थ्री सेक्टर्स ओके और वो एलोकेशन कितनी फ्रीक्वेंसी से चेंज हो रहा है। वी लोकेट टॉप फाइव, स्टॉक एलोकेशन, वो कितनी फ्रीक्वेंसी से चेंज हो रहा है। तो हम वी डू लॉट वर्क पर आपको उतना डेप में शायद जानने की जरुरत नहीं है। आप अगर रोलिंग रिटर्न्स इन्फॉर्मेशन और सोटीनोनसिर्फ ये 3 डेटा पॉइंट्स भी देख लेंगे। तो मुझे ऐसा लग रहा है की मोटा मोटा यू, विल, बी, एब्ल, टू डू, गुड, जाफर, योर सेल्फ सिर, फिर भी आम नाइनटी नाइन परसेंट शोर की आज मैं जिस फण्ड में इनवेस्ट करूंगा वो शायद ये तीनों रैंकिंग में अच्छा कर रहा होगा। और 5 साल बाद जब मैं ये फंड देखूंगा तो कोई और फंड का नाम आ रहा करेगा मेरे लिए उस समय इनवेस्टेड रहना कितना इम्पोर्टेंट बहुत ज्यादा इम्पोर्टेंट है इसलिए मैं 1 स्टेप पीछे लूंगा। अभी देखिये मार्केट्स है न सिक्लिकलहैइसका मतलब की 1 फंड जिसने पिछले 2 या 3 सालों में बहुत अच्छा परफॉर्म किया है। न नाईन टेन टाइम द प्रोबेबिलिटी के आगे वाले 3 साल में अच्छा करेगा। इस जीरो, ओके रिपीट करता हूँ। बैक बाई डेटा, बैक बाई डेटा ओके। पिछले 23 सालों में अगर किसी फंड ने बहुत अच्छा परफॉर्म किया है न, तो आगे वाले 23 सालों में यह फंड उतना अच्छा परफॉर्म नहीं करेगा। उसकी प्रोबेबिलिटी सबसे ज्यादा है। क्यूंकि मार्केट सीक्लीकलसीकलीकल का मतलब क्या है? हर फण्ड मैनेजर की 1 स्टाइल है। अगर मैं। आज जब हम रिकॉर्ड कर रहे फोर्टी सेवन म्यूचल फंड हाउसेज हैं इंडिया में अगर उनकी इन्वेस्टमेंट स्टाइल्स को बाईफर्केट करूं तो 3 स्टाइल है फंड जो वैल्यू स्टाइल ऑफ इन्वेस्टिंग फॉलो करते, फण्ड है जो ग्रोथ स्टाइल ऑफ इन्वेस्टिंग फॉलो करते और फण्ड है जो मोमेंटम स्टाइल ऑफ इन्वेस्टिंग फॉलो करता है वैल्यू स्टाइल ऑफ इन्वेस्टिंग क्या होता है। वैल्यू स्टाइल और इन्वेस्टिंग का मतलब है की ये लोग सस्ता स्टॉक खरीदेंगे ग्रोत स्टाइल का मतलब है। यह महंगा स्टॉक खरीदेंगे मोमेंटम का मतलब है। यह जो चल रहा है उसमे पैसा लगायेंगे ग्रोथ का मतलब महंगा, खरीद सेंस कुछ महंगा फॉर रिजन होगा या फिर जस्ट महंगा सो वेरी इंट्रस्टिंग लेट मी हेल्प यू अंडरस्टैंड क्यूँकी आपको शायद ऐसा लगेगा महंगा तो क्यूँ खरीद रहे। लेट अंडरस्टंड पहले वैल्यू से स्टार्ट करेहै। वैल्यू स्टाइल ऑफ इनवेस्टिंग का मतलब क्या है? मान लीजिये मार्केट महंगा लग रहा है। ठीक है आपको ऐसा लग रहा है की यार 10 साल का एवरेज पी मार्केट का 20 ता आज हम 24 पर ट्रेड कर रहे। हाइपोथेटिकल सब कुछ महंगा लग रहा है आपको पर, फिर भी आपके फण्ड में पैसा तो आ रहा है न, आपको एलोकेट तो करना है तो पैसा आ रहा है एलोकेट करनाहै। तो आप महंगे मार्केट में सस्ती चीजें ढूंढने की कोशिश करोगे करेक्ट इसीलिए वेनएवर मार्केट्स और एक्सपेंसिव और पीक वैल्यू स्टाइल ऑफ इन्वेस्टिंग डज वेरी वेल क्यूँ क्यूंकि। हर कोई सस्ता स्टॉक ढूंढना चाहता है और वैल्यू तो सस्ता ही इन्वेस्ट करता है। तो महंगे मार्केट में वैल्यू स्टाइल ऑफ़ फण्ड मैनेजमेंट विल डू वेरी वेल। अब रिवर्स लेते है। मार्केट सस्ता है 30 40 परसेंट टूट चुका है। ठीक है अब में आपको 2 बैंक्स का एग्जाम्पल देता हूँ, 1 बैंक जिसका प्राइस टू बुक रेशो है, स टू उसका वैल्युएशन मे और दूसरा बैंक जिसका प्राइस टू बुक स्त्री। अब वैल्यू इन्वेस्टर 2 में इन्वेस्ट कर रहा है के पर ग्रोथ इन्वेस्टर क्या सोचता है? ग्रोथ इनवेस्टर सोचता है कि मार्केट इसको ज्यादा वैल्यू क्यों दे रहा है? क्यूंकि यह ज्यादा बिजनेस कर पाने वाला है फ्यूचर में। ओके तो अगर सब कुछ सस्ता मिल रहा है तो मुझे ऐसे घोड़े पर पैसा लगाना है जो ज्यादा तेज भागेगा तो ग्रोथ माइडसेट का ग्रोथ इन्वेस्टर का थॉट प्रोसेस या माइंडसेट ये होता तो अगर मार्केट सस्ता मिल रहा है और अगर उसको 2 स्टॉक्स के बीच में चूस करना है और दोनो सस्ते वो दोनो सस्ते में से महंगा वाला स्टॉक चूस करता है। उसको पता है की मार्केट इसको ज्यादा वैल्यू इसलिए दे रहा है क्यूँकी अर्निंग एक्सपेक्टेशन स्टॉक की ज्यादा है तो वो ग्रोथ है मोमेन्टम क्या करता। मोमेंटम टिपिकली ऐसे सेक्टर्स में पैसा लगाता है जहाँ पर ज्यादा पैसा अट्रैक्ट हो रहा है। ओके, तो अगर मान लीजिये 1 पर्टिकुलर आज जब हम डिस्कस कर रहे हैं और आईटी स्टॉक्स अच्छा परफॉर्म नहीं कर रहे हैं और आईटी सेक्टर अंडर प्रेशर है तो मोमेंटम इनवेस्टर आईटी में इनवेस्ट नहीं करेंगे े वैल्यु वाला शायद सोच सकता है कि यार ये तो बहुत सस्ते में मिल रहै मैं खरीद लूंगा दैट्स हाव दे र वेरी डिफ्रेंट फ्रॉम चा ठीक है। अब मार्केट ऊपर जाता है, नीचे आता है, ऊपर जाता है, नीचे आता है इसलिए अलग अलग साइकिल्स में अलग अलग स्टाइल्स अच्छा करके। अब आज जब आपने रोलिंग रिटरनस और इनफॉरमेशन रेशो सोटी रेशयो देख कर आज 1 फण्ड सेलेक्ट कर लिया ठीक है और 5 साल बाद आपको लग रहा है की यार आज तो मेरा फंड अच्छा नहीं कर रहे है। अब आपको समझना है की आपका फंड अच्छा क्यूँ नहीं कर रहा है क्या आपका फंड इसलिए अच्छा नहीं कर रहा है क्यूंकि वो वैल्यू स्टाइल और मार्केट में ग्रोथ सदर रहा है तो आपको कुछ करने की जरुरत नहीं है इसका भी टाइम आएगा ओके यह आपका फंड इसलिए अच्छा नहीं कर रहा है क्योंकि इसने कुछ गलतियां की है ओके की वो था तो वैल्यु स्टाइल फण्ड पर क्योंकि सब डिफेंस की बातें कर रे, इसने डिफेंस खरीद लिया तब आपको यू शुड बी स्केड राइट बस वैल्यू स्टाइल फण्ड है तू क्यूँ डिफेंस खरीद है क्यूंकि सब लोग डिफेंस के बारे में बात कर रहे है। वो तो मोमेंटम वाले का काम है दैट्स रेड फ्लैग शायद आपका फण्ड मैनेजर चेंज हो गया है, अगर आपका फण्ड मैनेजर चेंज हो गया तो पिछला देखा हुआ सब डेटा नलीफाइडहैरनलनवाइड क्यूंकी वो डेटा देखकर आप आज इन्वेस्ट नहीं करोगे नया फंड मैनेजर आएगा वो उसका डेटा नहीं है सो यू हैव टू अंडरस्टैंड कि ये अंडर परफॉर्म क्यूँ कर रहा है। अगर ये अंडर परफॉर्म कर रहा है क्योंकि इसका स्टाइल अगर मार्केट में अलग स्टाइल चल रहा है तो कोई टेंशन लेने की जरुरत नहीं है। एकदम नार्मल है 10 साल में ऐसी 3 साइकिल आएगी जब आपको लगेगा की आपका फण्ड अंडर परफॉर्म कर रहा है। इस नॉर्मल ओके इसीलिए जब आप लार्ज मिड स्मॉल में इन्वेस्ट करो न 1 वैल्यू स्टाइल फंड रखो, 1 मोमेंटम रखो और 1 ग्रोथ रखो, 10 सम पार्ट ऑफ़ योर पोर्टफोलि विल आलवेज डोल के फैक्टर वाइज भी डिवाइड हो गया के सिर फ्लेक्सी के आपने जो 3 पैरामीटर बताया की मैं रोलिंग रिटर्न देख रहा हूँ, इनफरमेशन को देख रहा हूँ क्या मैं जो एक्टिव मेडल स्माल का फण्ड भी सेलेक्ट कर रहा हूँ के में सेम सेम ओके पर अभी मुझे पता नहीं है की व्यूवर्स कितना समझ पाएंगे मैं जो बोल रहा हूँ कोशिश करता एक्सप्लेन करने की तो योर मॉडल पोटफोलियो इस थर्टी थ्री फ्लेक्सी थी थ्री मीड और मल्टी इन थर्टी थ्री स्माल मॉडल पो्टफलियठीकहै। अब इसमें आपको स्टाइल भी एड करना है ह क्योंकि 10 साल में तो 3 बार साइकिल चेंज होगी। तो आप करते हो की फ्लेक्सी में आप वैल्यु स्टाइल वाले फंड मैनेजर को पैसा दीजिए, ओके आप मिड में या मल्टी में आप मोमेंटम वाले फण्ड मैनेजर को पैसा दीजिये और आप स्माल में जो आपका ग्रोथ मेजर, ग्रोथ इंजीनियर वहाँ आप ग्रोथ वाले फंड मैनेजर को पैसा दीजिए। ठीक है मैं आपको इसका लॉजिक भी समझाता हूँ जब आप लार्ज कैप इन्वेस्टिंग कर रहे। वो तो ऑलरेडी ग्रोन कंपनीज है, करे बड़ी बड़ी कंपनी है और इंडिया में तो यू डोंट हैव मेटाएंडटेसलानओल के जो ओवरनाइट इनोवेट करके और वैल्यूशन बढ़ जाए क्रेकट। तो यहाँ तो आप तभी इन्वेस्ट करो जो वैल्यू मिल रही है करे। इसलिए आप फ्लेक्सी में वैल्यू स्टाइल फंड मैनेजर को पैसा देते हो। स्माल कैप्स में तो आप इन्वेस्ट इसलिए कर रहे हो की आपको चाहिए की वो मिड और लार्ज बने। तो उसमे आपको ग्रोथ इन्वेस्टिंग की है। मिड कैप में मैंने जो आपको स्टार्टिंग में समझाया सिर्फ डेढ़ सौ स्टॉक्स हैं करे। मिड कैप में जितना भी पैसा आता है वो सब डेढ़ सौ स्टॉक में जाता है। फंड मैनेजर के पास तो ऑप्शन ही नहीं है। तो मिड कैप इस लार्जलीड्रिविन बाई लिक्विडिटी मोमेंटम करेक्ट। इसलिए वहाँ आप मोमेंटम को पैसा। 2 अब पता नही कितना टेक्निकल है कितने लोग समझ पाएंगे। काफी इजीली समझ में आई है। बट सर मेरा 1 और क्वेश्चन है थोड़ा सा और टेक्निकल जा रहे है। हम थोडा सा इंडि जा रहे हैं लास्ट कैप में। मेरे पास सौ कंपनियां हैं, मिडकैप में डेढ़ सौ है और स्मॉल में थोड़ा सा बड़ा ओपोर्चुनिटी आ जाता है। तो अगर मेरे पास मिडकैप में स्पेशल डेढ़ सौ ही कंपनियां हैं। तो क्या ऐसा होना पॉसिबल है कि सेंस वो यूनिवर्स इतना स्मॉल है। मेडिका। तो वैलुएशन इन मिडकैप विल आलवेज बी ग्रेटर न, वैलुएशन स्माल लार्च ऐब्सोलूटलीयूआर हंड्रेड परसेंट थी करेक्ट। स्माल में ज्यादा होना चाहिए। वॉलुशनबिकजगरोत ज्यादा है एग्जैक्टली। इसीलिए मैंने आपको मिडकैप के सामने 1 मल्टी कैप वाला ऑप्शन दिया था करेबकजमल्टीकैप इज बेटर प्रॉब्लम तो सॉल्व तो आपका रिस्क रिटर्न प्रोफाइल सेम पर डाइवर्सििकेशन काफी बेटर है। अगर पिछले 10 साल का आपको डेटा 2 तो आंसर क्वेश्चन आपको ऐसा लगेगा की स्मॉल में ज्यादा रिस्क ले रहे तो स्मॉल में ज्यादा रिटर्न निकालना चाहिए। पिछले 10 साल में स्मॉल कैप का सी ए जी आर 16 परसेंट है और मिड कैप का 19 परसेंट है। जिसमे तो स्कोप ज्यादा स्माल में होना ही चाहिए। ऑबवियसली बट, इट इज अ लिक्विडिटी, ड्रिवन रैली, राइट क्यूँकी, स्मॉल मीड दोनों अच्छा कर रहे हैं। मार्केट में स्मॉल और मिड दोनों में पैसा आ रहा है। पर जब स्माल में पैसा आ रहा है तो वो 800 स्टॉक में जा सकता है करे। पर मिड में जो पैसा आ रे है डेढ़ सौ स्टॉक में जा रहे है मीड। इस परफॉर्मिंग फ्रॉम स्टॉक, मार्केट, एंगल, मच, बेटर, दैन, द, स्मॉल कैपिस और सिर 1 बहुत अच्छे वैल्यूशन एनालिस्ट ने कहा था और वो बार बार आते है। कहते है ये वाली बात। तो अगर कोई ये वीडियो 2026 में देखते है तो भी रेलवे लगता है। मुझे वो क्वेश्चन 28 में देखेंगे तब भी लगेगा और शायद 22 में देखेगा तब भी लगेगा। बोले इंडियन मार्केट डॉमिनेंटली थोड़े से वर वॉलिवुड रहते हैं करेक्ट। उसका। मेन कारण है कि डी आई के फ्लोज इतने अच्छे क्वोलिटी और स्कोप नहीं है। हमारे पास ज्यादा ऑप्शंस नहीं है। हमारे पास प्लस एफ आई एस भी इसलिए इन्वेस्ट कर लेते है। आफ्टर साइकिल ऑफ वन और टू ईर्स अगर उन्होंने नहीं किया हो। वापिस जाते हैं। क्योंकि उनको फोम हो जाता है की ग्रोइंग इकोनॉमी में मैं पैसा कैसे नहीं डाल रहा हूँ, करेक्ट तो एस आई पी ही फिर जरिया बचता है मेरे पास। अच्छा वैल्यू क्रिएट करने का थ्रू फ्रॉम इंडियन मार्केट एमएफ समय तो ओपोर्चुनिटी बड़ी मिलेगी नहीं सो ई विल आंसर 10 इन थ्री पार्ट विल कम्प्लीटली अग्री तो वाट ही सेइंग और मैं यह बहुत सारे कॉन्वर्सेशन में मेरे ओरिजनली में ये बोल चूका हूँ की इंडिया मार्केट हर बार प्रीमियम पे होगा। one the resons ऑफ़ द प्रीमियम टी इस लिकuidिटीओके क्योंकि आज अगर आप देखो लेजदेनफाइव परसेंट ऑफ इंडिया इस इनवेस्टेड पर फिर भी 30 हजार करोड़ एसआईपी में हर महीना आ रहा इमैजिन इफ वी गो टू ट्वेंटी थर्टी फोर्टी परसेंट ऑफ इंडिया, गेटिंग इनवेस्टेड वो पैसा मार्केट में लगेगा ही respective of the valuation सो, liquidity is a major reson वाई india will always tradita pरemiयमओकेनाव जैसे मैंने कहा की sip बेस्ट वे टू इन्वेस्ट फॉर मोस्ट इनवेस्टर्स आप 1, एसआईपी कमेंट कर 2 और उस एसआईपी पे कंटिन्यू कर 2 आरोप इंडियन मार्केट आपको हर बार 1 ओपोर्चुनिटी देता है मेम्बर ऑफ़ फोट्टी वन टाइम्स ऑफ डिस्कश हर साल 10 परसेंट गिर रहे हैं। इंटायर डालो लमसम तब हर 45 साल में 1, 20 30 परसेंट की ऑपर्चुनिआतीहै डालो लमसम तब 40 50 परसेंट की ओपोर्चुनिटी आती है हर 89 साल में डालो लमसम तब तो ओनली यूज ल सम अदरवाइज यूज एस आई पी टू बी able तो बilडweltorapीरेd अभी सर हमारे पास 5 से 6000 कंपनिया लिस्टेड है क्या ये प्रॉब्लम सॉल्व हो जाएगी जब हमारे पास और आई पी ओ आ जाए और 10, 12 हजार कंपनिया लिस्टेड हो तो शायद वो लिक्विडिटी बढ़ जाए या लिक्विडिटी भी प्रोफोर्चनेटली उतनी ही बढ़ जाएगी। होपफुली बट इल टेल यू आर वेरी इंटरेस्टिंग आंसर। तो योर कवेstoन क्या आपने रियलाइज किया कि कोई जो 1 लाख 2 लाख करोड़ रूपया मैनेज कर रहा है वो बेवकूफ तो नहीं है। आदमी तो क्यूँ लॉस मेकिंग आईपीओ में पैसा लगाता है तो क्या है इन्टरनेट पर इतना हल्ला हुआ होता है की यार रिटेल का पैसा म्यूचल फंड लॉस मेकिंग कंपनी में लगा रहा है। सी आर अंडरस्टैंड द प्रॉब्लेम फर्स्ट आपके पास यूनिवर्सिटी नहीं है ज्यादा पैसा रोकने के लिए वन सेकंड लॉस मेकिंग कंपनी जब लिस्ट हो रही है या बहुत कम प्रॉफिट वाली कंपनीज लिस्ट हो रही है तो आप उसको वैल्युएशन के एंगल से नहीं देख सकते आप लॉस कर रहे तो आपका प्राइस तो सिग्निफिकेंट ली हाई दिखने वाला है बट what if इन द नेक्स्ट टू यर्स देर इज अ पाथ टू मेकिंग प्रॉफिट इन दैट कंपनी। तब आपको रियलाइज होएगा की जो आपको फोर थर्टी फोर फिफ्टी वाला पी दिख रहा था वो ऑटोमेटिकली 50 60 की पी पे आ गया। प्लस मोस्ट ऑफ़ दिस कंपनी लिस्टिंग आर आर हैविंग अ वेरी लार्ज मार्केट शेयर बिकॉज ऑफ टेक राइट तो आज तो वो पैसा बंद करके उसने मार्केट शेयर बना लिया। अब उसको मेहनत करनी है की कैसे मैं अपना एक्सपेंडिचर कम करूँ की ऑटोमेटिकली यह लॉस सिग्निफिकेंट प्रॉफिट में कनवर्ट हो जाए। क्यूंकि मार्केट शेयर तो है ही मेरे पास और मैं और मार्केट शेयर एक्सपैंड कर रहा हूँ, तो मुझे ऐसा लग रहा है की मल्टीपल रीजन लोड ऑफ़ मनी इज गोइंग टू, the new ipos लोड व पीपल हो डोंट रैली, अंडरस्टैंड द मार्केट डायनामिक्स डोंट अंडरस्टैंड करे और सिर, आज के टाइम में मैं इंडिया का कोई भी इंडेक्स खोल के देखता हूँ, मेजोरिटी ऑफ़ द सेक्टर फिनांस ड बैंकिंग यू एस में यही चीज खोले तो टेक दिखता है, इसलिए यू एस और थोड़ा प्रीमियम पर ट्रेड करता है कमरे कंपैर इंडिया। तो मैं कहूँगा शायद माका मार्केट थोड़ा चौर है पैर। तो सो क्या ऐसा होगा की इंडिया में भी जो लोकेशन है वी सी ने द पास्ट थर्टी र्स के टेस्ट चेंज, पहले कुछ था लोकेशन ज्यादा था गैस मेटल यूज टू हैव, वेरी गुड प्रपोस, वो धीरे धीरे से कम हो गया। आज बैंकिंग बहुत ज्यादा है, क्या हम एक्सपेक्ट कर सकते हैं कि फ्यूचर में जितना जितना इंडियन मार्केट ब्राडर होगा, वी गेट मोर टेक कंपनीज और फिर म्यूचल फंड का पैसा उस तरफ ज्यादा जाने लगेगा। और हम थोड़ा न्यूएज कंपनीज की तरफ निवेश। हमारा इंडयरेकटलीहंड्रेट परसेंट लुक आई विल नॉट से की बैंकिंग और फाइनेंशियल सर्विसेज में कम हो जाएगा। bt i विल डेफिनेटली से दैट टेक अनेबल्ड कंपनीज में एक्सपोजर बढ़ जाएगा। will explain to you what i me look? इnडिaइsआवेरी स्मॉlल इकोनमी राइट, हम लोग 45 ट्रिलियन डॉलर की इकॉनमी है बनने की कोशिश कर रहे हैं। वर्सिज समबडी लइक चाइना और यू एस प्रॉबब्ली सिक्स टाइम्स टेन टाइम्स लार्जर सhैजएनकo ऐसी इतनी छोटी इकोनॉमी होने के बावजूद वी आर। still the fort moving to the third largest economy in the world, but the gap बिटवीन than the सेकेंड और थर्ड द फर्स्ट इस यूज करे। अगर आपको आपका डिरेक्शन वाह और आपको उस डिरेक्शन में जाना है यू कैन नोट डूड विदाउट बैंक फाइनेंसिंग करेक्ट तो बैंक इस ऑलवेज गोइंग टू बी अ वेरी लार्ज इंटेग्रल पार्ट ऑफ र कंट्री पटेल टेल यू what i एम विजुaलाइजिंग बल्ट बिजनेस वी एंड अप डूइंग मच बेटर। for example 2 इंडिया में ai इंफ्रास्ट्रक्चर का तो स्कोप बहुत लिमिटेड है राइट लेट से सेमी कंडक्टर्स में हम कोशिश कर रहे हैं, पर हम बहुत पीछे, हम लोग आज भी एट नाइन एन एम चिप्स का डिस्कशन कर रहे हैं। चाइना इस मूव तो वर्ड्स टू थ्री एन एम यू एस बी प्रेशर डाल रहे है टीएसएमसी को यू एस आने के लिए। तो चीप इंफ्रास्ट्रक्चर इस स्लाइटली डिफिकल्ट बट डेटा सेंटर। is something that india is very strongly pusing on? सो जो ai का infrाstरcचr play है विल स्टार्ट moving, तो वर्ड the data centre side of the business n n the infrasidebut a वेरी लार्ज business is a i anablingwhtimen by a i nablinगअपने बजाज का लेटेस्ट कानकाल वाला डिस्कशन सुना होगा राइट इमैजिन फिनटेक फिनटेक के पास इतना डेटा है, आपने उसमे ए आई लगा दिया तो फिनटेक क्या सिग्निटी बेटर इम्प्रूव कर पाएगा लोकेट रीटेल आपने रीटेल में इतना डेटा है आपने उसको ए आई एनेबल कर दिया, क्या सिग्निफिकेंट ली, स्केल कर पाएगा बेटर कर पाएगा तो मुझे ऐसा लग रहा है बैंकिंग फाइनेंशियल सर्विसेज में नोट गेट और अदर बैंकिंग स्पिल नोट गाइट चैलेंजड बट स्टिल have other सेc्टrs which will start complimenting capital markets new company aआईनaबल्डरीटेल बिजनेसज a inable fintेxiयेसब will end up playing a very large ol, if r economy as to really grow एट द सेम टाइम आम होपिंग दैट इंडिया move फ्रॉम सर्विसेज कंट्री तो मोर मैनिफैक्चरिंग एन प्रोडक् ेक्ट कंट्री मैनिफैक्चरिंग में वी आर आलरेडी सींग ऑफ शूट्स के साथ हमारा डील साइन हो गया यूएस के साथ डील होने ऑलमोस्ट थोड़ा सा ऊपर नीचे हो रहा है पर, वो भी हो जाएगा वी साइन जी सी सी वी साइड with ओमान साइड वित न्यूजीलैंड। हम लोग कैनाडा के साथ बात कर रहे हैं, ब्रजील के साथ बात कर रहे हैं। now what will end up happning इस 1 बहुत बड़ा प्राइवेट कैपेक्स लेड मैनुफेक्चरिंग आउटसोर्सिंग बिजनेस और मैनुफेक्चरिंग क्सपोर्टलेड बिजिनेस विल स्टार्ट evolving इन इंडिया तो मुझे ऐसा लग रहा है प्रोडक्ट इस न पार्ट जहाँ पर नोट शोर हम यू एस और चाइना को चैलेंज कर पाएंगे मanिफेक्चरिंग thैंकs all the ट्रेड डील दैट वी आर साइनिंग मेनिफेक्चरिंग कैन बी अ ग्रेड ऑपोर्चuनिटy जहाँ पर प्रोबब्ली इंडिया कैन कमिंग बैक तो सिर और इक्विटी मिंट्लफडिस्कशन मैं जब म्यूचल फंड में इन्वेस्ट करने लगता हूँ तो मुझे 2 तरह के ऑप्शन्स दिखते हैं 1 होता है ग्रोथ प्लान और 1 समथिंग डिविडेंट प्लान होता है मुझे आज तक वो समझ नही आया ग्ाक्लऔरएकडिरेक्ट वर्सेज रेगुलर लिखा हुआ है सो से पहले ग्रोथ और डिविडेंट का आता है क्या मीनिंग होता है मुझे कहाँ करना चाहिए सो आपको ग्रोथ में रहना चाहिए क्यूंकि ग्रोथ का मतलब क्या है की आपने ग्रोथ में पैसा रखा आपने 1 म्यूचुअल फंड में पैसा लगाया म्यूचअल फण्ड को उस स्टॉक में इन्वेस्ट करने की वजह से मान लो को डिविडेंट मिले कुछ कुछ कुछ इनकम हुई तो ये कोई वो इनकम आपके साथ डिस्ट्रीब्यूट नहीं कर रहा है वो इनकम वापस फण्ड में लगाकर स्टॉक्स खरीद लेता है तो उससे आपको 1 कंपाउंडिंग का एडवांटेज मिल रह है वो आपको पे आउट कर देगा तो आपको स्लेबरेट पर टैक्स लग जाएगा और वो पैसा कंपाउंड भी नहीं हो पायेगा तो ग्रोथ अगर आप लोन टम इन्वेस्टर हो तो आपको पैसा ग्रोथ ऑप्शन में ही निवेश करना चाहिए ओके दूसरा ऑप्शन है आई डी सी डब्ल्यू ओ आई डी सी डब्ल्यू इन सिम्पल लैंग्वेज इस डिविडेंट ओके तो फण्ड क्या करता है फण्ड ने कुछ प्रॉफिट बनाया फण्ड को कुछ स्टॉक्स में पैसा लगाकर डिविडेंट मिला ऐसे करके फण्ड के पास जब पैसा थोड़ा सा इकट्ठा हो जाता है तो फंड आपको पैसा एस डिविडेंट पेआउट कर एक्वल में मेरे बैंक में है तो उसमे आपका ग्रोत इम्पैक्ट हो जाएगा कंपाउंडिंग इम्पैक्ट हो जाएगा और इससे आपको 30 परसेंट टैक्स लग जाएगा तो आपने ये जो विड्रा किया उसे 30 परसेंट टैक्स पर ये जो कंपाउंड होते जा रहे है जब विड्रा करोगे साढ़े 12 परसेंट तो कंपाउंडिंग भी हट कर और टैक्स भी ज्यादा भर रहे है। इसलिए ई डी सी डब्ल्यू ऑप्शन इस नोट ग्रेट ऑप्शन तू कौन सेलेक्ट करता है। सर बनता है। अगर देर र सो मनी लॉट पीपल हो सम कैश फ्लो सम पोइंट टाइम तो वो लोग आई डी सी डब्ल्यू की तरफ थोड़े से अट्रैक्ट हो जाते हैं। लाइक से फोर एग्जाम्पल ले से 1 इन्वेस्टर हूँ जिसका जिसकी इनकम 12 लाख रुपए से कम है। अब मुझे कैश फ्लो चाहिए मेरे इन्वेस्टमेंट से तो अगर मैं ग्रोथ ऑप्शन ले रहा हूँ और उसको बेचकर मैं पैसा विड्रॉ कर रहा हूँ। जिसको आप एस डब्लू पी भी कहते हो तो मुझे उस पर कैपिटल गेंस लग जाएगा। यानी मेरी इनकम 12 लाख से कम है फिर भी मुझे उस पर साढ़े 12 परसेंट टैक्स भरना पड़ेगा। ओके पर अगर मेरी इनकम 12 लाख से कम है और मैं आई डी सी डब्लू वाला ऑप्शन लेता हूँ तो ये कैपिटल गेन्स नहीं है यह एस डिविडेंट आ रहा है मुझे तो 12 लाख रुपए तक मुझे कोई टैक्स नहीं है। अगर मैं आई डी सी डब्लू के थ्रू विट्रा करता हूँ। सो समबडी व इन द लोअर टैक्स ब्रैकेट कैन यू आई डी सी डब्लू टू रिमूव मनी में भी दोस्त हो रिटायर्ड और ब द प्रॉब्लम प्रॉब्लम। इस आई डी सी डब्लू में फिक्स पे आउट नहीं है। ओह वो तो फंड के पास पैसा बचेगा तो फंड आपको देगा जरूरी नहीं है। फंड आपको रेगुलर बेसिस पर पैसा दे। फण्ड के पास जितना डिपेंड रह है उतना पूरा पासवान नहीं करेगा सो डिविडेंट इस वन ऑपशन पर डिविडेंट कांस्टेंट थोड़ी है थोड़ी स्टॉक्स हर बार डिविडेंट देंगे। वन सेकंड डिविडेंट का दूसरा मतलब ये है कि फंड अगर प्रॉफिट बना लेता है तो उसको भी पे आउट कर देगा। एस आई डी सी डब्ल्यू सिर्फ डिविडेंट नहीं है पर फण्ड के पास वो पैसा होना चाहिए। आपको पे आउट करने के लिए तो आई डी सी डब्लू में कैश फ्लो गारंटी नहीं है। जॉब के एच डब्ल्यू पी में आपको समझ की आप कौन हो तो डिसाइड के में एच डब्लू पी करूँ की आई डी सी डब्लयू करूँ सर आपने बीच में टम यूज किया एच डब्लू पी और कैसे वो शायद कम बेटर हो सकता है। सम केसेस कंपैट तो आई डी सी डब्लू सो एच डब्लू पी क्या होता है और और भी कोई सिस्टेमेटिक प्लान है जो हमको समझने चाहिए जब में इन्वेस्ट कर रहे है। सो एस डब्ल्यू पी का मतलब है कि आप किसी भी 1 फंड में इनवेस्टेड हो और आप फंड हाउस को ये कह रहे हो कि मुझे हर महीना, हर क्वार्टर, हर सेमी एनुल हर साल वेवर दैट फ्रीक्वेंसी की मुझे 1 एक्स अमाउंट ऑफ़ पैसा मेरे फंड से निकाल कर आप वापस दे दीजिए। सो टिपिकली मान लीजिये आपको कैश फ्लो की जरुरत है। आपने इन्वेस्ट किया हुआ है तो आप एस डब्ल्यू पी का रूट यूज करेंगे। अगर आप अगर आप हायर टैक्स ब्रैकेट में मान लीजिए आपने 1 करोड़ रुपए निवेश कर दिया है। आप फंड को ये कह रहे हो कि मुझे हर महीना 50 हजार रुपए आप विड्रॉ कर के दे। 2 तो 1 पर्टिकुलर डेट पे फंड आपको हर महीना 50 हजार रूपया विड्रा करके देते रहेगा। टिपिकल एच डब्ल्यू पी में ध्यान रखना यह है कि फंड प्रॉफिट बना रहा है या लॉज बना रहे है। आपने उसको 50 हजार बोला तो 50 हजार निकाल कर। आपको दे देगा प्वाइंट ऑन इसपर आपको कैपिटल गेंस लगेंगे। जैसे मैंने आपको समझाया। तो अगर आप एस डब्लू पी टिपिकल उस कीजिये जब आप हायर टैक्स ब्रैकेट में वरना आप आईडी करे। तीसरा। इसलिए मैं लोगों को कहता हूँ जनरल आपको आज आपने पैसा रोका तो इमिजेटली एच डब्ल्यू पी मत कीजिए ओके तो सबसे पहले तो कहाँ रोकना चाहिए। इक्विटी में रोक कर आप एच डब्ल्यू पी करेंगे तो आपके प्रिंसिपल पे इम्पैक्ट आ सकता है। अगर मार्केट गिर रहा है तो हाइब्रिड या डेट फण्ड में पैसा रोक कर ही एस डब्ल्यू पी कीजिए। सेकेंड एस डब्ल्यू पी कर। स्टार्ट करने के पहले आप फण्ड को थोड़ा सा समय दीजिए तो आपने आज सौ रूपया रोका 12 पंद्रह 18 महीना उसे ग्रो होने दीजिये थोड़ा सा कोश्चन बिल्ड होने दीजिये। सौ रुपया 100 8 हो रहा है 110 हो रहा उसके बाद विड्रावल चालू कीजिए तो प्रॉबबिलिटी के सौ रूपए में डिप कर जायेंगे। वो कम होगी एंड लास्ट पॉइंट अगर आपका फंड 8 पर्सेंट रिटर्न जनरेट कर सकता है तो आप 6 परसेंट विड्रॉल कीजिये। साल का आप 8 परसेंट पूरा निकाल लेंगे। तो वापस प्रोबेबिलिटी है की आप फंड में डिप कर जायेंगे। तो ये थोड़ी चीज है जो आपको ध्यान रखने में विड्रॉल रेट और रिटर्न रेट में 23 परसेंट का डिफरेंस रखना चाहिए। ओके और सिर मैंने एस टी पी करके भी कुछ सुनाया है करे तो क्या होता है। सो एस टी पी का मतलब है। मान लीजिये आज आपके पास 5 लाख रुपए और 5 लाख रुपए। आपको पता नहीं है की मैं 1 साथ निवेश करूँ की नहीं करूं। मार्केट अच्छा है या बुरा है तो आप क्या करते हो। आप ये 5 लाख रुपए पहले किसी 1 लिक्विड फण्ड में डाल देते हो फिर आप लिक्विड फण्ड को इंस्ट्रक्ट करते हो की बस या एवरी मंत यह पैसा लिक्विड फण्ड से निकालकर ये एक्विटी फंड में डाल 2 और वो टिपिकल सेम एएमसी के होने चाहिए। ओके यानी अपने ए सी ए में लिक्विड फण्ड में डाले तो उसी एमसी के एक्विटी फंड में पैसा जाएगा। ओके फ्रीक्वेंसी आप डिसाइड करोगे की वीकली डालना है मंथली डालना है तो उससे होगा क्या पूरा 5 लाख 1 साथ नहीं डाल रहे हो पर सिस्टेमेटिकली ट्रांसफर कर रहे। धीरे धीरे करके ओवर द एक्स थ्री मंच सिक्स मंच व पैसा ऑटोमेटिकली लिक्विड फण्ड से एक्विटी फंड में ट्रांसफर हो जाएगा। सर आपने टी ट्वेंटी का। जब हमने एग्रेसिव फूटफॉल बनाया था तो 1 क्वेश्चन मेरे और माइंड में था उसमें की ए टी तो एक्विटी में चला गया और कैसे लोकेट हो रहा है वो भी हमने डिस्कस कर लिया। ट्वेंटी परसेंट आपने डेट एंड गोल्ड बोला था तो गोल्ड वाला एलिमेंट कहा से करू कैसे करू मतलब क्या एम एफ सही तरीका है ईटीएफ या फिजिकल जाके खरीद लो परफेक्ट है आई थिंक आप एम एफ के थ्रू अगर आप ईटीएफ डिरेक्ट स्टॉक इन्वेस्टिंग के लिए आपके पास डीमेट अकाउंट वगैरह है तब किसी भी ब्रोकर के उसपे 1 गोल्ड का ईटीएफ खरीद लीजिए या आप गोल्ड म्यूचल फंड के थ्रू इन्वेस्ट कर लीजिये। आप जब गोल्ड म्यूचल फंड में इन्वेस्ट करते हो तो म्यूचल फंड भी ईटी एफ ही खरीदता है। ओके तो गोल्ड म्यूचल फंड पर आपको 20 पैसा ज्यादा लग जाएगा या 30 पैसा ज्यादा लग जाएगा। वर्सेज बाइंग गोल्ड टी एफ डायरेक्टली पर गोल्ड टी एफ का 1 बहुत बड़ा प्रॉब्लम है गोल्ड ईटीएफ में जब आप निवेश करो तो आपको ध्यान देना है कि क्या वो प्रीमियम पे तो ट्रेड नहीं कर रहा इसका मतलब पॉसिबल है कि गोल्ड उसकी एक्चुअल वैल्यू 200 रूपए है पर वो 210 पर ट्रेड कर रहा है इतना ज्यादा डिमांड है सामने कोई बेचने वाला नहीं है तो आप किसी भी भाव पर उसको खरीद रहे हो। तो गोल्ड ईटीएफ में ये बहुत बड़ा प्रॉब्लम है कि वो 20 पैसा बचाने के लिए जब आप वो लेने जाते हो तो शायद 5 या 10 पर्सेंट प्रीमियम देके। आओगे अब ये प्रीमियम है या नहीं आपको कैसे समझेगा तो आप सिर्फ गूगल कीजिये उस फंड हाउस का जिसका ईटीएफ आप खरीदने की कोशिश कर रहे हो। मान लीजिये निपोन हाइपोथेटिकल तो आप गूगल पर सर्च कीजिए निपोन आई एन ए वी ओके या निपोन की वेबसाइट पर चले जाइए और यह देख लीजिये तो उसकी वेबसाइट पर आपको फेर क्या होनी चाहिए वो आपको दिखाता रहेगा वो फेर 200 और मार्केट में टी ए 210 पर मिल रहा तो आपको पता प्रीमियम पर ट्रेड कर रहा है तो वो ध्यान रखिएगा फेयर न एवी सिर कैसे अपडेट होती है वो लोग रेगुलरली कंटिनी अपडेट करते रहते हैं वेबसाइट पर और क्या सर मैं इसको उल्टा भी देख सकता है। अगर फेरे ने भी ज्यादा है बहु कम प्रोबबिलिटी है तो बहुत कम प्रोबेबलिटी है की वो डिस्काउंट पर ट्रेड होगा। ओके अल रेट सो आपने पहली बार आपने एटीएफ का भी जिक्र किया लॉग वित म्यूचल फंड तो गोल्ड में ही क्यों ईटीएफ का आपने जिक्र किया वैसे भी म्यूचल फंड मे म्यूचल फंड ही। अगर पूरा पोर्टफोलियो म्यूचल फंड बना रहा है तो म्यूचल फंड में कर देता हूँ आप म्यूचल फंड्स भी ईटीएफ यूज कर सकते हो। वो ये सेम लॉजिक है जो पैसिव हमने स्टार्टिंग में डिस्कस किया। ओके। तो जैसे गोल्ड में इंडेक्स फण्ड है वैसे गोल्ड में ईटी एफ है वैसे ही निफ्टी का भी टी एफ है और निफ्टी का भी म्यूचल फंड है ओके सेम चीज है सी टी एफ में खर्चा और कम होगा ओके वर्सेज म्यूचल फंड ईटीएफ भी म्यूचल फंड ही है पर उसमें खर्चा कम होगा। आपको सिर्फ यह ध्यान देना है कि आप प्रीमियम पे तो नहीं खरीद रहे। लाइक से फॉर एग्जामपल इंटरनेशनल फण्ड्स इंटरनेशनल टी एफ आज ऐज हाईएस 20 20 परसेंट प्रीमियम पर ट्रेड कर रहे है तो अब अगर आपको पता नहीं होगा वो 20 पैसा बचाने के चक्कर में आपने ई टी एफ ले लिया तो आपने 20 परसेंट ज्यादा पैसे दे दिए हैं। आपने टेक्निकली कितने सालों की फी 1 साथ दे दी है प्रीमियम पर खरीदने के लिए और सिर इन्वेस्ट करते टाइम डायरेक्ट और रेगुलर भी हमको दिखता है। इन दोनों में क्या डिफरेंस है तो सेम ही फण्ड का नाम आगे डायरेक्ट और आगे रेगुलर करे। सो। डिरेक्ट का मतलब है की आप सीधा म्यूचअल फण्ड कंपनी एम सी सी खरीद रहे हो। ओके रेगुलर का मतलब है की आप किसी के थ्रू जा रहे हो मेरे जैसे किसी 1 डिस्ट्रीब्यूटर के थ्रू जा रहे हो। जहाँ पर मैं आपको बता रहा हूँ की ये 4 फण्ड में आप निवेश कीजिये मैं आपके बिहाफ पर उसे ट्रैक कर रहा हूँ। वगैरह वगैरह तो आप जब मेरे थ्रू जाते हो तो मेरा कमीशन भी इसमें लिंक होता है। ओके। तो जैसे पहले हमने बात की आप डिरेक्ट लोगे तो आपको 50 पैसा, 70 पैसा टी आर पी मिल जाएगा। पर आप अगर रेगुलर मेरे थ्रू लोगे तो आपको डेढ़ परसेंट पर मिलेगा क्योंकि वो बीच में 70, 80 परसेंट पैसा, 90 पैसा मेरा कमीशन है बट उसके बदले में मुझे 1 बहुत अच्छी प्रोफेशनल गाइडेंस मिल जाएहीसोलूटली जो फण्ड के सेक्टर्स को ट्रैक कर रहा है, कमपसलटट्रैककर रहा है तो शायद वो रिटर्न से ईजीली कवर हो जाता हुआ हो। फुली करेक्ट एंड सर पूरे लोकेशन में म होपिंग की 80 बी सी मैंने शुरू किया है। इक्विटी 80 है डेट वर्सेज गोल्ड डेट स्लैश गोल्ड 20 है साइकिल अच्छी है। इक्विटी के लिए वो 80 मेरा 90 परसेंट बन गया। ऑन प्रपोशनेट बेसिस करेक्ट तो 2 आई री बैलेंस, टिपिकल यू, शुड बट यू शुड आलसो भी माइंडफुल के जब आप री बैलेंस करोगे न तो उसमे 1 टैक्स एंगल आ जाता है ओके। तो आप जब वो 10 परसेंट बेच कर वापस गोल्ड और फिक्स में जाने की कोशिश करोगे तो आपको 10 परसेंट पर टैक्स भरना पड़ेगा। तो मुझे ऐसा लग रहा है की री बैलेंस टिपिकल हो सकता है। उतना पुश करते रहे। अगर आपके पास कैश फ्लो है तो ओके आपके पास नया कैश फ्लो है तो उसे आप वो गोल्ड और फिक्स में डाल दीजिये की वो प्रोपोशनल हो जाए तो टैक्स बच जाएगा। क्या टैक्स रहते हैं तीनों सो एक्विटी में 1 साल का टाइम फ्रेम है 1 साल से नीचे। अगर आपने बेचा और आपको प्रॉफिट हुआ है तो उस प्रॉफिट पे आपको 20 परसेंट टैक्स लगता है। 1 साल से ऊपर आपने बेचा तो 1 लाख पचीस हजार पहले टैक्स फ्री है ओकर उसके बाद आपको साढ़े 12 परसेंट टैक्स लगेगा। 1 लाख पचीस मिनट गेंद फ्री है, गेंद फ्री है ओके फस्ट सेकेंड। अब अगर हम डेट की बात करें तो कितने भी समय के लिए आप पैसा रोक लो कोई फर्क नहीं पड़ रहा आपको स्लैब रेट पर ही टैक्स लगेगा ओके और गोल्ड गोल्ड। अगर आप टी के थ्रू कर रहे हो तो क्यूंकि वो ट्रेड हो रहा है तो। उसमे एक्विटी जैसा टैक्सेशन है आपको 1 साल से नीचे 20 परसेंट, 1 साल से ऊपर साढ़े 12 परसेंट और अगर आप म्यूचल फंड के थ्रू ले रहे हो तो 2 साल का इन्वेस्टमेंट पीरियड है 2 साल के ऊपर साढ़े 12 परसेंट हो जाएगा। और सिर जैसे मैं जब स्टॉक लेता बेचता हूँ तो मेर को सरकार टैक्स करती है अगेन यह रेट 20 और साढ़े 12 तो म्यूचल फंड भी तो स्टॉक ले बचे साल के अन्दर तो क्या डबल टैक्सेशन हो जाता है। म्यूचल फंड में आई थिंक दैट द बिगेस्ट एडवांटेज कि मैं लोगों को ये बोलता हूँ की आप म्यूचअल फण्ड के थ्रू इन्वेस्ट करो क्यूँ। सबसे पहले तो देखो ऐसे रीटेल इन्वेस्ट। आपको नहीं पता कौन सा सेक्टर चलेगा उस सेक्टर में कौन सा स्टॉक चलेगा एंड वेरी स्पेसिफिकली सौ रुपया। तो मैं उस स्टॉक में क्या वेट में इन्वेस्ट करो। लोगों को तो पता ही नहीं है यह कितना इम्पोर्ट है पर बहुत इम्पोरटेंट डेटा पॉइंट है। तो मैं इसलिए लोगों को सजेस्ट करता हूँ की आप 1 यार 1 म्यूचल फंड को पैसा दे 2 म्यूचल फंड अपने हिसाब से डिसाइड कर लेगा ये सब और उनको तो आपसे बेटर आता करना प्लस। मान लीजिये आप 10 साल के लिए निवेश कर रहे हो और 10 साल में 1000 बार ट्रांजेक्शन किए खरीदने बेचने के म्यूचल फंड के उसपे आपको कोई टैक्स नहीं लगता इसका मतलब आपने मान लीजिये 1 स्टॉक खुद से खरीदा 120 हो गया आपने वो स्टॉक बेचा क्योंकि अब आपको दूसरा स्टॉक खरीदना है। तो जो 20 रुपए का आपको गेंद हुआ उसके ऊपर पहले आप मान लीजिये ढाई रुपया टैक्स भर रहे। तो बचा वन हंड्रेड एंड सेवेनटीन प्वाइंट फाइव। तो आपका रीमवेस्ट तो हंड्रेड सेवेंटीन प्वाइंट फाइव ओर है पर म्यूचल फंड जब 120 वाला स्टॉक बेचता है उसको पूरा 120 मिलता है और वो पूरा 120 री इन्वेस्ट करता है। तो 10 साल में इतना ओपोर्चुनिटी कोस्ट आपका बच जाता है टैक्स की वजह से कि म्यूचुअल फंड्स में लंबे समय तक इन्वेस्ट कर रहे हो। तो म्यूचुल फण्ड में ही करना चाहिए क्योंकि ये प्रोब्लेम डिरेक्ट कुडी में भी है और ये प्रॉब्लम आपको पीएम एस में भी है क्यूंकि पी एम एस भी आपके अकाउंट में ट्रेड करता है तो पी एम एस में भी आपके पास 117 ही बचेगा वापस री डेप्लॉयमेंट कर गॉड। तो सरवन लास्ट क्वेश्चन क्या हम ये कह सकते हैं कि कैपिटल मार्केट जो इंडिया में ग्रो करेगा म्यूचल फंड उसका फ्लैग बेरर रहा और आगे जाते टाइम में भी म्यूचुअल फंड ही उसको लीड करेगा हंड्रेड परसेंट मुझे कोई डाउट नहीं है इसमें की कैपिटल मार्केट, स्टॉक्स स्पेसिफिकली, म्यूचल फंड्स और समथिंग दैट यू शुड क्लोजली ट्रैक। क्योंकि आज अगर 45 परसेंट ऑफ इंडिया इनवेस्टेड है और ग्लोबली यह नंबर 20 से 50 परसेंट है तो आई सी नो रीजन को ज्यादा से ज्यादा लोग कैपल मार्केट्स में पैसा रोकने आएंगे। अगर इंटरस्टेट इंडिया में फ्यूचर में कम हो जाएंगे और इसका फायदा हंड्रेड परसेंट म्यूचल फंड कंपनी को डेफिनिटली होगा। तो 1 तो इन्वेस्टर बनी है म्यूचल फंड्स के थ्रू क्यूंकि आप 1 प्रोफेशनल इन्वेस्टमेंट मैनेजमेंट सर्विस मिल रही है काम वो लोग अच्छा कर रहे हैं। टैक्स एडवांटेज, इतने सारे हैं सब कुछ है और उसके ऊपर आप म्यूचल फंड के स्टॉक्स को भी कंसीडर कर सकते है इन्वेस्ट करने के लिए और ये एडवाइस नहीं है बट इट्स, वेरी, इंटरेस्टिंग प्ले और सेक्टर टू बी, अ, पार्ट ऑफ, आई थिंक सिर ये पर्टिकुलर शो सभी के लिए 1 कम्प्लीट फ्रेमर प्रोवाइड करता है कि कैसे उनको इन्वेस्ट करना चाहिए। म्यूचल फंड का इन आउट उनको इसमें समझ में आ गया कहा पैसा म्यूचल फंड इन्वेस्ट कर रहा है कैसे टैक्स आर्बिटराज उनके पास और मैं ऐज इन इन्वेस्टर कैसे अपना जो पूरा एलोकेशन है वो मैनेज कर सकता हूँ और कैसे डेप्लॉय कर सकता हूं मार्केट में वो 1 कम्प्लीट गाइडेंस इस पर्टिकुलर शो से लोगों को मिल गई है एंड एम वेरी शोर यहाँ से अगर वो लोग प्रैक्टिकल ल अप्लाई करते हैं चीजें so the do nders with the portfoloanther returns also manage the descaro, i think go all i can say, thank you so much for it on the so।